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साइबर सुरक्षित माहौल जरूरी: महाराष्ट्र साइबर एडीजी यशस्वी यादव बोले — भारत-अमेरिका सहयोग जारी

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साइबर सुरक्षित माहौल जरूरी: महाराष्ट्र साइबर एडीजी यशस्वी यादव बोले — भारत-अमेरिका सहयोग जारी

सारांश

महाराष्ट्र साइबर एडीजी यशस्वी यादव ने कहा — साइबर सुरक्षित माहौल के बिना कोई व्यवसाय सफल नहीं। संयुक्त राष्ट्र-मान्यता प्राप्त महाराष्ट्र साइबर सेंटर के ज़रिये भारत-अमेरिका तकनीकी सहयोग जारी है, जबकि यूपी महिला आयोग ने महिला उद्यमियों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की रणनीति रखी।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र साइबर एडीजी यशस्वी यादव ने कहा कि साइबर सुरक्षित माहौल के बिना कोई भी व्यवसाय या निवेश सफल नहीं हो सकता।
भारत में 870 करोड़ स्मार्टफोन होने के साथ साइबर क्राइम आज विश्व का सबसे बड़ा अपराध बन चुका है।
महाराष्ट्र साइबर सुरक्षा केंद्र को संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया के शीर्ष साइबर सुरक्षा केंद्रों में मान्यता दी है; अमेरिकी कंपनियों ने तकनीक साझा की है।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने आईएसीसी-अमेरिकी सहयोग से यूपी की महिलाओं के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहुँचाने की योजना रखी।
दोनों वक्ताओं ने जेन-जी को डिजिटल रूप से सक्षम और भारत के भविष्य का निर्माणकर्ता बताया।

महाराष्ट्र साइबर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) यशस्वी यादव ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि बिना साइबर सुरक्षित माहौल के कोई भी व्यवसाय या निवेश टिकाऊ नहीं हो सकता। उन्होंने भारत-अमेरिका साइबर सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र का साइबर सुरक्षा केंद्र संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व के शीर्ष केंद्रों में मान्यता प्राप्त कर चुका है। इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने आईएसीसी और अमेरिकी कंपनियों के साथ यूपी सरकार के सहयोग से महिला स्वयं-सहायता समूहों को मिलने वाले अवसरों पर प्रकाश डाला।

साइबर सुरक्षा: व्यापार की नई बुनियाद

यशस्वी यादव ने कहा, 'साइबर सुरक्षा मेरा उद्देश्य है। आज के समय में विश्व का सबसे बड़ा अपराध साइबर क्राइम बन चुका है। किसी भी व्यवसाय और निवेश को सफल बनाने के लिए साइबर सुरक्षित माहौल जरूरी है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले कानून-व्यवस्था की मज़बूती और बाद में सीसीटीवी के प्रसार ने सुरक्षा का परिदृश्य बदला, अब साइबर लैंडस्केप उसी कड़ी की अगली ज़रूरत है। भारत में 870 करोड़ स्मार्टफोन होने का हवाला देते हुए उन्होंने डिजिटल सुरक्षा की व्यापकता को रेखांकित किया।

महाराष्ट्र साइबर सेंटर और भारत-अमेरिका सहयोग

यशस्वी यादव के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने एक विश्वस्तरीय साइबर सुरक्षा केंद्र स्थापित किया है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया के शीर्ष साइबर सुरक्षा केंद्रों में स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में कई अमेरिकी कंपनियों ने अपने टूल्स और तकनीक साझा किए हैं, और भारत ने भी उन्हें अपने मॉडल उपलब्ध कराए हैं। दोनों देशों के बीच यह तकनीकी आदान-प्रदान सक्रिय रूप से जारी है।

महिला सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार

उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बताया कि आईएसीसी के अमेरिकी चैप्टर और अमेरिकी कंपनियों के साथ यूपी सरकार के सहयोग से प्रदेश की महिलाओं — विशेषकर स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं — के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहुँचाने की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने साइबर सुरक्षा के मामले में महिलाओं के दृष्टिकोण को नीति-निर्माण में शामिल करने पर ज़ोर दिया।

