क्या आई-पैक ऑफिस में छापेमारी भाजपा की बौखलाहट का संकेत है?: अनुराग ढांडा
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए गए हैं।
- अनुराग ढांडा ने राजनीतिक अस्थिरता को उजागर किया।
- दिल्ली में मौजूदा मुद्दे गंभीर हैं।
- ईडी और सीबीआई का उपयोग विवादास्पद है।
- राजनीति में अनैतिकता का बढ़ता प्रभाव।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कोलकाता स्थित ईडी के आई-पैक ऑफिस में छापेमारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला किया है। इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के अतिक्रमण मुद्दे और भाजपा नेता नितेश राणे के विवादास्पद बयान पर भी अपनी राय दी है।
आई-पैक ऑफिस में छापेमारी पर अनुराग ढांडा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि भाजपा बौखलाई हुई है। जब भी भाजपा अपने विरोधियों का चुनाव में सामना नहीं कर पाती है, तो वह ईडी और सीबीआई का सहारा लेती है। पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की मदद लेने के बाद भाजपा को अपनी हार दिखाई दे रही है, इसलिए वह ईडी और इनकम टैक्स का सहारा लेकर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहले भाजपा अन्य पार्टियों को डोनेशन नहीं लेने देना चाहती थी, लेकिन अब वे उन्हें प्रचार करने से भी रोकना चाहती हैं। अब ये पार्टियों के प्रचार के तरीके और चुनाव के कागजात भी छीन रही हैं, जिससे विरोधी उनका सामना नहीं कर सकें। यह भाजपा की बौखलाहट का स्पष्ट संकेत है।
फैज-ए-इलाही मस्जिद के अतिक्रमण पर उन्होंने कहा कि भाजपा पहले भी दिल्ली में दंगे फैलाने की कोशिश कर चुकी है। कपिल मिश्रा उनके ही नेता थे, जो भड़काऊ बयान देते थे। आज तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जेएनयू में उनके कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की, जिसे सभी ने देखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाल ही में जेएनयू में विवादित नारेबाजी हुई, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ये लोग कौन थे।
दिल्ली में बुलडोजर कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर माहौल को खराब करने के लिए किया जा रहा है। सरकार ने अपने ही लोगों को भेजकर माहौल को बिगाड़ा है।
दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर भाजपा घिर गई है। कानून-व्यवस्था को लेकर वह कोई जवाब नहीं दे पा रही है। जब दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर चर्चा हुई, तब कपिल मिश्रा ने संपादित वीडियो साझा किया।
उन्होंने कहा कि गुरुओं को राजनीति में खींचना, उनके नाम का गलत इस्तेमाल करना और फेक वीडियो जारी करना यह दर्शाता है कि भाजपा राजनीति में किसी भी हद तक जा सकती है।