तमिलनाडु के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 40 किमी/घंटा तेज हवाएं और बिजली गिरने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने 22 जून, सोमवार को तमिलनाडु के पाँच जिलों — कोयंबटूर (पहाड़ी क्षेत्र), नीलगिरी, डिंडीगुल, थेनी और शिवगंगा — में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इन इलाकों में 40 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी संभावना है।
मौसमी तंत्र की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊँचाई पर रायलसीमा और उसके आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। यह मौसमी तंत्र दक्षिण भारत के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है और अगले कुछ दिनों तक इसके बने रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा मौसमी परिस्थितियाँ राज्य भर में व्यापक वर्षा के लिए अनुकूल हैं। 27 जून तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई स्थानों पर बारिश का अनुमान लगाया गया है।
चेन्नई में मौसम का हाल
चेन्नई और आसपास के इलाकों में सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दिन के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का अनुमान है। हालाँकि बारिश से गर्मी में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन उमस का स्तर काफी अधिक रहने की आशंका है।
आरएमसी के अनुसार, चेन्नई में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जिससे छिटपुट बारिश के बावजूद मौसम गर्म बना रहेगा। न्यूनतम तापमान मौसमी औसत के करीब रहने की उम्मीद है।
तापमान और राहत का अनुमान
आरएमसी ने बताया कि 25 जून तक तमिलनाडु में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है। अनुमानित बारिश से राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में दिन के तापमान को कम करने में मदद मिल सकती है।
आम जनता और किसानों को सलाह
अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों — विशेष रूप से जलाशयों और पहाड़ी क्षेत्रों के निकट रहने वाले लोगों — को भारी बारिश और आंधी के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है। किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को मौसम अपडेट पर निरंतर नजर रखने के लिए कहा गया है।
आगे क्या
मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे बदलते हालात पर नजर बनाए रखेंगे और यदि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ती है तो नए अपडेट जारी किए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ रही है और कई राज्य भारी वर्षा के लिए तैयार हो रहे हैं।