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मुंबई गणेशोत्सव: सातवें दिन 6,436 प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन, BMC ने दी क्लीन चिट

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मुंबई गणेशोत्सव: सातवें दिन 6,436 प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन, BMC ने दी क्लीन चिट

सारांश

मुंबई में गणेशोत्सव के सातवें दिन 6,436 प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन हुआ — 99 सार्वजनिक, 6,127 घरेलू और 210 गौरी प्रतिमाएँ। BMC की निगरानी में पूरी प्रक्रिया बिना किसी अनहोनी के संपन्न हुई। अब सबकी नज़रें अनंत चतुर्दशी के महाविसर्जन पर हैं।

मुख्य बातें

मुंबई में गणेशोत्सव के सातवें दिन (20 सितंबर) कुल 6,436 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।
इनमें 99 सार्वजनिक , 6,127 घरेलू गणेश प्रतिमाएँ और 210 गौरी प्रतिमाएँ शामिल थीं।
BMC के अनुसार रात 9 बजे तक किसी भी विसर्जन स्थल से कोई अप्रिय घटना दर्ज नहीं हुई।
निर्धारित विसर्जन स्थलों और कृत्रिम विसर्जन कुंडों पर BMC टीमें पूरे दिन तैनात रहीं।
अब अनंत चतुर्दशी के महाविसर्जन की तैयारियाँ जोरों पर हैं।

मुंबई में गणेशोत्सव 2026 के सातवें दिन, रविवार 20 सितंबर को कुल 6,436 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, रात 9 बजे तक विसर्जन की पूरी प्रक्रिया के दौरान शहर के किसी भी कोने से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

विसर्जन का ब्योरा: श्रेणीवार आँकड़े

BMC द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, विसर्जित 6,436 प्रतिमाओं में 99 सार्वजनिक गणेश प्रतिमाएँ, 6,127 घरेलू गणेश प्रतिमाएँ और 210 गौरी प्रतिमाएँ शामिल रहीं। इन सभी का विसर्जन शहर के विभिन्न निर्धारित विसर्जन स्थलों तथा कृत्रिम विसर्जन कुंडों में किया गया।

सबसे बड़ी संख्या घरेलू गणेश प्रतिमाओं की रही, जो कुल विसर्जन का 95% से अधिक हिस्सा बनती हैं। सार्वजनिक मंडलों की 99 प्रतिमाएँ और गौरी पूजन के अंतर्गत स्थापित 210 गौरी प्रतिमाओं का भी इसी दिन विधिवत विसर्जन किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका

BMC अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने और किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए विसर्जन स्थलों पर व्यापक इंतजाम किए गए थे। नगर निगम की टीमें पूरे दिन सभी प्रमुख विसर्जन घाटों पर तैनात रहीं और निगरानी करती रहीं।

कृत्रिम विसर्जन कुंडों की व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण की दिशा में BMC का एक अहम कदम मानी जाती है, जो प्राकृतिक जलस्रोतों पर दबाव कम करने में सहायक होती है।

गणेशोत्सव का महत्व और परंपरा

गौरतलब है कि गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव है। श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर, पूजा-अर्चना के बाद निर्धारित अवधि — एक दिन, तीन दिन, पाँच दिन, सात दिन या दस दिन — पर प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं। सातवें दिन का विसर्जन उन परिवारों और मंडलों द्वारा किया जाता है जिन्होंने सप्त-दिवसीय पूजन की परंपरा का पालन किया।

विसर्जन को भगवान गणेश की कैलाश-वापसी का प्रतीक माना जाता है — यह आस्था का वह क्षण है जब भक्त अगले वर्ष के आगमन की प्रार्थना के साथ विदाई देते हैं।

आगे क्या: अनंत चतुर्दशी पर महाविसर्जन

सातवें दिन के सफल विसर्जन के बाद अब सबकी निगाहें अनंत चतुर्दशी पर टिकी हैं, जिस दिन सबसे बड़े सार्वजनिक मंडलों — लालबागचा राजा, गणेशगल्ली सहित — की विशाल प्रतिमाओं का महाविसर्जन होता है। यह दिन मुंबई के गणेशोत्सव का सबसे भव्य और भावुक क्षण माना जाता है, जब लाखों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

436 प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन BMC की लॉजिस्टिक क्षमता का प्रमाण है, लेकिन असली चुनौती अनंत चतुर्दशी पर आएगी जब लाखों की भीड़ एकसाथ सड़कों पर होगी। कृत्रिम विसर्जन कुंडों का विस्तार एक सकारात्मक कदम है, पर यह सवाल भी उठता है कि मुंबई के समुद्री तटों और नदियों पर प्रदूषण की स्थिति क्या है — जिसका उत्तर अक्सर आधिकारिक रिपोर्टों में नदारद रहता है। उत्सव की भव्यता और पर्यावरणीय जवाबदेही के बीच यह संतुलन हर साल की सबसे बड़ी परीक्षा बनी रहती है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में गणेशोत्सव के सातवें दिन कितनी प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ?
BMC के आँकड़ों के अनुसार 20 सितंबर को रात 9 बजे तक कुल 6,436 प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। इनमें 99 सार्वजनिक, 6,127 घरेलू गणेश प्रतिमाएँ और 210 गौरी प्रतिमाएँ शामिल थीं।
क्या विसर्जन के दौरान कोई अप्रिय घटना हुई?
BMC की रिपोर्ट के अनुसार रात 9 बजे तक किसी भी विसर्जन स्थल से कोई अप्रिय घटना दर्ज नहीं की गई। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
विसर्जन के लिए मुंबई में क्या व्यवस्था की गई थी?
BMC ने शहर के विभिन्न निर्धारित विसर्जन स्थलों और कृत्रिम विसर्जन कुंडों पर अपनी टीमें तैनात की थीं। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे।
गणेशोत्सव में सातवें दिन का विसर्जन क्यों होता है?
गणेश चतुर्थी में श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार एक, तीन, पाँच, सात या दस दिनों के लिए प्रतिमा स्थापित करते हैं। जो परिवार या मंडल सप्त-दिवसीय पूजन करते हैं, वे सातवें दिन विसर्जन करते हैं। विसर्जन को भगवान गणेश की कैलाश-वापसी का प्रतीक माना जाता है।
मुंबई में अगला बड़ा विसर्जन कब होगा?
सबसे बड़ा महाविसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है, जब लालबागचा राजा जैसे प्रमुख सार्वजनिक मंडलों की विशाल प्रतिमाओं को विदाई दी जाती है। यह गणेशोत्सव का सबसे भव्य दिन होता है।
राष्ट्र प्रेस
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