राजनाथ सिंह ने खेल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए पीपीपी मॉडल का समर्थन किया

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राजनाथ सिंह ने खेल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए पीपीपी मॉडल का समर्थन किया

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खेल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी का समर्थन किया। उन्होंने पोलो और अन्य खेलों में भारत की पहचान को मजबूत करने का आश्वासन दिया।

Key Takeaways

  • खेल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल का समर्थन।
  • पोलो को भारत का 'हेरिटेज स्पोर्ट' मानना।
  • सरकार और निजी क्षेत्र का सहयोग आवश्यक।
  • खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम का महत्व।
  • युवाओं को उत्कृष्टता का नया मंच।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की खेल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) का समर्थन किया है।

रविवार को एक पोलो टूर्नामेंट में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "सरकार कई पहलों के माध्यम से देश में एक मजबूत खेल संस्कृति को विकसित कर रही है, जहाँ एथलीट्स और युवाओं को अवसर, संसाधन और सम्मान प्राप्त होंगे।"

राजनाथ सिंह ने आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में भारत खेलों में, विशेषकर पोलो में, एक मजबूत वैश्विक पहचान स्थापित करेगा, बशर्ते कि सरकार, निजी क्षेत्र और विभिन्न सामाजिक समूह एक साथ काम करें। पोलो भारत की खेल परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है और इसे सही मायने में भारत का 'हेरिटेज स्पोर्ट' कहा जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय सेना ने पोलो खेल में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सामने लाने और इसके समृद्ध इतिहास को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

राजनाथ सिंह ने कहा, "इंडियन पोलो एसोसिएशन के सहयोग से, भारतीय सेना ने इस विरासत को जीवंत और प्रासंगिक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम मिलकर भारत में पोलो और अन्य खेलों के लिए एक सकारात्मक वातावरण बनाएंगे। इससे हमारी युवा प्रतिभाओं को उभरने और देश का नाम रोशन करने का अवसर मिलेगा।"

उन्होंने बताया कि 'खेलो इंडिया' और 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' जैसी पहलों द्वारा खेल बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसने युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने का एक नया मंच प्रदान किया है।

उन्होंने आगे कहा कि 'राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम' और 'खेलो भारत नीति' प्रतिभाशाली एथलीट्स के लिए बड़े लाभ देने के लिए तैयार हैं और खेल संगठनों में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रोत्साहित करेंगे।

राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह निजी भागीदारी ने औद्योगीकरण, प्रौद्योगिकी और शिक्षा में नई ऊर्जा और गति दी है, उसी प्रकार निजी खिलाड़ी और उद्योग के हितधारक एक पेशेवर दृष्टिकोण और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ एक स्थायी सहायता प्रणाली का विकास करेंगे। इससे एथलीट्स को बेहतर कोचिंग, विश्वस्तरीय सुविधाओं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के अवसर प्राप्त होंगे।

Point of View

बल्कि भारत की खेल संस्कृति को भी मजबूती देगा।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

राजनाथ सिंह ने किस मॉडल का समर्थन किया?
राजनाथ सिंह ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का समर्थन किया है।
भारत की खेल अर्थव्यवस्था को कैसे बढ़ावा दिया जाएगा?
सरकार, निजी क्षेत्र और विभिन्न सामाजिक समूहों के सहयोग से खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करके।
पोलो को भारत का क्या कहा जा सकता है?
पोलो को सही मायने में भारत का 'हेरिटेज स्पोर्ट' कहा जा सकता है।
क्या भारतीय सेना का पोलो में योगदान है?
भारतीय सेना ने पोलो के खेल में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम का क्या महत्व है?
ये पहलें खेल बुनियादी ढांचे के विकास और युवा खिलाड़ियों की उत्कृष्टता को बढ़ावा देती हैं।
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