हनी सिंह को महाराष्ट्र साइबर का चौथा समन, 16 अक्टूबर को पेशी; 22 अक्टूबर की मोहलत नामंज़ूर
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र साइबर सेल ने रैपर यो यो हनी सिंह को 16 अक्टूबर 2026 को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का समन जारी किया है। हनी सिंह ने जाँच अधिकारियों से 22 अक्टूबर तक का समय माँगा था, जिसे साइबर सेल ने अस्वीकार कर दिया। यह मामला जनवरी 2026 में दिल्ली में आयोजित एक कॉन्सर्ट के दौरान की गई कथित अश्लील टिप्पणी से जुड़ा है।
मामले की पृष्ठभूमि
जनवरी 2026 में दिल्ली में हुए एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने दिल्ली की सर्दी का उल्लेख करते हुए कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और व्यापक आपत्तियाँ उठीं। इसके बाद एक शिकायतकर्ता ने महाराष्ट्र साइबर सेल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जाँच शुरू हुई।
बार-बार समन, बार-बार अनुपस्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, यह चौथी बार है जब महाराष्ट्र साइबर सेल ने हनी सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया है। पहले तीन अवसरों पर उन्होंने विदेश में होने का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय माँगा था और जाँच अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए। 14 सितंबर 2026 को जारी नोटिस को 'फाइनल रिमाइंडर' करार दिया गया था, जिसमें उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 11 बजे मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित महाराष्ट्र साइबर कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। वह उस तारीख पर भी नहीं पहुँचे और पुनः मोहलत माँगी।
22 अक्टूबर की अपील खारिज
इस बार हनी सिंह ने 22 अक्टूबर तक का समय माँगा, लेकिन जाँच अधिकारियों ने यह माँग स्वीकार नहीं की और उन्हें 16 अक्टूबर को ही पेश होने का आदेश दिया। गौरतलब है कि यह किसी भी एजेंसी के लिए असाधारण धैर्य का प्रदर्शन है — तीन-तीन समनों के बावजूद बयान दर्ज नहीं हो सका।
लुक आउट सर्कुलर की आशंका
सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, यदि हनी सिंह 16 अक्टूबर को भी पेश नहीं होते, तो उनके विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया जा सकता है। LOC जारी होने पर संबंधित व्यक्ति के देश से बाहर जाने पर प्रतिबंध लग जाता है और हवाई अड्डों पर उनकी निगरानी होती है। यह कदम जाँच की गंभीरता को और रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
जाँच एजेंसी को कॉन्सर्ट के दौरान हुई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर हनी सिंह का बयान दर्ज करना है। यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन उद्योग में सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों को लेकर कानूनी जवाबदेही का दायरा बढ़ता दिख रहा है। अगले कुछ घंटों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।