15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मसूरी नाग मंदिर के पास जंगल में मिला 22 वर्षीय सुमित पाल का शव, पुलिस जांच जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मसूरी नाग मंदिर के पास जंगल में मिला 22 वर्षीय सुमित पाल का शव, पुलिस जांच जारी

सारांश

मसूरी के नाग मंदिर के पास जंगल में 22 वर्षीय सुमित पाल का सड़ा-गला शव मिला — वह 10 जुलाई से लापता थे। मौत दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या है, यह पोस्टमार्टम के बाद तय होगा। रुद्रप्रयाग में एक 17 वर्षीय किशोर भी दो दिनों से नदी में लापता है।

मुख्य बातें

सुमित पाल (22) , देहरादून निवासी, 10 जुलाई से लापता थे; 15 जुलाई को मसूरी के हाथीपांव रोड नाग मंदिर के पास जंगल में शव बरामद।
शव सड़ी-गली अवस्था में मिला; जंगली जानवरों ने भी क्षति पहुँचाई; पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने मौत का कारण — दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या — अभी अनिर्धारित बताया; जाँच जारी।
गुमशुदगी नेहरू कॉलोनी थाने, देहरादून में दर्ज थी; सुमित बाइक से मसूरी आए थे।
रुद्रप्रयाग के बंदतोली संगम में 13 जुलाई को नदी में बहे 17 वर्षीय कुनाल पांडेय (दरभंगा, बिहार) का दूसरे दिन भी पता नहीं; एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जल पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं।

मसूरी के हाथीपांव रोड स्थित नाग मंदिर के समीप घने जंगल में 15 जुलाई 2026 को 22 वर्षीय सुमित पाल का शव बरामद किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देहरादून के रहने वाले सुमित 10 जुलाई से लापता थे और उनकी गुमशुदगी नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज थी। मसूरी पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, सुमित पाल अपनी बाइक से मसूरी आए थे, लेकिन उसके बाद उनका कोई अता-पता नहीं चला। बुधवार को हाथीपांव रोड के जंगली इलाके में उनका शव मिला। शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद हुआ और पुलिस के अनुसार जंगली जानवरों ने भी उसे क्षति पहुँचाई है।

घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और परिस्थितियों पर कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जाएगा।

पुलिस की प्रतिक्रिया

मसूरी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह मामला दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या का है। जाँच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि सुमित पाल किन परिस्थितियों में मसूरी पहुँचे और उनकी मृत्यु कैसे हुई। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

रुद्रप्रयाग में किशोर की तलाश जारी

इसी बीच, रुद्रप्रयाग जिले के बंदतोली संगम क्षेत्र में 13 जुलाई की शाम नदी में बह गए 17 वर्षीय कुनाल पांडेय का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। कुनाल बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं।

ग्राम प्रधान गौंडार ने 13 जुलाई की शाम जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचना दी थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जल पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुँचीं। पहले दिन अंधेरे और खराब मौसम के कारण तलाश सफल नहीं हो सकी। 14 जुलाई को मौसम अनुकूल होने पर सघन सर्च अभियान चलाया गया, परंतु किशोर का कोई पता नहीं चला।

क्या होगा आगे

सुमित पाल के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य जाँच की दिशा तय करेंगे। रुद्रप्रयाग में बहुएजेंसी राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रशासन ने कहा है कि कुनाल पांडेय की तलाश तब तक जारी रहेगी जब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल जाती।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन निगरानी और त्वरित खोज तंत्र की कमी हर बार उजागर होती है। रुद्रप्रयाग में किशोर कुनाल पांडेय की तलाश यह भी दर्शाती है कि मानसून के दौरान नदियों के किनारे सुरक्षा इंतजाम अपर्याप्त हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही बताएगी कि यह त्रासदी टाली जा सकती थी या नहीं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मसूरी नाग मंदिर के पास शव किसका मिला?
शव देहरादून निवासी सुमित पाल (22) का है, जो 10 जुलाई से लापता थे। उनकी गुमशुदगी नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज थी और वे बाइक से मसूरी आए थे।
सुमित पाल की मौत का कारण क्या है?
पुलिस के अनुसार अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
शव किस हालत में मिला?
शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद हुआ और जंगली जानवरों ने भी उसे क्षति पहुँचाई है। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं।
रुद्रप्रयाग में कौन-सा किशोर लापता है?
17 वर्षीय कुनाल पांडेय , जो बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं, 13 जुलाई की शाम बंदतोली संगम क्षेत्र में नदी में बह गए। एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, जल पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
कुनाल पांडेय की तलाश में क्या बाधाएँ आईं?
पहले दिन अंधेरे और खराब मौसम के कारण तलाश सफल नहीं हो सकी। 14 जुलाई को मौसम अनुकूल होने पर सघन सर्च अभियान चलाया गया, फिर भी कोई सुराग नहीं मिला। राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले