अहमदाबाद: गिरफ्तारी के दौरान पिस्तौल छीनने की कोशिश, कुख्यात बदमाश धामो बरद के पैर में गोली
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने रविवार शाम एक वांछित बदमाश को हिरासत में लिया, लेकिन पुलिस वाहन में ले जाने के दौरान आरोपी ने इंस्पेक्टर मेहुल चौहान की सर्विस पिस्तौल छीनने की कोशिश की, जिसके बाद हुई हाथापाई में आत्मरक्षा में चली गोली उसके बाएं पैर में लगी। यह घटना 25 मई 2026 को शाम करीब 7:45 बजे सोला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई।
मुख्य घटनाक्रम
आरोपी की पहचान धर्मेंद्र सिंह उर्फ धामो बरद के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि वह सोला क्षेत्र के एक होटल में अकेला ठहरा हुआ है। टीम ने होटल पहुँचकर उसे हिरासत में लिया और वाहन में बिठाया। वाहन के चलते ही आरोपी ने अचानक इंस्पेक्टर चौहान की सर्विस पिस्तौल पर हाथ डाल दिया।
इंस्पेक्टर चौहान ने बताया, 'जैसे ही उसने हथियार छीनने का प्रयास किया, मैंने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया और हाथापाई शुरू हो गई। हाथापाई के दौरान, आत्मरक्षा में एक गोली चली, जिससे उसके बाएं पैर में गोली लग गई। उसे मौके पर ही काबू कर लिया गया।'
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, धामो बरद पर अहमदाबाद के कई पुलिस स्टेशनों में दर्ज लगभग 26 आपराधिक मामले हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, डकैती, दंगा, मारपीट तथा शस्त्र अधिनियम एवं निषेध अधिनियम के उल्लंघन जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
यह गिरफ्तारी कृष्णानगर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 के तहत दर्ज हत्या के प्रयास की एफआईआर के आधार पर की गई थी, जिसमें वह पहले से वांछित था। इंस्पेक्टर चौहान ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी कुछ मामलों में जमानत पर बाहर था।
पुलिस की कार्रवाई
क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना के आधार पर होटल में आरोपी की उपस्थिति का पता चला। टीम ने होटल में पहुँचकर उसे बिना किसी प्रतिरोध के हिरासत में लिया। घटना वाहन में बैठाने के बाद हुई, जब आरोपी ने भागने या हथियार छीनने का प्रयास किया।
गौरतलब है कि इस तरह की घटनाएँ — जहाँ लंबे आपराधिक इतिहास वाले आरोपी गिरफ्तारी के दौरान हथियार छीनने की कोशिश करते हैं — पुलिस बल के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अहमियत को रेखांकित करती हैं।
आगे की कार्रवाई
घायल आरोपी को चिकित्सा उपचार के बाद हिरासत में रखा गया है। पुलिस उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। क्राइम ब्रांच ने इस पूरी कार्रवाई को नियमों के दायरे में बताया है।