साइबर सुरक्षित माहौल जरूरी: महाराष्ट्र साइबर एडीजी यशस्वी यादव बोले — भारत-अमेरिका सहयोग जारी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र साइबर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) यशस्वी यादव ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि बिना साइबर सुरक्षित माहौल के कोई भी व्यवसाय या निवेश टिकाऊ नहीं हो सकता। उन्होंने भारत-अमेरिका साइबर सहयोग को रेखांकित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र का साइबर सुरक्षा केंद्र संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व के शीर्ष केंद्रों में मान्यता प्राप्त कर चुका है। इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने आईएसीसी और अमेरिकी कंपनियों के साथ यूपी सरकार के सहयोग से महिला स्वयं-सहायता समूहों को मिलने वाले अवसरों पर प्रकाश डाला।
साइबर सुरक्षा: व्यापार की नई बुनियाद
यशस्वी यादव ने कहा, 'साइबर सुरक्षा मेरा उद्देश्य है। आज के समय में विश्व का सबसे बड़ा अपराध साइबर क्राइम बन चुका है। किसी भी व्यवसाय और निवेश को सफल बनाने के लिए साइबर सुरक्षित माहौल जरूरी है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले कानून-व्यवस्था की मज़बूती और बाद में सीसीटीवी के प्रसार ने सुरक्षा का परिदृश्य बदला, अब साइबर लैंडस्केप उसी कड़ी की अगली ज़रूरत है। भारत में 870 करोड़ स्मार्टफोन होने का हवाला देते हुए उन्होंने डिजिटल सुरक्षा की व्यापकता को रेखांकित किया।
महाराष्ट्र साइबर सेंटर और भारत-अमेरिका सहयोग
यशस्वी यादव के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने एक विश्वस्तरीय साइबर सुरक्षा केंद्र स्थापित किया है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया के शीर्ष साइबर सुरक्षा केंद्रों में स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि इस केंद्र में कई अमेरिकी कंपनियों ने अपने टूल्स और तकनीक साझा किए हैं, और भारत ने भी उन्हें अपने मॉडल उपलब्ध कराए हैं। दोनों देशों के बीच यह तकनीकी आदान-प्रदान सक्रिय रूप से जारी है।
महिला सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने बताया कि आईएसीसी के अमेरिकी चैप्टर और अमेरिकी कंपनियों के साथ यूपी सरकार के सहयोग से प्रदेश की महिलाओं — विशेषकर स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं — के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहुँचाने की रणनीति बनाई जा रही है। उन्होंने साइबर सुरक्षा के मामले में महिलाओं के दृष्टिकोण को नीति-निर्माण में शामिल करने पर ज़ोर दिया।
जेन-जी: डिजिटल पीढ़ी पर दोनों नेताओं का नज़रिया
यशस्वी यादव ने कहा कि जेन-जी वर्चुअल दुनिया में पैदा हुए हैं — हाथ में डिजिटल फोन और वर्चुअल मित्रों के साथ — और वे बेहद होशियार व तेज़ हैं। उन्होंने मिलेनियल्स से तुलना करते हुए कहा कि जहाँ पुरानी पीढ़ी वास्तविक खेल और वास्तविक मित्रों के साथ बड़ी हुई, वहीं आज की पीढ़ी ई-गेम्स की दुनिया में है। अपर्णा यादव ने जेन-जी को 'भारत की आत्मा' और 'उज्जवल भविष्य के निर्माणकर्ता' बताते हुए कहा कि तकनीकी समर्थन के साथ-साथ समग्र शिक्षा और सकारात्मक माहौल से जोड़ा जाए तो यह पीढ़ी देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। दोनों वक्ताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इस पीढ़ी के साथ सार्थक संवाद और सही मार्गदर्शन समय की माँग है।