झारखंड में नशामुक्ति अभियान: CM हेमंत सोरेन ने रांची से जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 जून 2026 को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय परिसर से राज्यव्यापी नशामुक्ति जागरूकता अभियान की औपचारिक शुरुआत की, जिसके तहत जागरूकता प्रचार वाहनों को राज्य के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया गया। इन वाहनों का उद्देश्य गाँवों, कस्बों और शहरों तक पहुँचकर नशीले व मादक पदार्थों के सेवन, तस्करी और उनके दुष्प्रभावों के प्रति आम जनता — विशेषकर युवाओं — को सचेत करना है।
अभियान का उद्देश्य और दायरा
राज्य सरकार के अनुसार, यह अभियान झारखंड के समस्त जिलों को कवर करेगा। प्रचार वाहन नशे से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान, कानूनी पहलुओं और बचाव के उपायों की जानकारी स्थानीय स्तर पर देंगे। अभियान का केंद्रीय लक्ष्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर रखकर स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री का संदेश
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नशा केवल किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को संकट में डाल देता है। उन्होंने कहा, 'मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन को नुकसान पहुँचाता है, इसलिए नशे के खिलाफ सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है।
सोरेन ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिजनों, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर ही समाज को इस समस्या से मुक्त किया जा सकता है।
सरकार की दोहरी रणनीति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार एक ओर जनजागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई भी जारी है। यह दोहरी रणनीति — जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई — राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में सरकार के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती है। गौरतलब है कि झारखंड के कई जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल तथा पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उच्च अधिकारियों की उपस्थिति इस अभियान को राज्य सरकार की नीतिगत प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करती है।
आगे की राह
जागरूकता रथ अब राज्य के कोने-कोने तक पहुँचेंगे और स्थानीय समुदायों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे। यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब देशभर में युवाओं में नशे की लत की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर सामाजिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जमीनी स्तर पर जागरूकता और प्रवर्तन दोनों कितने प्रभावी ढंग से लागू होते हैं।