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क्या हरतालिका तीज पर संगम में महिलाओं ने आस्था की डुबकी लगाई?

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क्या हरतालिका तीज पर संगम में महिलाओं ने आस्था की डुबकी लगाई?

सारांश

प्रयागराज के गंगा तट पर हरतालिका तीज के अवसर पर हजारों महिलाओं ने गंगा स्नान किया। इस पर्व पर उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की। यह दिन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना का भी पर्व है।

मुख्य बातें

हरतालिका तीज का पर्व भक्ति और आस्था का प्रतीक है।
महिलाएं गंगा स्नान कर अपने परिवार के लिए प्रार्थना करती हैं।
इस दिन निर्जला व्रत का विशेष महत्व है।
गंगा स्नान से आत्मिक शांति और सुख-समृद्धि मिलती है।
महिलाओं का सम्मान इस पर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हरतालिका तीज के पावन अवसर पर आस्था की नगरी प्रयागराज के गंगा तट पर महिलाओं ने गंगा स्नान किया। ब्रह्म मुहूर्त से ही हजारों महिलाएं संगम तट पर पहुंचीं और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।

इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी आयु, सुखमय वैवाहिक जीवन और परिवार की मंगल कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है, और संगम तट पर गंगा स्नान को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

स्थानीय निवासी विनिता पांडे ने बताया, "हरतालिका तीज का व्रत बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन गंगा स्नान करने से पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है।"

वहीं, अर्चना श्रीवास्तव ने कहा, "आज मैंने भोले बाबा और गंगा मईया से अपने पति, परिवार और अखंड सुहाग की प्रार्थना की। इस दिन का विशेष महत्व है, और गंगा स्नान से मन को शांति मिलती है।"

तीर्थ पुरोहित गोपाल गुरु ने गंगा स्नान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "हरतालिका तीज पर गंगा स्नान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। खासकर महिलाएं इस दिन अपने पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। पुरुषों को चाहिए कि वे इस दिन महिलाओं का विशेष सम्मान करें।" उन्होंने आगे कहा कि गंगा स्नान से न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि भी आती है।

हरतालिका तीज का यह पर्व भक्ति और आस्था का अनूठा संगम है। प्रयागराज के संगम तट पर सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी, जहां महिलाओं ने गंगा मैया से अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकता को भी दर्शाता है, जहां श्रद्धालु एकजुट होकर अपनी आस्था का प्रदर्शन करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का भी प्रतीक है। महिलाएं इस दिन अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं, जो समाज की मजबूती का संकेत है। ऐसे पर्वों को मनाने से हमारे सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा होती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरतालिका तीज का महत्व क्या है?
हरतालिका तीज का महत्व पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना में है।
इस दिन महिलाएं कौन सा व्रत करती हैं?
महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं।
गंगा स्नान के क्या लाभ हैं?
गंगा स्नान से आत्मिक शांति और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
क्या हरतालिका तीज पर पुरुषों को भी कुछ करना चाहिए?
हाँ, पुरुषों को इस दिन महिलाओं का विशेष सम्मान करना चाहिए।
हरतालिका तीज कब मनाई जाती है?
हरतालिका तीज का पर्व भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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