रामगढ़ में डीआरडीओ कर्मी कमल किशोर महतो का शव पेड़ से लटका मिला, अवसाद से थे पीड़ित
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू थाना क्षेत्र अंतर्गत तालाताड़ भुइयां टोला निवासी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के कर्मी कमल किशोर महतो का शव मंगलवार, 20 मई की सुबह उनके घर के निकट एक पहाड़ी पर पेड़ से लटकी अवस्था में बरामद किया गया। बेंगलुरु में तैनात महतो 19 अप्रैल को अवकाश लेकर अपने पैतृक गाँव आए हुए थे और परिजनों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से गंभीर मानसिक अवसाद से जूझ रहे थे।
घटनाक्रम: रात से सुबह तक
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, सोमवार की रात करीब 11 बजे कमल किशोर को गाँव में अकेले टहलते देखा गया था। रात करीब 2 बजे परिजनों की अचानक नींद खुली तो वे उन्हें बिस्तर पर न पाकर चिंतित हो गए। परिवारवालों ने तत्काल तलाश शुरू की, परंतु घने अँधेरे के कारण उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।
मंगलवार की सुबह जब ग्रामीण और परिजन पुनः खोज में निकले, तो घर के समीप पहाड़ी पर एक पेड़ से फंदे के सहारे उनका शव लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही पतरातू थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और शव को नीचे उतारकर अपने कब्जे में लिया।
मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति
परिजनों ने बताया कि कमल किशोर पिछले कुछ दिनों से गंभीर अवसाद (डिप्रेशन) से पीड़ित थे। वे अक्सर परिवार के सदस्यों से नींद न आने की शिकायत करते थे और मानसिक बेचैनी के चलते काफी परेशान रहते थे। विशेषज्ञों के अनुसार, नींद न आना और सामाजिक अलगाव गहरे अवसाद के गंभीर संकेत होते हैं।
पीछे छूटा परिवार
कमल किशोर अपने पीछे अपनी पत्नी और 6 वर्ष व 4 वर्ष की आयु के दो मासूम बेटों को छोड़ गए हैं। इस दुखद घटना के बाद भुइयां टोला में शोक का माहौल है और पूरे गाँव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस जाँच जारी
पतरातू थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी संदिग्ध परिस्थिति का संकेत नहीं मिला है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच की जा रही है।
यह घटना कार्यस्थल के मानसिक दबाव और कर्मचारी कल्याण की ज़रूरत पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित करती है। संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।