हुबली डिपो में बस ड्राइवर मंजूनाथ ने की आत्महत्या, अंतिम यात्रा उसी बस में जिस पर करते थे ड्यूटी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के हुबली में NWKRTC के रूरल यूनिट-1 डिपो में 27 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब 38 वर्षीय बस ड्राइवर मंजूनाथ ने डिपो परिसर में एक पेड़ से लटककर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और आत्महत्या के कारणों की जांच जारी है। मार्मिक पहलू यह रहा कि पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को उसी बस में उनके पैतृक गांव रवाना किया गया, जिस पर वे रोज़ाना सवारियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाते थे।
घटनाक्रम: कैसे हुई दुखद वारदात
मंजूनाथ मूल रूप से गदग जिले के मुंडारगी तालुक के मुंडावाड़ा गांव के निवासी थे। वे पिछले कई वर्षों से हुबली डिपो में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। शनिवार को वे अपनी ड्यूटी पर डिपो परिसर में मौजूद थे, जब उन्होंने परिसर में लगे एक पेड़ से लटककर जान दे दी।
घटना की जानकारी मिलते ही सहकर्मियों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। गोकुल थाने की पुलिस मौके पर पहुँची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
अंतिम यात्रा: उसी बस में, जो उनकी पहचान थी
देर रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवहन निगम और परिजनों की सहमति से मंजूनाथ का पार्थिव शरीर उसी बस में उनके पैतृक गांव मुंडावाड़ा के लिए रवाना किया गया, जिस पर वे रोज़ ड्यूटी करते थे। यह दृश्य देखकर डिपो में मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
गौरतलब है कि जिस बस ने वर्षों तक अनगिनत यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया, उसी बस ने अंततः अपने ड्राइवर की अंतिम यात्रा भी पूरी की — एक ऐसा संयोग जो वहाँ उपस्थित सभी को भावुक कर गया।
परिवार और सहकर्मियों पर असर
जानकारी के अनुसार, मंजूनाथ की पत्नी और दो बच्चे हुबली में ही रहते हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह की कोई गंभीर समस्या नहीं थी और उन्होंने घर में भी किसी परेशानी का ज़िक्र नहीं किया था। परिवार इस खबर से गहरे सदमे में है।
डिपो के सहकर्मी भी इस घटना से स्तब्ध हैं। NWKRTC डिपो में काम का दबाव, पारिवारिक कारण अथवा कोई अन्य वजह — इन सभी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस जांच की स्थिति
गोकुल थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के सटीक कारण अभी अज्ञात हैं। पुलिस आत्महत्या के पीछे पारिवारिक, आर्थिक अथवा कार्यस्थल से जुड़े कारणों की संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आखिर मंजूनाथ को यह कदम उठाने पर किस बात ने मजबूर किया।