क्या कोलकाता एयरपोर्ट पर एनएसजी ने काउंटर-हाइजैक और आतंकरोधी अभ्यास किया?

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क्या कोलकाता एयरपोर्ट पर एनएसजी ने काउंटर-हाइजैक और आतंकरोधी अभ्यास किया?

सारांश

कोलकाता एयरपोर्ट पर एनएसजी द्वारा किया गया काउंटर-हाइजैक और आतंकरोधी अभ्यास, सुरक्षा प्रक्रियाओं की जांच का एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस अभ्यास की विस्तृत जानकारी और इसके पीछे का उद्देश्य।

मुख्य बातें

काउंटर-हाइजैक अभ्यास सुरक्षा प्रक्रियाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एनएसजी का त्वरित प्रतिक्रिया में सुधार हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को परखा गया।
बचाव अभियान की योजना और क्रियान्वयन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
नागरिक विमानन सुरक्षा के लिए संभावित खतरों की पहचान की गई।

कोलकाता, 20 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएससीबीआई) पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने 18-19 जुलाई की रात एक विस्तृत काउंटर-हाइजैक और आतंकरोधी संयुक्त अभ्यास संचालित किया। यह अभ्यास विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और हवाई अड्डे से जुड़े पक्षों के साथ समन्वय में किया गया, ताकि किसी जटिल सुरक्षा संकट की स्थिति में तैयारियों की जांच की जा सके।

एनएससीबीआई के सूत्रों के अनुसार, अभ्यास के तहत 18 जुलाई को रात 9:34 बजे एक ए320 विमान के "हाइजैक" की झूठी सूचना एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को दी गई, जिसमें 75 डमी यात्री और चालक दल शामिल थे। विमान को तुरंत आइसोलेशन बे में ले जाकर घेराबंदी की गई।

शुरुआती प्रतिक्रिया में, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने विमान को चारों ओर से घेर लिया, जबकि खुफिया ब्यूरो (आईबी) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के अधिकारियों ने "हाइजैकर्स" से वार्ता प्रारंभ की।

जब वार्ता असफल रही, तो एनएसजी की काउंटर-हाइजैक टास्क फोर्स ने समन्वित अभियान चलाकर विमान पर धावा बोला। इस ऑपरेशन में सभी डमी यात्रियों और चालक दल को "सुरक्षित रूप से बचाया" गया और "हाइजैकर्स" को समाप्त कर दिया गया। यह अभियान 19 जुलाई को सुबह 2:15 बजे समाप्त हुआ।

साथ ही, एक आतंकरोधी अभ्यास भी 18 जुलाई को रात 9:00 बजे शुरू हुआ, जिसमें एएआई कार्यालयों पर सशस्त्र आतंकवादी हमले का परिदृश्य तैयार किया गया। 12 कर्मचारियों को बंधक बनाकर भवन की बिजली आपूर्ति काट दी गई।

इस स्थिति से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने परिसर को घेरा और अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन उन्हें "कड़ी प्रतिरोध" और "काल्पनिक हताहतों" का सामना करना पड़ा।

हाइजैक ऑपरेशन की समाप्ति के बाद एनएसजी की टीम ने ब्रीफिंग लेकर बंधक संकट को संभाला। एक योजनाबद्ध अभियान के तहत एनएसजी कमांडो ने छह "आतंकवादियों" को मार गिराया और सभी "बंधकों" को सुरक्षित बचा लिया। यह ऑपरेशन सुबह 4:25 बजे समाप्त हुआ।

एनएससीबीआई के सूत्रों के अनुसार, इन अभ्यासों का उद्देश्य नागरिक विमानन सुरक्षा से जुड़ी आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, एजेंसियों के बीच समन्वय और संकट प्रबंधन प्रक्रियाओं को परखना था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनएसजी का काउंटर-हाइजैक अभ्यास कब हुआ?
यह अभ्यास 18-19 जुलाई को हुआ।
इस अभ्यास का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की जांच करना था।
कितने डमी यात्री इस अभ्यास में शामिल थे?
इसमें 75 डमी यात्री और चालक दल शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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