क्या राहुल गांधी ने कहा कि 'संविधान पर चोट की जा रही है'?

सारांश
Key Takeaways
- गुजरात का मॉडल वोट चोरी का तरीका है।
- भाजपा ने कई राज्यों में वोट चोरी की है।
- राहुल गांधी की यात्रा मताधिकार की सुरक्षा के लिए है।
- संविधान को आत्मा बताया गया।
- युवाओं को समझने की आवश्यकता है कि लोकतंत्र की रक्षा कैसे करें।
मुजफ्फरपुर, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि गुजरात का मॉडल 'आर्थिक मॉडल' नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'वोट चोरी' की शुरुआत गुजरात से हुई और फिर इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया। राहुल गांधी अपनी 'वोटर अधिकार यात्रा' के 11वें दिन मुजफ्फरपुर आए।
उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के लोगों ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और गुजरात के चुनाव में 'वोट चोरी' की। 'गुजरात मॉडल' दरअसल वोट चोरी का एक मॉडल है, जिसे इन्होंने 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर पेश किया। हम कुछ नहीं कह पाते थे, क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं था, लेकिन महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद हमें सबूत मिल गया।
मुजफ्फरपुर में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में दलितों, अति पिछड़ों, अल्पसंख्यकों यानी गरीबों के वोट काटे गए हैं। जिंदा लोगों को मुर्दा बना दिया गया है। वोट काटकर संविधान पर चोट की जा रही है।
उन्होंने संविधान को आत्मा बताते हुए कहा कि जो लोग भारत माता की आत्मा पर चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे यहाँ के युवाओं को नहीं समझते हैं। भाजपा 'वोट चोरी' कर चुनाव जीतती है और इसका साथ चुनाव आयोग करता है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में चुपचाप एक कानून पास कर दिया जाता है। इसके तहत इलेक्शन कमिश्नर चाहे जो भी करें, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। अगर चुनाव आयोग अपना काम ईमानदारी से कर रहा है, तो ऐसे कानून की क्या जरूरत है? केंद्र सरकार में किसानों-मजदूरों को पीटकर जेल में डाल दिया जाता है। युवा पेपर लीक के खिलाफ धरना देते हैं तो उन्हें लाठियों से पीटकर अंदर कर दिया जाता है। लेकिन, देश के चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई एफआईआर नहीं कर सकता है।
इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी चुनाव आयोग की शिकायत करते हैं तो उन्हें शपथ पत्र देने को कहा जाता है। राहुल गांधी राजनीति, मंच के लिए नहीं करते। जो वे कहते हैं, बहुत सोच-समझकर कहते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वकील हैं, जो भारत के लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। भारत में लोकतंत्र फलेगा। मताधिकार की चोरी करने वालों से जनता सत्ता छीन लेगी, यह भीड़ इसका संदेश देती है।