हैदराबाद गणेश विसर्जन 2026: 30,000 पुलिसकर्मी तैनात, 69 फीट खैरताबाद गणेश की शोभायात्रा शुरू
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद में 25 सितंबर 2026 को गणेश विसर्जन के अंतिम एवं सबसे भव्य जुलूस के साथ इस वर्ष का उत्सव समापन की ओर बढ़ रहा है। हैदराबाद, साइबराबाद और मलकजगिरी कमिश्नरेट क्षेत्रों में शांतिपूर्ण विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए लगभग 30,000 पुलिसकर्मी एवं केंद्रीय सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। इस वर्ष पूजा के लिए लगभग एक लाख मूर्तियाँ स्थापित की गई थीं, जिनमें से अधिकांश को शुक्रवार को जलाशयों में विसर्जित किया जाएगा।
खैरताबाद 'बड़ा गणेश' की भव्य शोभायात्रा
शहर की सर्वाधिक चर्चित 69 फीट ऊँची खैरताबाद महा गणपति की शोभायात्रा पूरे उत्साह के साथ आरंभ हुई। अधिकारियों ने विशाल मूर्ति को सुरक्षित रूप से उठाकर वाहन पर रखने के लिए विशेष तकनीकी प्रबंध किए थे। दोपहर तक इसके हुसैन सागर में विसर्जन का कार्य पूर्ण होने की संभावना है।
मुख्य शोभायात्रा शहर के बाहरी इलाके बालापुर से प्रारंभ होकर 19 किलोमीटर का मार्ग तय कर हुसैन सागर झील तक पहुँचेगी। इस मार्ग में सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील पुराने शहर की प्रमुख सड़कें भी शामिल हैं। शहर और उसके बाहरी इलाकों से सैकड़ों मूर्तियाँ इस मुख्य जुलूस में सम्मिलित होती हैं।
सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम
चूँकि विसर्जन का समय शुक्रवार की नमाज़ के समय के साथ पड़ रहा है, इसलिए पुलिस ने चारमीनार के निकट ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में विशेष सतर्कता बरती है। हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने बताया कि हैदराबाद कमिश्नरेट की लॉ एंड ऑर्डर, ट्रैफिक, टास्क फोर्स, स्पेशल ब्रांच, सिटी सिक्योरिटी विंग और सीएआर यूनिट्स से लगभग 20,000 कर्मियों को तैनात किया गया है।
इसके अतिरिक्त, अन्य ज़िलों से बुलाई गई 42 प्लाटून — जिनमें 8,142 कर्मी शामिल हैं — को सात सुरक्षा जोन में तैनात किया गया है। चारमीनार, गोलकोंडा, राजेंद्रनगर और शमशाबाद में रैपिड एक्शन फोर्स की चार कंपनियाँ और खैरताबाद व सिकंदराबाद में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की दो कंपनियाँ भी तैनात हैं।
53 बम डिटेक्शन टीमें भी मुस्तैद हैं, जबकि आईजी-डीआईजी रैंक के अधिकारी मोअज्जमजाही मार्केट और बशीरबाग जैसे महत्त्वपूर्ण चौराहों पर निगरानी रखेंगे।
तकनीकी निगरानी का व्यापक तंत्र
पुलिस ने जुलूस मार्ग पर 10,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं, जो तेलंगाना स्टेट पुलिस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़े गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी कंट्रोल रूम से पूरे जुलूस पर नज़र रखेंगे। 24 एडवांस्ड ड्रोन और लगभग 100 हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे भीड़ घनत्व पर नज़र रखने और मूर्तियों की स्वचालित गिनती में सहयोग करेंगे।
मार्ग में पड़ने वाली इमारतों की छतों पर हाई-पावर दूरबीन और वायरलेस कम्युनिकेशन सेट से लैस पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस, ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC), हैदराबाद डिज़ास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी और अन्य विभागों ने समन्वित प्रबंध किए हैं।
आम जनता और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान
कमिश्नर सज्जनार ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में तीन पालियों में 26 'शी टीमें' लगातार कार्यरत रहेंगी। हुसैन सागर और शहर के आसपास के अन्य जलाशयों में किसी भी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए भारतीय सेना और पर्यटन विभाग के अनुभवी गोताखोर एवं बचाव नौकाएँ तैनात की गई हैं।
सज्जनार ने शुक्रवार सुबह स्वयं खैरताबाद गणेश पंडाल का दौरा कर ज़मीनी स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों से शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ पर्व मनाने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस बल विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
गौरतलब है कि हैदराबाद का गणेश उत्सव देश के सबसे बड़े और सांप्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से सबसे महत्त्वपूर्ण उत्सवों में से एक माना जाता है। इस वर्ष का विसर्जन जैसे ही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा, यह प्रशासन की समन्वित तैयारियों की सफलता का प्रमाण होगा।