अहमदाबाद: पूछताछ में हिस्ट्रीशीटर ने जॉइंट CP पर चाकू से हमला, जवाबी गोली से आरोपी घायल
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के चंदोला इलाके में 3 जुलाई 2026 को पुलिस पूछताछ के दौरान एक खतरनाक घटना सामने आई, जब 35 से अधिक आपराधिक मामलों वाले हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद कलीम उर्फ कलीम भाई अकबरखान पठान (34) ने क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस शरद सिंघल पर चाकू से हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में अधिकारी ने आरोपी के पैर में एक गोली चलाई, जिसके बाद दोनों को अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कलीम ने चंदोला झील के पास एक झोपड़ी में अवैध हथियार छिपाए हैं। टीम ने छापा मारकर वहाँ से चार हथियार और कारतूस बरामद किए। इसके बाद उसी स्थान पर पूछताछ शुरू की गई।
जॉइंट सीपी सिंघल ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अचानक किचन में रखा चाकू उठाकर उनके गले पर हमला करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'मैंने बचाव में अपना बायाँ हाथ ऊपर किया, जिससे मेरे हाथ में चोट लग गई। उसने मुझ पर दो-तीन बार हमला किया।'
जवाबी कार्रवाई और गोलीबारी
अधिकारी ने बताया कि आरोपी नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था और बार-बार चाकू छोड़ने को कहने के बावजूद उसने नहीं माना। इसके बाद जॉइंट सीपी सिंघल ने इंस्पेक्टर इमरान घासुरा की सर्विस रिवॉल्वर लेकर आरोपी के पैर में एक गोली चलाई।
पुलिस के अनुसार, कलीम अब खतरे से बाहर है, जबकि जॉइंट सीपी सिंघल के बाएँ हाथ में चोट है और वे जल्द ड्यूटी पर लौटने की स्थिति में हैं। गौरतलब है कि आरोपी को यह पता नहीं था कि वह जॉइंट कमिश्नर से बात कर रहा है, क्योंकि अधिकारी उस समय सादे कपड़ों में थे।
अधिकारी की आत्म-समीक्षा
जॉइंट सीपी सिंघल ने स्वयं स्वीकार किया कि मौके पर एक छोटी झोपड़ी में पूछताछ करना प्रक्रियागत रूप से एक गलती थी और भविष्य में इस प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। यह स्वीकृति उल्लेखनीय है, क्योंकि इस तरह की घटनाओं में अधिकारी सामान्यतः प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाते।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि
कलीम अहमदाबाद के शाह आलम इलाके का निवासी और पेशे से मजदूर है। उस पर हत्या की कोशिश, लूट, चोरी और अवैध हथियार रखने सहित 35 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2018 में उसके खिलाफ पीएएसए एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
जाँच में सामने आया है कि आरोपी ने मध्य प्रदेश के रतलाम से हथियार हासिल किए थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि हथियार आपूर्ति श्रृंखला में कौन-कौन शामिल हैं और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच
पुलिस ने कलीम के खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या की कोशिश के तहत मामला दर्ज किया है। रतलाम कनेक्शन और हथियारों की आपूर्ति के स्रोत को लेकर जाँच जारी है, जो इस मामले को स्थानीय अपराध से आगे एक संगठित हथियार तस्करी नेटवर्क की ओर ले जा सकती है।