नशा-मुक्त हरियाणा के लिए CM नायब सिंह सैनी का बड़ा संकल्प, 'संकल्प' सोसाइटी की पहली बैठक में 7 सूत्री रणनीति तय
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 13 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में 'संकल्प' सोसाइटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश को नशा-मुक्त बनाने के लिए एक व्यापक और समन्वित रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे की लत से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसके लिए सरकारी तंत्र के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
सात मुख्य संकल्प: क्या है रणनीति
मुख्यमंत्री सैनी ने बैठक में सात सूत्री संकल्प सामने रखे, जो नशे के खिलाफ इस अभियान की रीढ़ बनेंगे। इनमें पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र को ड्रग-मुक्त बनाना, जिलों को ड्रग तस्करों से साफ करना और केमिस्ट की दुकानों पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, परिवारों को इस लड़ाई में सहभागी बनाना, अस्पतालों में पर्याप्त उपचार सुविधाएँ सुनिश्चित करना और स्कूलों को जागरूकता का केंद्र बनाना भी इन संकल्पों का हिस्सा है।
सातवें और अत्यंत महत्त्वपूर्ण संकल्प के तहत युवाओं को खेल, काउंसलिंग और अन्य सकारात्मक गतिविधियों में सहभागिता के बेहतर अवसर देने पर जोर दिया गया, ताकि वे नशे की ओर आकर्षित न हों।
तस्करी नेटवर्क पर कड़ी नजर: आपूर्ति श्रृंखला तोड़ने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई केवल व्यक्तिगत विक्रेताओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जाँच में यह सुनिश्चित किया जाए कि ड्रग्स किस स्रोत से आ रहे हैं और उनकी आपूर्ति के पीछे कौन-सा संगठित नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस के साथ समन्वय करते हुए तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
यह दिशा-निर्देश इस लिहाज से महत्त्वपूर्ण है कि अक्सर छोटे स्तर के विक्रेता पकड़े जाते हैं, जबकि बड़े तस्करी नेटवर्क अनछुए रहते हैं। सैनी ने इस प्रवृत्ति को सीधे चुनौती देते हुए आपूर्ति श्रृंखला की जड़ तक पहुँचने पर बल दिया।
जवाबदेही और मासिक समीक्षा
मुख्यमंत्री ने 'संकल्प' सोसाइटी को निर्देश दिए कि उसे हर माह अपने कार्यों के ठोस परिणाम प्रस्तुत करने होंगे। ड्रग्स की उपलब्धता में कमी, युवाओं को उपचार सुविधाओं से जोड़ने और नशे की पुनरावृत्ति रोकने के मामले में हुई प्रगति का नियमित आकलन किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
गौरतलब है कि इस तरह की मासिक समीक्षा प्रणाली नशा-मुक्ति अभियानों में एक अपेक्षाकृत नया प्रशासनिक प्रयोग है, जो केवल नीति-घोषणाओं से आगे जाकर क्रियान्वयन की जाँच को केंद्र में रखता है।
जन-जागरूकता अभियान: मैराथन और साइक्लोथॉन
सीएम सैनी ने बताया कि सरकार नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए मैराथन, साइक्लोथॉन और अन्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का अंतिम उद्देश्य महज जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी और दीर्घकालिक समाधान निकालना है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य ड्रग्स की बढ़ती समस्या से जूझ रहे हैं और उत्तर भारत के राज्यों में युवाओं पर नशे के दुष्प्रभाव को लेकर सामाजिक चिंता गहरी होती जा रही है। हरियाणा का यह समन्वित प्रयास नीति, पुलिस और समाज को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है, जिसके परिणाम आने वाले महीनों में सामने आएंगे।