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क्या हजरतबल दरगाह विवाद पर इल्तिजा मुफ्ती ने पुलिस कार्रवाई को बेतुका बताया?

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क्या हजरतबल दरगाह विवाद पर इल्तिजा मुफ्ती ने पुलिस कार्रवाई को बेतुका बताया?

सारांश

हजरतबल दरगाह विवाद पर इल्तिजा मुफ्ती की प्रतिक्रिया से जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ गए हैं। क्या वक्फ बोर्ड ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई? जानिए इस विवाद की जड़ें और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ।

मुख्य बातें

हजरतबल दरगाह विवाद में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला।
इल्तिजा मुफ्ती की प्रतिक्रिया ने विवाद को और बढ़ाया।
वक्फ बोर्ड की जिम्मेदारी पर सवाल।
राजनीतिक प्रतीकों का धार्मिक स्थलों पर उपयोग निंदनीय।

श्रीनगर, 6 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। हजरतबल दरगाह विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई को चौंकाने वाला और बेतुका बताया है। इल्तिजा ने वक्फ बोर्ड पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई है।

इल्तिजा मुफ्ती ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, "यह बेहद चौंकाने वाला और बेतुका है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दी, जबकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि हजरतबल दरगाह में धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई।"

इल्तिजा ने अपने 'एक्स' पोस्ट में वक्फ बोर्ड की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "वक्फ पूरी तरह से मुसलमानों का है, फिर भी उन्होंने घोर उपेक्षा और असंवेदनशीलता दिखाई। इन लोगों पर तुरंत मामला दर्ज होना चाहिए।"

दरअसल, हजरतबल दरगाह में हुई घटना को लेकर विवाद शुरू हुआ, जहां कथित तौर पर एक राजनीतिक प्रतीक का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना के बाद, दरगाह की पवित्रता को ठेस पहुंचने को लेकर लोगों में नाराजगी है। पुलिस ने इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की है।

वहीं, इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए पीपल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी के संस्थापक सज्जाद लोन ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए चिंता व्यक्त की।

सज्जाद लोन ने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए कहा कि एक पवित्र धार्मिक स्थल के भीतर किसी राजनीतिक प्रतीक का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

अपने 'एक्स' पोस्ट में सज्जाद लोन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हजरतबल दरगाह में हुई घटनाओं का क्रम दुर्भाग्यपूर्ण है। एक पूज्य धार्मिक स्थल के अंदर किसी प्रतीक का उपयोग करना निंदनीय है।"

बता दें कि हजरतबल दरगाह में शुक्रवार को मार्बल की प्लेट पर अशोक चिह्न की उकेरी प्रतिकृति पर वहां मौजूद कुछ लोगों ने एतराज जताया और इसे इस्लाम के खिलाफ बताया। मामले ने तूल पकड़ा और वहां तनाव पैदा हो गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजरतबल दरगाह विवाद क्या है?
हजरतबल दरगाह विवाद उस घटना को संदर्भित करता है, जिसमें एक राजनीतिक प्रतीक का इस्तेमाल किया गया था, जिससे वहां धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
इल्तिजा मुफ्ती ने पुलिस कार्रवाई पर क्या कहा?
इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई को चौंकाने वाला और बेतुका बताया।
क्या वक्फ बोर्ड पर सवाल उठाए गए हैं?
हाँ, इल्तिजा मुफ्ती ने वक्फ बोर्ड की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें मुस्लिम समुदाय की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए।
इस विवाद का राजनीतिक पहलू क्या है?
इस विवाद ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को अपनी राय व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
क्या इस घटना से तनाव बढ़ा है?
हाँ, इस घटना के बाद हजरतबल दरगाह में तनाव पैदा हो गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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