जेन-जी: डिजिटल पीढ़ी पर दोनों नेताओं का नज़रिया

यशस्वी यादव ने कहा कि जेन-जी वर्चुअल दुनिया में पैदा हुए हैं — हाथ में डिजिटल फोन और वर्चुअल मित्रों के साथ — और वे बेहद होशियार व तेज़ हैं। उन्होंने मिलेनियल्स से तुलना करते हुए कहा कि जहाँ पुरानी पीढ़ी वास्तविक खेल और वास्तविक मित्रों के साथ बड़ी हुई, वहीं आज की पीढ़ी ई-गेम्स की दुनिया में है। अपर्णा यादव ने जेन-जी को 'भारत की आत्मा' और 'उज्जवल भविष्य के निर्माणकर्ता' बताते हुए कहा कि तकनीकी समर्थन के साथ-साथ समग्र शिक्षा और सकारात्मक माहौल से जोड़ा जाए तो यह पीढ़ी देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। दोनों वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इस पीढ़ी के साथ सार्थक संवाद और सही मार्गदर्शन समय की माँग है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक बड़ा नीतिगत प्रश्न छिपा है: क्या भारत की साइबर सुरक्षा संरचना केवल महाराष्ट्र जैसे अग्रणी राज्यों तक सीमित रहेगी, या इसे राष्ट्रीय स्तर पर एकसमान रूप से लागू किया जाएगा? संयुक्त राष्ट्र की मान्यता उत्साहजनक है, लेकिन छोटे राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा ढाँचे की कमी एक गंभीर असमानता बनी हुई है। अपर्णा यादव की महिला स्वयं-सहायता समूहों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की पहल सराहनीय है, परंतु जब तक इन महिलाओं को डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा की बुनियादी समझ नहीं मिलती, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उनकी भागीदारी जोखिम से भरी रहेगी।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र साइबर एडीजी यशस्वी यादव ने साइबर सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
यशस्वी यादव ने कहा कि आज के समय में साइबर क्राइम विश्व का सबसे बड़ा अपराध बन चुका है और बिना साइबर सुरक्षित माहौल के कोई भी व्यवसाय या निवेश सफल नहीं हो सकता। उन्होंने भारत में 870 करोड़ स्मार्टफोन का हवाला देते हुए डिजिटल सुरक्षा की अनिवार्यता पर जोर दिया।
महाराष्ट्र साइबर सुरक्षा केंद्र को संयुक्त राष्ट्र ने क्यों मान्यता दी?
महाराष्ट्र सरकार द्वारा स्थापित साइबर सुरक्षा केंद्र को संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया के शीर्ष साइबर सुरक्षा केंद्रों में स्थान दिया है। इस केंद्र में अमेरिकी कंपनियों ने अपने टूल्स और तकनीक साझा किए हैं और भारत ने भी अपने मॉडल उन्हें उपलब्ध कराए हैं।
भारत-अमेरिका साइबर सहयोग की वर्तमान स्थिति क्या है?
यशस्वी यादव के अनुसार, महाराष्ट्र साइबर सेंटर के माध्यम से भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी आदान-प्रदान सक्रिय रूप से जारी है। अमेरिकी कंपनियाँ अपनी तकनीक साझा कर रही हैं और भारत भी अपने साइबर सुरक्षा मॉडल अमेरिका के साथ साझा कर रहा है।
उत्तर प्रदेश महिला आयोग ने आईएसीसी के साथ सहयोग से महिलाओं को क्या लाभ बताया?
उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बताया कि आईएसीसी के अमेरिकी चैप्टर और अमेरिकी कंपनियों के साथ यूपी सरकार के सहयोग से प्रदेश की महिला स्वयं-सहायता समूहों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहुँचाने की रणनीति तैयार की जा रही है। साइबर सुरक्षा नीति में महिलाओं के दृष्टिकोण को भी शामिल करने पर जोर दिया गया।
जेन-जी को लेकर यशस्वी यादव और अपर्णा यादव ने क्या कहा?
यशस्वी यादव ने कहा कि जेन-जी वर्चुअल दुनिया में पैदा हुए हैं और बेहद होशियार व तेज़ हैं, जबकि अपर्णा यादव ने उन्हें 'भारत की आत्मा' और 'उज्जवल भविष्य के निर्माणकर्ता' बताया। दोनों ने इस पीढ़ी को तकनीकी और समग्र शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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