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हरियाणा नशा मुक्ति अभियान: सीएम नायब सिंह सैनी ने करनाल में 600 एसएचओ के साथ की विशेष समीक्षा बैठक

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हरियाणा नशा मुक्ति अभियान: सीएम नायब सिंह सैनी ने करनाल में 600 एसएचओ के साथ की विशेष समीक्षा बैठक

सारांश

हरियाणा को नशे से मुक्त करने के लिए सीएम नायब सिंह सैनी ने करनाल में 600 थाना प्रभारियों को एक साथ बुलाया — तस्करों पर शिकंजा, स्कूलों में जागरूकता और नशा मुक्ति केंद्रों के विस्तार का तीन-स्तरीय फॉर्मूला। यह 'हरियाणा उदय' अभियान का अब तक का सबसे बड़ा पुलिस-स्तरीय हस्तक्षेप है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल की हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में राज्यभर के लगभग 600 एसएचओ के साथ विशेष कार्यशाला आयोजित की।
बैठक 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत हुई; नशे के कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई और युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नियमित रूप से जाकर छात्रों से संवाद करने को कहा गया।
राज्य सरकार प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या और सुविधाएँ बढ़ाने पर काम कर रही है।
सिरसा, ऐलनाबाद, डबवाली जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में पहले से मैराथन और साइक्लोथॉन जैसे जागरूकता अभियान चलाए जा चुके हैं।
विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को भारत लाने में हरियाणा पुलिस की उपलब्धि को मुख्यमंत्री ने सराहा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 19 जुलाई 2025 को करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में राज्यभर के लगभग 600 थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ एक विशेष कार्यशाला और समीक्षा बैठक आयोजित की। 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत आयोजित इस बैठक का मकसद प्रदेश को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराना और पुलिस को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय करना है।

बैठक में क्या हुआ

बैठक में हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सैनी ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करें और उनके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस अभियान का लक्ष्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की ओर जाने से पहले ही रोकना है।

युवाओं तक पहुँचने की रणनीति

सीएम सैनी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नियमित रूप से जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद करें। उनका कहना था कि इससे न केवल नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलेगी, बल्कि यदि कोई छात्र पहले से इस समस्या से जूझ रहा है तो उसे समय रहते नशा मुक्ति कार्यक्रमों से जोड़ा जा सकेगा। राज्य सरकार प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने और उनकी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी तेज़ी से काम कर रही है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में जागरूकता अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले भी सिरसा, ऐलनाबाद, डबवाली और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में मैराथन, साइक्लोथॉन और जनजागरूकता अभियान चला चुकी है, ताकि युवाओं को खेलों और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का भी उल्लेख किया जिसमें भारत को खेलों का वैश्विक केंद्र बनाने और युवाओं को ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तैयार करने की बात कही गई थी।

गैंगस्टरों पर कार्रवाई और पुलिस की सराहना

गैंगस्टरों के विरुद्ध जारी अभियान पर सीएम सैनी ने हरियाणा पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि विदेशों में छिपे अपराधियों को भारत लाकर जेल भेजने में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे युवाओं के साथ मित्रवत व्यवहार अपनाएँ, ताकि वे अपराध और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें।

परिवार और समाज की भूमिका

मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और मित्र मंडली पर नियमित नज़र रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार, समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही हरियाणा को नशा मुक्त और सुरक्षित राज्य बनाया जा सकता है। यह बैठक ऐसे समय में आई है जब पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्य नशे की बढ़ती समस्या से जूझ रहे हैं और सीमावर्ती ज़िले विशेष रूप से तस्करी के रास्ते पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी ज़मीन पर नतीजों की होगी। सीमावर्ती ज़िलों — विशेषकर पंजाब से लगे — में नशे की तस्करी दशकों पुरानी समस्या है और इसे केवल पुलिसिया कार्रवाई से नहीं सुलझाया जा सकता। नशा मुक्ति केंद्रों के विस्तार का वादा तब तक अधूरा है जब तक उनकी संख्या, स्थान और गुणवत्ता के आँकड़े सार्वजनिक न हों। 'हरियाणा उदय' जैसे अभियानों की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि पुलिस-समाज-परिवार की यह तिकड़ी बैठक कक्ष से बाहर निकलकर मोहल्लों तक कितनी पहुँचती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा नशा मुक्ति अभियान के तहत 600 एसएचओ की बैठक क्यों बुलाई गई?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत प्रदेश को नशे से मुक्त करने के लिए यह बैठक बुलाई, ताकि सभी थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में तस्करों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें और युवाओं को नशे से दूर रखने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
हरियाणा सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार पुलिस अधिकारियों को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेजकर जागरूकता अभियान चला रही है। इसके अलावा नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या और सुविधाएँ बढ़ाई जा रही हैं तथा सिरसा, ऐलनाबाद और डबवाली जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में मैराथन और साइक्लोथॉन जैसे खेल-आधारित जागरूकता कार्यक्रम पहले से चलाए जा रहे हैं।
'हरियाणा उदय' अभियान क्या है?
'हरियाणा उदय' राज्य सरकार का एक व्यापक सामाजिक-सुरक्षा अभियान है जिसके तहत नशा उन्मूलन, युवा जागरूकता और अपराध नियंत्रण को एक साथ संबोधित किया जा रहा है। करनाल में 600 एसएचओ के साथ हुई यह कार्यशाला इसी अभियान का हिस्सा है।
हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ क्या सफलता हासिल की है?
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने विदेशों में छिपे अपराधियों को भारत लाकर जेल भेजने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि राज्य में संगठित अपराध और नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा है।
नशा मुक्ति में अभिभावकों की क्या भूमिका बताई गई?
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और मित्र मंडली पर नियमित नज़र रखें। उनका मानना है कि परिवार, समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयास से ही हरियाणा को वास्तव में नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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