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क्या गोपाल खेमका हत्याकांड कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है?

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क्या गोपाल खेमका हत्याकांड कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है?

सारांश

पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजद और जदयू दोनों ने प्रतिक्रिया दी है, जबकि सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। एसआईटी का गठन इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

मुख्य बातें

गोपाल खेमका की हत्या ने बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पप्पू यादव ने सीबीआई जांच की मांग की है।
हत्या के मामले में एसआईटी का गठन किया गया है।
राजद और जदयू ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
पुलिस ने घटना स्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।

पटना, 5 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर गहरा दुःख व्यक्त किया और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं, जदयू ने स्पष्ट किया कि हत्यारों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा और इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जो प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।

पप्पू यादव ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सात साल पहले खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या हुई थी, लेकिन आज तक अपराधियों को सजा नहीं मिली।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बालू, शराब और जमीन माफिया नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की शह पर काम करते हैं।

यादव ने कहा, "पटना में मुख्यमंत्री और गवर्नर के आवास से कुछ किलोमीटर की दूरी पर यह वारदात हुई, फिर भी पुलिस ढाई घंटे बाद पहुंची। यह सरकार की नाकामी और माफिया से साठगांठ को दर्शाता है।"

उन्होंने नेताओं और अधिकारियों की कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की, जिससे माफिया के साथ उनके संबंध उजागर हो सकें।

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इस हत्याकांड को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि पटना जैसे पॉश इलाके में ऐसी वारदात कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल उठाती है।

तिवारी ने कहा, "राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चौपट है और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। बिहार की भलाई के लिए सरकार की विदाई जरूरी है।" उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना स्थल से एक गोली और खोखा बरामद किया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हमलावर बाइक पर सवार थे।

इस बीच, जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी गोपाल खेमका की हत्या पर बयान जारी करते हुए कहा कि गांधी मैदान थाना क्षेत्र में खेमका की निर्मम हत्या निश्चित रूप से कानून-व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है। डीजीपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एसआईटी का गठन किया गया है, जो इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।

नीरज कुमार ने बताया कि 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या के बाद भी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में भी शामिल अपराधी जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे।

गौरतलब है कि शुक्रवार रात पटना के पॉश गांधी मैदान थाना क्षेत्र में ट्विन टावर सोसाइटी के पास पनाश होटल के निकट भाजपा नेता और व्यवसायी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात 11:40 बजे खेमका अपनी गाड़ी से उतरे तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चलाई और भाग निकले। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस हत्या के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
हत्या के पीछे माफिया और राजनीतिक संरक्षण का संदेह है।
क्या इस मामले की जांच हो रही है?
हां, इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
क्या पहले भी इस परिवार पर हमला हुआ था?
हां, सात साल पहले गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या हुई थी।
सरकार इस पर क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी का गठन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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