16 सितंबर 2026
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वसई-विरार में 12,987 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, 11,974 मूर्तियाँ कृत्रिम तालाबों में विसर्जित

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वसई-विरार में 12,987 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, 11,974 मूर्तियाँ कृत्रिम तालाबों में विसर्जित

सारांश

वसई-विरार में डेढ़ दिन के गणपति की विदाई भव्य रही — 12,987 प्रतिमाएँ विसर्जित हुईं, जिनमें से 11,974 कृत्रिम तालाबों में। 128 तालाब, कन्वेयर बेल्ट और क्यूआर कोड लोकेशन के साथ इस बार उत्सव में पर्यावरण चेतना साफ़ दिखी।

मुख्य बातें

16 सितंबर 2026 को वसई-विरार में डेढ़ दिन के गणपति की विदाई; कुल 12,987 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन।
इनमें से 11,974 प्रतिमाएँ कृत्रिम तालाबों में विसर्जित — 11,847 घरेलू और 127 सार्वजनिक ।
जेटी, घूमते हौद और बंद पत्थर खदानों में 1,013 अतिरिक्त प्रतिमाओं का विसर्जन।
शहर में 128 कृत्रिम तालाब , 5 जेटियाँ , 2 बंद पत्थर खदानें और 18 घूमते हौद बनाए गए।
महापौर अजीव पाटील और आयुक्त पृथ्वीराज बीपी ने विसर्जन स्थलों का दौरा किया।
प्रशासन ने अनंत चतुर्दशी तक भी कृत्रिम तालाबों को प्राथमिकता देने की अपील की है।

वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में मंगलवार, 16 सितंबर 2026 को डेढ़ दिन के गणपति बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी गई। 'गणपति बप्पा मोरया' के जयघोष और गहरी आस्था के बीच कुल 12,987 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और अधिकांश मूर्तियाँ कृत्रिम तालाबों में विसर्जित की गईं।

विसर्जन के आँकड़े

महानगरपालिका द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, कुल 12,987 विसर्जित प्रतिमाओं में से 11,974 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया गया। इनमें 11,847 घरेलू और 127 सार्वजनिक गणेश प्रतिमाएँ शामिल थीं। इसके अलावा जेटी, घूमते हौद और बंद पत्थर खदानों में कुल 1,013 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ, जिनमें 1,009 घरेलू और 4 सार्वजनिक गणेश प्रतिमाएँ शामिल रहीं।

पर्यावरण संरक्षण की विशेष व्यवस्था

वसई-विरार महानगरपालिका ने इस वर्ष पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक तैयारियाँ की थीं। शहर में 128 कृत्रिम विसर्जन तालाब, 2 बंद पत्थर खदानें, 5 जेटियाँ तथा 9 प्रभागों में 18 घूमते हौद उपलब्ध कराए गए। बंद पत्थर खदानों में प्रतिमा विसर्जन के लिए कन्वेयर बेल्ट की विशेष व्यवस्था भी की गई थी। इस वर्ष शाडू मिट्टी से बनी पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाओं की संख्या भी उल्लेखनीय रही।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएँ

विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंडप, आरती स्थल, प्रकाश व्यवस्था, मूर्ति संग्रह केंद्र, निर्माल्य कलश, चिकित्सा सहायता कक्ष और सीसीटीवी निगरानी जैसी विशेष व्यवस्थाएँ की गई थीं। नागरिकों की सुविधा के लिए प्रत्येक विसर्जन स्थल का क्यूआर कोड आधारित गूगल लोकेशन भी उपलब्ध कराया गया था।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका

पूरी व्यवस्था महापौर अजीव पाटील और आयुक्त पृथ्वीराज बीपी के मार्गदर्शन में की गई। अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे और दीपक सावंत ने व्यवस्थाओं की निगरानी की। महापौर अजीव पाटिल, उप-महापौर मार्शल लोपिस तथा आयुक्त पृथ्वीराज बीपी ने विभिन्न विसर्जन स्थलों का दौरा किया। सभागृह नेता प्रफुल्ल साने, स्थायी समिति सभापति प्रवीण शेट्टी और विपक्ष के नेता मनोज पाटिल सहित कई जनप्रतिनिधि भी विभिन्न स्थलों पर उपस्थित रहे।

आगे क्या होगा

विसर्जन की प्रक्रिया बुधवार सुबह 6 बजे तक जारी रही। महानगरपालिका ने नागरिकों से आगामी पाँच दिवसीय गणपति, गौरी विसर्जन, सात दिवसीय गणपति तथा अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भी कृत्रिम तालाबों को प्राथमिकता देने और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है। इस वर्ष का गणेशोत्सव आस्था और पर्यावरण चेतना के संगम के रूप में याद किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

987 में से 11,974 प्रतिमाएँ कृत्रिम तालाबों में — दर्शाता है कि नागरिक पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन को स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब अनंत चतुर्दशी की बड़ी सार्वजनिक प्रतिमाएँ विसर्जित होंगी। कन्वेयर बेल्ट और क्यूआर कोड लोकेशन जैसे तकनीकी उपाय सराहनीय हैं, पर यह प्रश्न बना रहता है कि शेष 1,013 प्रतिमाएँ प्राकृतिक जलस्रोतों के कितने निकट विसर्जित हुईं। महानगरपालिका को न केवल संख्याएँ बतानी चाहिए, बल्कि जल-गुणवत्ता परिणामों की भी सार्वजनिक रिपोर्टिंग करनी चाहिए।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वसई-विरार में डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन में कुल कितनी प्रतिमाएँ विसर्जित हुईं?
16 सितंबर 2026 को वसई-विरार में कुल 12,987 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इनमें घरेलू और सार्वजनिक दोनों प्रकार की प्रतिमाएँ शामिल थीं।
कृत्रिम तालाबों में कितनी गणेश प्रतिमाएँ विसर्जित की गईं?
महानगरपालिका के आँकड़ों के अनुसार 11,974 प्रतिमाएँ कृत्रिम तालाबों में विसर्जित हुईं — जिनमें 11,847 घरेलू और 127 सार्वजनिक प्रतिमाएँ शामिल थीं। यह कुल विसर्जन का अधिकांश हिस्सा है।
वसई-विरार महानगरपालिका ने पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या व्यवस्थाएँ कीं?
महानगरपालिका ने 128 कृत्रिम विसर्जन तालाब, 2 बंद पत्थर खदानें, 5 जेटियाँ और 9 प्रभागों में 18 घूमते हौद उपलब्ध कराए। बंद खदानों में कन्वेयर बेल्ट की विशेष सुविधा भी थी।
विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए क्या सुविधाएँ उपलब्ध थीं?
विसर्जन स्थलों पर मंडप, आरती स्थल, प्रकाश व्यवस्था, मूर्ति संग्रह केंद्र, निर्माल्य कलश, चिकित्सा सहायता कक्ष, सीसीटीवी निगरानी और क्यूआर कोड आधारित गूगल लोकेशन की सुविधा दी गई।
आगामी गणपति विसर्जन के लिए महानगरपालिका की क्या अपील है?
महानगरपालिका ने नागरिकों से पाँच दिवसीय गणपति, गौरी विसर्जन, सात दिवसीय गणपति और अनंत चतुर्दशी पर भी कृत्रिम तालाबों को प्राथमिकता देने की अपील की है। प्रशासन का लक्ष्य प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना है।
राष्ट्र प्रेस
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