7 जुलाई 2026
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हिमांशु सिंह हत्याकांड: BJP ने झारखंड राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, CBI जांच की उठाई माँग

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हिमांशु सिंह हत्याकांड: BJP ने झारखंड राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, CBI जांच की उठाई माँग

सारांश

जमशेदपुर में 27 जून को पुलिस की कथित मौजूदगी में हुई हिमांशु सिंह की हत्या अब राजनीतिक मोर्चे पर पहुँच गई है। BJP ने राज्यपाल से CBI जाँच की माँग कर राज्य पुलिस की निष्पक्षता पर सीधा सवाल उठाया है — और पीड़ित पिता खुद प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।

मुख्य बातें

BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 7 जुलाई 2026 को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को ज्ञापन सौंपा।
27 जून को जमशेदपुर के आदित्यपुर क्षेत्र में कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की हत्या हुई।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और मृतक के पिता अरविंद सिंह भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।
BJP ने डीडी बार संचालक नीरज सिंह को राजनीतिक दुर्भावना से फँसाए जाने का आरोप लगाया।
पार्टी ने पुलिस की भूमिका की स्वतंत्र जाँच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने 7 जुलाई 2026 को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से रांची स्थित लोकभवन में मुलाकात कर जमशेदपुर हिमांशु सिंह हत्याकांड की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की माँग को लेकर ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल

BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पहुँचे इस प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा और मृतक के पिता अरविंद सिंह समेत अन्य नेता उपस्थित रहे। परिवार का राज्यपाल तक सीधे पहुँचना इस बात का संकेत है कि पीड़ित पक्ष को राज्य पुलिस की जाँच पर भरोसा नहीं रहा।

मुख्य आरोप: पुलिस की मौजूदगी में हुई हत्या

ज्ञापन में BJP ने आरोप लगाया कि 27 जून को जमशेदपुर के आदित्यपुर क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की हत्या की गई, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। पार्टी का आरोप है कि घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की अब तक समुचित जाँच नहीं हुई और मामले को मूल तथ्यों से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

पार्टी का यह भी कहना है कि पुलिस अपनी विफलता को छिपाने के लिए जाँच को दूसरी दिशा में ले जा रही है — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

नीरज सिंह पर राजनीतिक दुर्भावना का आरोप

ज्ञापन में BJP ने यह भी दावा किया कि डीडी बार के संचालक नीरज सिंह को राजनीतिक दुर्भावना के तहत इस मामले में फँसाया गया है। पार्टी के अनुसार, घटना के समय नीरज सिंह मौके पर मौजूद नहीं थे और उनका प्रतिष्ठान वैध लाइसेंस के तहत संचालित था। ज्ञापन में उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई को भी अनुचित बताया गया है।

सीबीआई जाँच की माँग क्यों

BJP ने राज्यपाल से आग्रह किया कि यदि जाँच के दौरान किसी स्तर पर पुलिस या अन्य अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी का कहना है कि पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने भी मौजूदा जाँच प्रक्रिया पर अविश्वास जताते हुए CBI जाँच की माँग की है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर दबाव बना रहा है।

आगे क्या होगा

राज्यपाल ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया है, हालाँकि उनकी ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। CBI जाँच का आदेश देने का अधिकार राज्य सरकार अथवा न्यायालय के पास है; राज्यपाल इस संदर्भ में केवल सिफारिश कर सकते हैं। मामले में अगली कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी व्यावहारिक सीमाएँ हैं — राज्यपाल CBI जाँच का आदेश सीधे नहीं दे सकते। असली सवाल यह है कि 27 जून की घटना में पुलिस की कथित मौजूदगी के बावजूद अब तक किसी कर्मी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि BJP के आरोप सही हैं, तो यह महज एक हत्याकांड नहीं, बल्कि राज्य तंत्र की जवाबदेही का मामला है। झारखंड में यह पहली बार नहीं है जब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हों — लेकिन इस बार पीड़ित परिवार का सीधे राजभवन तक पहुँचना दर्शाता है कि स्थानीय न्याय-तंत्र पर भरोसा टूट चुका है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमांशु सिंह हत्याकांड क्या है?
हिमांशु सिंह की हत्या 27 जून 2026 को जमशेदपुर के आदित्यपुर क्षेत्र में कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी में हुई। BJP के अनुसार इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
BJP ने CBI जाँच की माँग क्यों की?
पार्टी का आरोप है कि राज्य पुलिस जाँच निष्पक्ष नहीं रही और मामले को मूल तथ्यों से भटकाने का प्रयास हो रहा है। BJP का कहना है कि पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग भी मौजूदा जाँच पर भरोसा नहीं करते, इसलिए स्वतंत्र एजेंसी से जाँच ज़रूरी है।
नीरज सिंह कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
नीरज सिंह जमशेदपुर में डीडी बार के संचालक हैं। BJP का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक दुर्भावना के तहत मामले में फँसाया गया है, जबकि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे और उनका प्रतिष्ठान वैध लाइसेंस के तहत चल रहा था।
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने से क्या होगा?
राज्यपाल CBI जाँच का सीधा आदेश नहीं दे सकते — यह अधिकार राज्य सरकार या न्यायालय के पास है। राज्यपाल केवल राज्य सरकार को सिफारिश कर सकते हैं या मामले को केंद्र के संज्ञान में ला सकते हैं।
BJP के इस प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया। इसमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी , प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही , प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह , प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह , जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा और मृतक के पिता अरविंद सिंह शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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