महाराष्ट्र SIR विवाद: मनोज झा ने राहुल गांधी के '2 करोड़ वोट हटाने' के आरोप का समर्थन किया, BJP ने बताया बेबुनियाद
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र की विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर 'वोट चोरी' के आरोप लगाने के बाद 2 सितंबर को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक सामने आई। एक ओर विपक्षी दल राहुल गांधी के बयान के पीछे खड़े हैं, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक दुष्प्रचार करार दिया है।
मनोज झा का बंगाल का हवाला
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने नई दिल्ली में राहुल गांधी के आरोपों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी महाराष्ट्र की बात कर रहे हैं। मैं बंगाल की बात करूंगा। जहां लाखों लोग छूट गए थे और वोट नहीं दे पाए थे। अब उनमें से बहुत से लोगों को वोटर लिस्ट में वापस जोड़ा जा रहा है, यह कहते हुए कि उनके पास सभी डॉक्यूमेंट्स थे, फिर भी वे वोट नहीं दे पाए। क्या मैं इसे चोरी कहूं, या डकैती या धोखाधड़ी जैसा कोई बेहतर शब्द इस्तेमाल करूं? और वह भी संस्थागत समर्थन के साथ। कभी न कभी इन बातों से पर्दा उठेगा और दोषियों को सजा मिलेगी।'
BJP का पलटवार: SIR एक संवैधानिक प्रक्रिया
हैदराबाद में BJP नेता मनमीत सिंह ने राहुल गांधी के दावों को गलत ठहराया। उनके अनुसार SIR एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है जिसमें मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और स्थान बदलने वाले वोटरों के नाम स्थानांतरित किए जाते हैं। मनमीत सिंह ने कहा, '55 साल के "युवा" राहुल गांधी ने एक बार फिर दावा किया है कि महाराष्ट्र में 2 करोड़ वोट हटा दिए गए हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति काम के लिए महाराष्ट्र में रह रहा है, तो उसका मत वहीं दर्ज रहता है — और यदि वह किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित होता है, तो दोनों जगह मतदान करना संभव नहीं है, इसलिए एक स्थान से नाम हटाया जाता है।
रांची से BJP प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
रांची में BJP के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने भी राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, 'SIR चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे संविधान से अधिकार मिला है। महाराष्ट्र में एक ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित की गई है — जिसे भी आपत्ति हो, वह उसे दर्ज करा सकता है।' शाह देव ने राहुल गांधी को याद दिलाया कि बिहार में भी उन्होंने इसी तरह के वोट चोरी के आरोप लगाए थे और पूछा कि उस समय वास्तव में कितने लोगों ने आपत्तियाँ दर्ज कराईं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने वोटर लिस्ट की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हों — बिहार SIR के दौरान भी इसी तरह के आरोप सामने आए थे।
विवाद की पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र में चुनाव आयोग (ECI) द्वारा जारी SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में नामों के हटाए जाने के बाद राहुल गांधी ने 2 करोड़ वोट हटाए जाने का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया खुली रहती है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में आगामी चुनावों की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और मतदाता सूची की शुद्धता एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है।
आगे क्या होगा
चुनाव आयोग की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया अभी खुली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विपक्ष के पास ठोस दस्तावेजी साक्ष्य हैं, तो उन्हें आयोग के समक्ष औपचारिक आपत्तियाँ दाखिल करनी चाहिए। यह राजनीतिक बहस आने वाले हफ्तों में और तेज होने की संभावना है।