क्या केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को बाढ़ और भूस्खलन से उबरने में मदद के लिए 2006 करोड़ रुपए के कोष को दी मंजूरी?

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क्या केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को बाढ़ और भूस्खलन से उबरने में मदद के लिए 2006 करोड़ रुपए के कोष को दी मंजूरी?

सारांश

हिमाचल प्रदेश को 2023 में आई बाढ़ और भूस्खलन से उबरने के लिए, केंद्र सरकार ने 2006.40 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है। यह कदम प्राकृतिक आपदाओं के बाद पुनर्निर्माण प्रक्रिया को गति देगा।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 2006.40 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी।
यह हिमाचल प्रदेश की रिकवरी और पुनर्निर्माण योजना के लिए है।
यह राशि एनडीआरएफ के तहत आएगी।
पहले भी 633.73 करोड़ रुपए की सहायता दी जा चुकी है।
यह सहायता एसडीआरएफ के अतिरिक्त है।

नई दिल्ली, 18 जून (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति ने हिमाचल प्रदेश को 2023 की बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने के बाद की स्थिति में रिकवरी और पुनर्निर्माण योजना के लिए केंद्रीय सहायता के रूप में 2006.40 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।

वित्त मंत्री, कृषि मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष की सदस्यता वाली समिति ने राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) के तहत रिकवरी और पुनर्निर्माण फंडिंग विंडो से राज्य को वित्तीय सहायता के प्रस्ताव पर विचार किया।

यह रिकवरी योजना राज्य को 2023 के मानसून के दौरान बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन के कारण होने वाली क्षति और विनाश के कारण रिकवरी और पुनर्निर्माण गतिविधियों में मदद करेगी।

इस 2006.40 करोड़ रुपए में से 1504.80 करोड़ रुपए एनडीआरएफ के तहत रिकवरी और पुनर्निर्माण फंडिंग विंडो से केंद्र का हिस्सा होगा।

इससे पूर्व, गृह मंत्रालय ने इस आपदा से प्रभावित हिमाचल प्रदेश को राहत कार्यों के लिए 12 दिसंबर 2023 को ही एनडीआरएफ से 633.73 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मंजूरी दी थी।

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने शहरी बाढ़ के लिए 3075.65 करोड़ रुपए, भूस्खलन के लिए 1000 करोड़ रुपए, जीएलओएफ के लिए 150 करोड़ रुपए, जंगल की आग के लिए 818.92 करोड़ रुपए, बिजली गिरने के लिए 186.78 करोड़ रुपए और सूखे के लिए 2022.16 करोड़ रुपए के साथ खतरों के जोखिम को कम करने के लिए 7253.51 करोड़ रुपए के समग्र वित्तीय परिव्यय के साथ कई शमन परियोजनाओं को मंजूरी दी थी।

बयान के अनुसार, यह अतिरिक्त सहायता केंद्र द्वारा राज्यों को राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) में जारी की गई धनराशि के अतिरिक्त है, जो पहले से ही राज्यों के पास है।

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ के तहत 28 राज्यों को 20264.40 करोड़ रुपए और एनडीआरएफ के तहत 19 राज्यों को 5160.76 करोड़ रुपए जारी किए हैं।

इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष से 19 राज्यों को 4984.25 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष से 08 राज्यों को 719.72 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं।

बयान में आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक और अन्य आपदाओं के दौरान राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के आपदा प्रतिरोधी भारत के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय ने देश में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह केंद्र सरकार की आपदा प्रबंधन में गंभीरता को भी दर्शाती है। यह एक ऐसा कदम है जो प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को कितनी राशि की मंजूरी दी?
केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को बाढ़ और भूस्खलन से उबरने के लिए 2006.40 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है।
यह राशि किस प्रकार की सहायता है?
यह राशि केंद्रीय सहायता के रूप में दी गई है, जो रिकवरी और पुनर्निर्माण योजना के लिए है।
इस राशि का उपयोग कैसे किया जाएगा?
इस राशि का उपयोग बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने के कारण हुई क्षति और विनाश के पुनर्निर्माण में किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने पहले भी कितनी सहायता दी थी?
केंद्र सरकार ने पहले भी 12 दिसंबर 2023 को 633.73 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी थी।
क्या यह सहायता राज्य आपदा मोचन निधि के अतिरिक्त है?
हाँ, यह अतिरिक्त सहायता राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) में जारी की गई धनराशि के अतिरिक्त है।
राष्ट्र प्रेस