हनी सिंह महाराष्ट्र साइबर के सामने नहीं हुए पेश, 'फाइनल रिमाइंडर' के बाद भी मांगा अतिरिक्त समय
सारांश
मुख्य बातें
मशहूर रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर हिरदेश सिंह उर्फ यो यो हनी सिंह 5 अक्टूबर 2026 को मुंबई स्थित महाराष्ट्र साइबर कार्यालय के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए, जबकि विभाग ने उन्हें 'फाइनल रिमाइंडर' नोटिस जारी कर सुबह 11 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हनी सिंह की ओर से जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए अतिरिक्त समय की माँग की गई है। यह मामला एक कॉन्सर्ट के दौरान कथित तौर पर की गई अभद्र टिप्पणी से जुड़ा है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
महाराष्ट्र साइबर के अनुसार, एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह की कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर एक व्यक्ति ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई और हनी सिंह को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया। जांच में उनसे सहयोग करने और मामले से संबंधित दस्तावेज़, रिकॉर्ड या अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई थी।
एक के बाद एक जारी हुए नोटिस
विभाग ने सर्वप्रथम 1 सितंबर 2026 को हनी सिंह को नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था। तय तारीख और समय पर हनी सिंह उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद महाराष्ट्र साइबर ने 14 सितंबर 2026 को दूसरा नोटिस जारी किया। इस नोटिस में उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित महाराष्ट्र साइबर के कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश दिया गया था। विभाग ने इस नोटिस को 'फाइनल रिमाइंडर' घोषित किया था।
सोमवार को भी नहीं हुए पेश
इतनी स्पष्ट चेतावनी के बावजूद यो यो हनी सिंह 5 अक्टूबर को भी महाराष्ट्र साइबर के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए। उनकी ओर से अब एक बार फिर जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए अतिरिक्त समय की माँग की गई है। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरी बार है जब वे नोटिस के बाद भी पेश नहीं हुए।
मामले की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन जगत की सार्वजनिक भूमिकाओं को लेकर साइबर कानूनों के तहत जवाबदेही की माँग बढ़ रही है। कथित तौर पर कॉन्सर्ट के दौरान की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर शिकायतकर्ता ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद महाराष्ट्र साइबर ने स्वतंत्र जांच प्रारंभ की।
आगे क्या होगा
अब यह महाराष्ट्र साइबर पर निर्भर करेगा कि वह अतिरिक्त समय की माँग को स्वीकार करता है या अगले कानूनी कदम उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 'फाइनल रिमाइंडर' के बाद भी अनुपस्थित रहने पर विभाग के पास अधिक कठोर कानूनी विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इस मामले की आगे की दिशा जल्द स्पष्ट होने की उम्मीद है।