1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

झारखंड में नशामुक्ति अभियान: CM हेमंत सोरेन ने रांची से जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
झारखंड में नशामुक्ति अभियान: CM हेमंत सोरेन ने रांची से जागरूकता रथों को दिखाई हरी झंडी

सारांश

झारखंड सरकार ने नशे के खिलाफ दोहरी रणनीति अपनाई है — जागरूकता और सख्त प्रवर्तन। CM हेमंत सोरेन ने रांची से जागरूकता रथों को रवाना कर राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत की, जिसका निशाना युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाना है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 जून 2026 को रांची के झारखंड मंत्रालय परिसर से राज्यव्यापी नशामुक्ति जागरूकता अभियान की शुरुआत की।
जागरूकता प्रचार वाहन राज्य के सभी जिलों में जाकर नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी पहलू और बचाव के उपाय बताएंगे।
सरकार ने जागरूकता के साथ-साथ नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रवर्तन कार्रवाई की भी बात कही।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ.
इरफान अंसारी , मुख्य सचिव अविनाश कुमार , DGP तदाशा मिश्रा समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान का प्राथमिक लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखकर स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 जून 2026 को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय परिसर से राज्यव्यापी नशामुक्ति जागरूकता अभियान की औपचारिक शुरुआत की, जिसके तहत जागरूकता प्रचार वाहनों को राज्य के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया गया। इन वाहनों का उद्देश्य गाँवों, कस्बों और शहरों तक पहुँचकर नशीले व मादक पदार्थों के सेवन, तस्करी और उनके दुष्प्रभावों के प्रति आम जनता — विशेषकर युवाओं — को सचेत करना है।

अभियान का उद्देश्य और दायरा

राज्य सरकार के अनुसार, यह अभियान झारखंड के समस्त जिलों को कवर करेगा। प्रचार वाहन नशे से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान, कानूनी पहलुओं और बचाव के उपायों की जानकारी स्थानीय स्तर पर देंगे। अभियान का केंद्रीय लक्ष्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर रखकर स्वस्थ समाज के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री का संदेश

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नशा केवल किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को संकट में डाल देता है। उन्होंने कहा, 'मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन को नुकसान पहुँचाता है, इसलिए नशे के खिलाफ सरकार और समाज दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में सर्वोपरि है।

सोरेन ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिजनों, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर ही समाज को इस समस्या से मुक्त किया जा सकता है।

सरकार की दोहरी रणनीति

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार एक ओर जनजागरूकता अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई भी जारी है। यह दोहरी रणनीति — जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई — राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में सरकार के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती है। गौरतलब है कि झारखंड के कई जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल तथा पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उच्च अधिकारियों की उपस्थिति इस अभियान को राज्य सरकार की नीतिगत प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करती है।

आगे की राह

जागरूकता रथ अब राज्य के कोने-कोने तक पहुँचेंगे और स्थानीय समुदायों के साथ सीधे संवाद स्थापित करेंगे। यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब देशभर में युवाओं में नशे की लत की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर सामाजिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जमीनी स्तर पर जागरूकता और प्रवर्तन दोनों कितने प्रभावी ढंग से लागू होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा जमीनी क्रियान्वयन की होगी। झारखंड के सीमावर्ती जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी वर्षों से एक संरचनात्मक समस्या रही है, जिसे केवल जागरूकता वाहनों से नहीं सुलझाया जा सकता। सरकार ने 'दोहरी रणनीति' का उल्लेख किया है — जागरूकता और प्रवर्तन — लेकिन प्रवर्तन के ठोस आँकड़े या लक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए। बिना मापने योग्य परिणामों और जवाबदेही ढाँचे के, यह अभियान प्रतीकात्मक बनकर रह जाने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड का नशामुक्ति जागरूकता अभियान क्या है?
यह झारखंड सरकार द्वारा 15 जून 2026 को शुरू किया गया राज्यव्यापी अभियान है, जिसमें जागरूकता प्रचार वाहन सभी जिलों में जाकर नशे के दुष्प्रभाव, कानूनी पहलू और बचाव के उपायों की जानकारी देंगे। अभियान का मुख्य लक्ष्य युवाओं को मादक पदार्थों से दूर रखना है।
CM हेमंत सोरेन ने अभियान की शुरुआत कहाँ से की?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची स्थित झारखंड मंत्रालय परिसर से जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। ये वाहन अब राज्य के विभिन्न जिलों में जाएंगे।
इस अभियान से कौन प्रभावित होगा और इसका फायदा किसे मिलेगा?
अभियान मुख्य रूप से युवाओं को लक्षित करता है, लेकिन इसका दायरा गाँवों, कस्बों और शहरों तक फैला है। नशे की लत से प्रभावित परिवारों और समुदायों को जागरूकता एवं कानूनी जानकारी मिलने से दीर्घकालिक लाभ अपेक्षित है।
झारखंड सरकार नशे पर अंकुश लगाने के लिए और क्या कर रही है?
जागरूकता अभियान के साथ-साथ सरकार नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रवर्तन कार्रवाई भी जारी रखे हुए है। मुख्यमंत्री सोरेन ने इसे 'दोहरी रणनीति' बताया — एक तरफ जनजागरूकता, दूसरी तरफ कानूनी सख्ती।
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे?
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल और पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले