हरियाणा नशा मुक्ति अभियान: सीएम नायब सिंह सैनी ने करनाल में 600 एसएचओ के साथ की विशेष समीक्षा बैठक
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 19 जुलाई 2025 को करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में राज्यभर के लगभग 600 थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ एक विशेष कार्यशाला और समीक्षा बैठक आयोजित की। 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत आयोजित इस बैठक का मकसद प्रदेश को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराना और पुलिस को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय करना है।
बैठक में क्या हुआ
बैठक में हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सैनी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करें और उनके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस अभियान का लक्ष्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की ओर जाने से पहले ही रोकना है।
युवाओं तक पहुँचने की रणनीति
सीएम सैनी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नियमित रूप से जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद करें। उनका कहना था कि इससे न केवल नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलेगी, बल्कि यदि कोई छात्र पहले से इस समस्या से जूझ रहा है तो उसे समय रहते नशा मुक्ति कार्यक्रमों से जोड़ा जा सकेगा। राज्य सरकार प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने और उनकी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी तेज़ी से काम कर रही है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले भी सिरसा, ऐलनाबाद, डबवाली और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में मैराथन, साइक्लोथॉन और जनजागरूकता अभियान चला चुकी है, ताकि युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का भी उल्लेख किया जिसमें भारत को खेलों का वैश्विक केंद्र बनाने और युवाओं को ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तैयार करने की बात कही गई थी।
गैंगस्टरों पर कार्रवाई और पुलिस की सराहना
गैंगस्टरों के विरुद्ध जारी अभियान पर सीएम सैनी ने हरियाणा पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि विदेशों में छिपे अपराधियों को भारत लाकर जेल भेजने में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे युवाओं के साथ मित्रवत व्यवहार अपनाएँ, ताकि वे अपराध और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें।
परिवार और समाज की भूमिका
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और मित्र मंडली पर नियमित नज़र रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार, समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही हरियाणा को नशा मुक्त और सुरक्षित राज्य बनाया जा सकता है। यह बैठक ऐसे समय में आई है जब पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्य नशे की बढ़ती समस्या से जूझ रहे हैं और सीमावर्ती ज़िले विशेष रूप से तस्करी के रास्ते पर हैं।