25 सितंबर 2026
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हैदराबाद: खैरताबाद के 69 फुट 'पंचमुख महा गणपति' का हुसैन सागर में भव्य विसर्जन

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हैदराबाद: खैरताबाद के 69 फुट 'पंचमुख महा गणपति' का हुसैन सागर में भव्य विसर्जन

सारांश

हैदराबाद की 70 साल पुरानी परंपरा एक बार फिर जीवंत हुई — 69 फुट ऊँचे 'पंचमुख संकटहारा महा गणपति' की प्रतिमा को हुसैन सागर में विसर्जित किया गया। पाँच घंटे की शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालु, और राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री तक की मौजूदगी — यह हैदराबाद की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव था।

मुख्य बातें

खैरताबाद के 69 फुट ऊँचे 'पंचमुख संकटहारा महा गणपति' का 25 सितंबर 2026 को हुसैन सागर झील में शांतिपूर्ण विसर्जन हुआ।
शोभायात्रा ने एनटीआर मार्ग पर लगभग दो किलोमीटर की दूरी पाँच घंटे से अधिक में तय की।
खैरताबाद गणेश उत्सव का इतिहास 70 वर्ष पुराना है; पहली प्रतिमा 1954 में एक फुट की थी।
तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने 14 सितंबर को प्रथम पूजा की; मुख्यमंत्री ए.
रेवंत रेड्डी सहित कई वीआईपी ने भाग लिया।
हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया; जीएचएमसी और पुलिस ने समन्वित प्रबंधन किया।
2020 में कोविड-19 के कारण 66 फुट की योजना रद्द कर केवल एक फुट की प्रतिमा स्थापित हुई थी।

हैदराबाद के विख्यात खैरताबाद गणेश उत्सव का समापन 25 सितंबर 2026 को भव्य विसर्जन के साथ हुआ, जब 69 फुट ऊँचे 'पंचमुख संकटहारा महा गणपति' की प्रतिमा को हुसैन सागर झील में विसर्जित किया गया। एनटीआर मार्ग पर आयोजित इस शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु 'बड़ा गणेश' को भावभीनी विदाई देने के लिए उमड़ पड़े। यह विसर्जन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा।

विसर्जन की भव्य शोभायात्रा

पर्यावरण के अनुकूल बनाई गई इस विशाल प्रतिमा को सुबह एक विशाल क्रेन की सहायता से विशेष रूप से निर्मित हाथी वाहन पर रखा गया। टेलीफोन भवन और सचिवालय होते हुए एनटीआर मार्ग तक लगभग दो किलोमीटर की शोभायात्रा को पूरी करने में पाँच घंटे से अधिक का समय लगा। हुसैन सागर के तट पर पहुँचने पर एक विशाल क्रेन की सहायता से प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया।

सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियाँ

खैरताबाद गणेश उत्सव समिति ने हैदराबाद पुलिस, बृहत्तर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) और अन्य विभागों के समन्वय से विसर्जन की व्यापक व्यवस्था की। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने स्वयं खैरताबाद गणेश मंडप का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। झील के चारों ओर हजारों श्रद्धालु कतार में खड़े होकर इस ऐतिहासिक विसर्जन के साक्षी बने।

70 वर्षों की परंपरा और इस वर्ष का विषय

खैरताबाद गणेश उत्सव का इतिहास लगभग 70 वर्ष पुराना है। आयोजकों ने पहली बार 1954 में एक फुट की प्रतिमा स्थापित की थी और तब से हर वर्ष इसकी ऊँचाई एक फुट बढ़ाई जाती रही है। उल्लेखनीय है कि 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण आयोजकों ने 66 फुट की योजना के बावजूद केवल एक फुट की प्रतिमा स्थापित की थी। इस वर्ष 'पंचमुख संकटहारा महा गणपति' का अवतार चुना गया था। हर वर्ष की तरह इस बार भी एक नए विषय और नए अवतार के साथ प्रतिमा प्रस्तुत की गई।

वीआईपी उपस्थिति और श्रद्धा

तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने 14 सितंबर को खैरताबाद गणेश उत्सव में प्रथम पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, राज्य मंत्री पोन्नम प्रभाकर सहित अन्य वीआईपी ने भी प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने राज्य सरकार की ओर से रेशमी वस्त्र अर्पित किए। 12 दिनों तक चले इस उत्सव में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रतिदिन पूजा-अर्चना की।

उत्सव में जनभागीदारी

खैरताबाद के पूर्व विधायक डी. नागेंद्र विसर्जन जुलूस में शामिल हुए और उन्हें हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म 'द पैराडाइज' के गाने 'आया शेर' पर कुछ महिला पुलिस अधिकारियों के साथ उत्साहपूर्वक नृत्य करते देखा गया, जो उत्सव के जीवंत वातावरण को दर्शाता है। यह शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन एक बार फिर हैदराबाद की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बना।

संपादकीय दृष्टिकोण

हर साल बढ़ती प्रतिमा की ऊँचाई और लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ हुसैन सागर पर पर्यावरणीय दबाव की चर्चा भी उतनी ही जरूरी है। पर्यावरण के अनुकूल प्रतिमा का उल्लेख एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके दीर्घकालिक प्रभाव का सार्वजनिक मूल्यांकन अभी भी अपेक्षित है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खैरताबाद गणेश विसर्जन 2026 कब और कहाँ हुआ?
खैरताबाद गणेश की प्रतिमा का विसर्जन 25 सितंबर 2026 को हैदराबाद की हुसैन सागर झील में किया गया। शोभायात्रा एनटीआर मार्ग होते हुए झील तक पहुँची और विसर्जन विशाल क्रेन की सहायता से संपन्न हुआ।
इस वर्ष खैरताबाद गणेश की प्रतिमा कितनी ऊँची थी और विषय क्या था?
इस वर्ष प्रतिमा 69 फुट ऊँची थी और इसका विषय 'पंचमुख संकटहारा महा गणपति' चुना गया था। हर साल नए विषय और अवतार के साथ प्रतिमा स्थापित की जाती है।
खैरताबाद गणेश उत्सव का इतिहास कितना पुराना है?
खैरताबाद गणेश उत्सव का इतिहास लगभग 70 वर्ष पुराना है। आयोजकों ने पहली बार 1954 में एक फुट की प्रतिमा स्थापित की थी और तब से हर वर्ष इसकी ऊँचाई एक फुट बढ़ाई जाती है — हालाँकि 2020 में कोविड-19 के कारण यह क्रम एक बार टूटा।
विसर्जन में किन वीआईपी ने भाग लिया?
तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने 14 सितंबर को प्रथम पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, राज्य मंत्री पोन्नम प्रभाकर सहित अन्य वीआईपी ने भी उत्सव में भाग लिया।
विसर्जन की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने स्वयं मंडप का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। खैरताबाद गणेश उत्सव समिति ने पुलिस, जीएचएमसी और अन्य विभागों के समन्वय से विसर्जन की संपूर्ण व्यवस्था की और कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा।
राष्ट्र प्रेस
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