क्या अनुशासनहीनता के कारण कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया? हरपाल सिंह चीमा
सारांश
Key Takeaways
- कर्मचारियों की अनुशासनहीनता के कारण बर्खास्तगी
- सरकार का कार्यों के प्रति गंभीरता का संदेश
- भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप
- बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की निंदा
- केंद्र सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग
चंडीगढ़, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आबकारी एवं कराधान विभाग से चार कर्मचारियों की बर्खास्तगी को उनकी अनुशासनहीनता का परिणाम बताया।
हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि विभाग के कर्मचारी लंबे समय से काम पर नहीं लौट रहे थे। इस मामले में कई बार उन्हें सूचित किया गया। उनसे संवाद स्थापित करने के लिए कहा गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया। इसी कारण हमने उन्हें बर्खास्त कर दिया। इस कदम से हमने अन्य कर्मचारियों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे अपने कार्यों को लेकर गंभीर रहें और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।
उन्होंने कहा कि मैंने विभाग के सभी कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं कि वे विभाग से संबंधित हर कार्य को नियमों के अनुसार करें। नियमों की अवहेलना न करें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी कार्यशैली से आम जनता को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। हमारा मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है, और यदि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही बरती गई, तो हम इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है।
वहीं, पंजाब सरकार के मंत्री ने भाजपा पर देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है, तब से देश में नफरत का माहौल बना हुआ है। लोगों के बीच नफरत की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है। हमारे देश में सहिष्णुता का माहौल रहा है, और इसे बनाए रखना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के लोग इस एकता और अखंडता को नहीं तोड़ सकते हैं।
उन्होंने भाजपा के बुलेट ट्रेन लाने के वादे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ये लोग इसी तरह के लोकलुभावने वादे करते हैं, लेकिन बाद में इन्हें भूल जाते हैं। अब एक बार फिर से बुलेट ट्रेन लाने का वादा किया गया है। हम आशा करते हैं कि इस बार यह वादा पूरा होगा।
उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर भी चिंता व्यक्त की और केंद्र सरकार से इसे लेकर कठोर कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो कि बिल्कुल निंदनीय है। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मामले में यथाशीघ्र कठोर कदम उठाए।