हरियाणा विधानसभा शीतकालीन सत्र: क्या कांग्रेस ने सरकार को घेरा, शिक्षा-स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए?

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हरियाणा विधानसभा शीतकालीन सत्र: क्या कांग्रेस ने सरकार को घेरा, शिक्षा-स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए?

सारांश

हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो चुका है। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का ऐलान किया है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई। क्या यह सत्र सरकार के लिए चुनौती बनेगा?

मुख्य बातें

हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र आरंभ हुआ।
कांग्रेस विधायक ने सरकार पर शिक्षा और स्वास्थ्य में लापरवाही का आरोप लगाया।
किसानों के नुकसान की जांच की मांग की गई।
खेलों में अव्यवस्था के कारण खिलाड़ियों की मौत का मामला उठाया गया।
EWS आय सीमा बढ़ाने की मांग की गई।

चंडीगढ़, 18 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार से आरंभ हो चुका है, और इस सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा जनता की आवाज का सबसे सशक्त मंच है और इस सत्र में सरकार को हरियाणा की असली चुनौतियों का सामना करना होगा।

कांग्रेस विधायक अरोड़ा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आदर्श स्थिति में किसी भी सरकार का ध्यान बेहतर शिक्षा, सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत कानून-व्यवस्था पर होना चाहिए, लेकिन हरियाणा में स्थिति इसके बिलकुल विपरीत है।

अरोड़ा ने चिंता जताई कि राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति यह है कि अस्पतालों में डॉक्टर नहीं मिलते। दवाई कभी होती है, तो उसे देने वाला स्टाफ नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते अपराध ने आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। अशोक अरोड़ा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही ने खिलाड़ियों की जान तक ले ली।

उन्होंने कहा कि खेलों में सरकारी अव्यवस्था के कारण दो खिलाड़ियों की मौत हो गई। इस मुद्दे को सदन में ज़रूर उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की कि सरकार खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर तुरंत कदम उठाए।

अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। राज्य सरकार भी अब इसे स्वीकार कर रही है और उसी आधार पर अधिकारियों पर कार्रवाई हो रही है। अब यह जानना जरूरी है कि यह नुकसान किन राजनीतिक संरक्षण में हुआ। उनका दावा है कि बिना राजनीतिक शह के इतनी बड़ी गड़बड़ी संभव नहीं।

कांग्रेस विधायक ने राज्य में EWS की आय सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपए करने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि जब क्रीमी लेयर के लिए 6 से 8 लाख किया जा सकता है, तो EWS में क्यों नहीं? केंद्र सरकार ने भी यह बढ़ोतरी की है।

अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि इस सत्र में कांग्रेस जिन प्रमुख मुद्दों को उठाएगी, उनमें दो खिलाड़ियों की मौत का मामला, किसानों को हुए आर्थिक नुकसान की जांच, EWS आय सीमा बढ़ाने की मांग, स्वास्थ्य एवं शिक्षा ढांचे में सुधार के साथ-साथ बढ़ते अपराध और सुरक्षा चुनौतियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह सत्र जनता की उम्मीदों को आवाज देने का है। हम चाहेंगे कि सरकार इन सभी बिंदुओं पर ध्यान दे।

संपादकीय दृष्टिकोण

हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का एक मंच है। विपक्ष की सक्रियता सरकार की नीतियों पर प्रश्न उठाने का एक अवसर है। यह सत्र केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि जनता के असली मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करने का समय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा विधानसभा शीतकालीन सत्र में क्या चर्चा होगी?
सत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, और किसानों के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने क्या मुद्दे उठाए?
उन्होंने शिक्षा में शिक्षक की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, और बढ़ते अपराध पर सवाल उठाए।
राष्ट्र प्रेस