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राहुल गांधी का भाजपा और निर्वाचन आयोग पर हमला: महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ नाम हटाने को बताया 'वोट चोरी'

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राहुल गांधी का भाजपा और निर्वाचन आयोग पर हमला: महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ नाम हटाने को बताया 'वोट चोरी'

सारांश

राहुल गांधी ने एक्स पर BJP और निर्वाचन आयोग को 'वोट चोरी' का दोषी ठहराया। महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर और पश्चिम बंगाल में 91% नाम गलत तरीके से हटाए जाने के आँकड़े पेश कर उन्होंने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधा सवाल उठाया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 1 सितंबर को एक्स पर BJP और निर्वाचन आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र में 2026 की विशेष पुनरीक्षण सूची में मतदाताओं की संख्या 9.70 करोड़ से घटकर 7.78 करोड़ रह गई — यानी 2.07 करोड़ नाम बाहर।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से पहले लोकसभा और विधानसभा के बीच अचानक 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए थे।
पश्चिम बंगाल में विशेष पुनरीक्षण में हटाए गए 91% नाम अपील के बाद फिर से जोड़े गए।
निर्वाचन आयोग या BJP की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार, 1 सितंबर को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर के ज़रिए देश के लोकतंत्र को कमज़ोर किया जा रहा है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों में हुए संशोधनों को उन्होंने 'वोट चोरी' करार दिया।

राहुल गांधी के मुख्य आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में BJP को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि पार्टी और जिसे उन्होंने 'वोट चोरी आयोग' कहा, उसके तरीके भले ही बदलते रहें, लेकिन उनका मकसद एक ही है — किसी भी कीमत पर BJP की जीत सुनिश्चित करना और भारत के लोकतंत्र को कमज़ोर करना। यह ऐसे समय में आया है जब कई विपक्षी दल मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।

महाराष्ट्र मतदाता सूची विवाद

गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 का हवाला देते हुए दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव 2024 के बीच अचानक 39 लाख नए मतदाता सूची में जोड़े गए थे। उन्होंने उस समय भी इसे 'वोट चोरी' बताया था और अपने आरोप पर अब भी कायम रहने की बात कही।

उन्होंने आँकड़े साझा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र में 9.29 करोड़ मतदाता थे, जो विधानसभा चुनाव 2024 तक बढ़कर 9.70 करोड़ हो गए। किंतु 2026 की विशेष पुनरीक्षण सूची में यह संख्या घटकर 7.78 करोड़ रह गई। उनके अनुसार, ड्राफ्ट सूची से 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम बाहर किए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग पाँचवाँ हिस्सा है। गांधी ने सवाल किया कि इन तीनों में से सही मतदाता सूची कौन-सी है।

पश्चिम बंगाल में पुनरीक्षण पर सवाल

पश्चिम बंगाल में हुई विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि सूची से हटाए गए नामों में से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद फिर से जोड़े गए। उनके मुताबिक, इसका अर्थ है कि हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए थे। गौरतलब है कि यह आँकड़ा, यदि सत्यापित हो, तो पुनरीक्षण प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

लोकतंत्र पर व्यापक चिंता

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 'वोट चोरी' के ज़रिए सत्ता में आई सरकारें जनता की आवाज़ नहीं सुनतीं और न ही उनके आदेशों का पालन करती हैं। आलोचकों का कहना है कि मतदाता सूची में इस तरह के बड़े उतार-चढ़ाव चुनावी प्रक्रिया में जनता के भरोसे को कमज़ोर करते हैं। निर्वाचन आयोग या BJP की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

यह मुद्दा संसद के अगले सत्र और आगामी राज्य चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रहेगा। विपक्षी दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण की माँग किए जाने की संभावना है। मतदाता सूची की पारदर्शिता और स्वतंत्र-निष्पक्ष चुनाव की बहस अब नए सिरे से तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अपने आप में जाँच का विषय है, चाहे राजनीतिक मंशा कुछ भी हो। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर आरोप-प्रत्यारोप तक सिमट जाती है, जबकि असली सवाल यह है कि निर्वाचन आयोग इन संख्याओं में इतने बड़े अंतर की व्याख्या कैसे करता है। पश्चिम बंगाल में 91% नाम अपील के बाद बहाल होना — अगर सही है — पुनरीक्षण प्रक्रिया की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न उठाता है। विपक्ष का यह आक्रामक रुख आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की पारदर्शिता को केंद्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति भी है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' का आरोप क्यों लगाया?
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए जाने और पश्चिम बंगाल में 91% हटाए गए नाम अपील के बाद बहाल होने के आँकड़ों के आधार पर यह आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह हेरफेर BJP की जीत सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
महाराष्ट्र की मतदाता सूची में क्या अंतर है?
राहुल गांधी के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2024 में 9.29 करोड़, विधानसभा चुनाव 2024 में 9.70 करोड़ और 2026 की विशेष पुनरीक्षण सूची में केवल 7.78 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। इस तरह 2.07 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हो गए, जो कुल मतदाताओं का लगभग पाँचवाँ हिस्सा है।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर क्या आरोप है?
राहुल गांधी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए नामों में से 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद फिर से जोड़े गए। इसका अर्थ है कि हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए थे।
निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा?
1 सितंबर तक निर्वाचन आयोग या BJP की ओर से राहुल गांधी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।
इस विवाद का आगामी चुनावों पर क्या असर पड़ सकता है?
मतदाता सूची की पारदर्शिता का यह मुद्दा आगामी राज्य चुनावों में विपक्ष के लिए प्रमुख राजनीतिक हथियार बन सकता है। विपक्षी दल निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण माँगने और स्वतंत्र ऑडिट की माँग करने की स्थिति में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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