गणपति विसर्जन 2026: महाराष्ट्र-गुजरात में ढोल-ताशों के साथ उमड़े लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना सहित देश के विभिन्न हिस्सों में 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणपति विसर्जन की भव्य परंपरा संपन्न हो रही है। लाखों श्रद्धालु ढोल-ताशों की गूँज और 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारों के बीच भगवान गणेश की मूर्तियों को विदाई दे रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं।
मुंबई में विसर्जन का उत्सव
मुंबई के बोरीवली पूर्व से गोराई की ओर 25 फुट ऊँचे 'उपनगरचा राजा' गणपति का विसर्जन जुलूस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच रवाना हो गया। गिरगांव चौपाटी पर विसर्जन के लिए मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की टीमें तैनात की गई हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्नी अमृता फडणवीस और परिवार के साथ सीएम आवास पर गणपति की आरती की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, पंकजा मुंडे और अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
ठाणे और नागपुर में भावुक विदाई
ठाणे में मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा, 'पिछले 11 दिनों से मुंबई और ठाणे में हमारे सभी गणेश भक्त गणेश उत्सव मना रहे हैं। आज गणेश विसर्जन का दिन है और विसर्जन पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ किया जाएगा।'
नागपुर में पूजा-आरती के बाद 'राजा गणेश' की प्रतिमा को ढोल-ताशों की थाप के बीच भावुक विदाई दी गई।
पुणे में पाँच प्रमुख मूर्तियों की विसर्जन यात्रा
पुणे में महात्मा फुले मंडई से पाँच प्रमुख गणपति मूर्तियों की विसर्जन यात्रा शुरू हुई। मंडई चौक पर मेयर मंजूषा नागपुरे, मंत्री चंद्रकांत पाटिल, मंत्री माधुरी मिसल, केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने पूजा-अर्चना की। पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि गणेश विसर्जन की सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं।
नंदुरबार में 140 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 'दादा-बाबा गणपति' विसर्जन जुलूस शुरू हुआ, जिसमें करीब 228 गणेश मंडल भाग ले रहे हैं।
गुजरात के सूरत में एक लाख से अधिक मूर्तियाँ विसर्जित
गुजरात के सूरत में अनंत चतुर्दशी पर 1 लाख से अधिक सार्वजनिक पंडालों और घरों में स्थापित गणपति मूर्तियों का विसर्जन जारी है। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर करणराज सिंह वाघेला ने बताया कि पिछले दो महीनों से पुलिस व्यवस्था लगातार जारी है और उत्सव के 10 दिनों के दौरान हर जगह पुलिस की मौजूदगी बनी रही।
वाघेला ने जानकारी दी कि सूरत शहर की पुलिस और प्रशासन ने मिलकर 21 कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं तथा तीन प्राकृतिक जलाशयों में भी विसर्जन होगा। सीसीटीवी कैमरों, होम गार्ड और ट्रैफिक ब्रिगेड के माध्यम से सभी रास्तों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि विसर्जन शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियाँ
इस वर्ष के गणेश उत्सव और विसर्जन के लिए राज्यभर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। मुंबई से लेकर सूरत तक, पुलिस बल, होम गार्ड और नागरिक प्रशासन ने मिलकर भीड़-प्रबंधन और यातायात-नियंत्रण की जिम्मेदारी उठाई है। यह आयोजन सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश के सबसे बड़े सार्वजनिक उत्सवों में से एक है, और प्रत्येक वर्ष करोड़ों भक्त इसमें भाग लेते हैं।
आने वाले घंटों में जैसे-जैसे प्रमुख मूर्तियाँ जलाशयों तक पहुँचेंगी, प्रशासन का ध्यान सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन सुनिश्चित करने पर केंद्रित रहेगा।