क्या इमामगंज में राजद की जीत निश्चित है? शिक्षा से स्वास्थ्य तक, हर आवश्यकता को पूरा करेंगे: रितु प्रिया चौधरी

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क्या इमामगंज में राजद की जीत निश्चित है? शिक्षा से स्वास्थ्य तक, हर आवश्यकता को पूरा करेंगे: रितु प्रिया चौधरी

सारांश

इमामगंज विधानसभा चुनाव में रितु प्रिया चौधरी ने शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। वे बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने और विकास की शुरुआत जड़ों से करने का वादा कर रही हैं। क्या उनके वादे मतदाताओं को आकर्षित करेंगे?

मुख्य बातें

शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर जोर बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता ग्रामीण विकास का वादा

गयाजी, 9 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग के लिए रविवार शाम तक चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। इस दौरान, महागठबंधन की उम्मीदवार रितु प्रिया चौधरी ने कहा कि उनका मुख्य एजेंडा शिक्षा, साक्षरता, सिंचाई, दवा, आमदनी, काम का सही क्रियान्वयन और जनता की सुनवाई है।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इमामगंज जैसे क्षेत्रों में लोग अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं, इसलिए अब समय आ गया है कि विकास की प्रक्रिया जड़ों से शुरू की जाए।

रितु प्रिया चौधरी ने कहा, "हमारे इलाके में शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे बड़ी आवश्यकताएँ हैं। बच्चे आज भी अच्छी शिक्षा से वंचित हैं और बीमार होने पर लोगों को शहर की ओर भागना पड़ता है। यह स्थिति अब बदलनी चाहिए। हम चाहते हैं कि हर गांव में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर परिवार को इलाज अपने ही इलाके में उपलब्ध हो।"

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार में समय लगेगा, लेकिन हम इसकी शुरुआत तुरंत करेंगे। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा, बच्चों को पर्याप्त संसाधन मिलेंगे और लड़कियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा करते हुए, रितु प्रिया चौधरी ने कहा, "हम चाहते हैं कि लोग छोटी-छोटी बीमारियों के लिए गया शहर न जाएं। इमामगंज में एक अच्छी प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जहां डॉक्टर और दवाइयां दोनों उपलब्ध होंगी। हमारी कोशिश होगी कि लोगों को समय पर इलाज और जांच की सुविधा मिले।"

उन्होंने दावा किया कि इस बार इमामगंज विधानसभा में राजद की जीत निश्चित है।

2024 में जीतन राम मांझी के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उपचुनाव में मांझी की बहू दीपा कुमारी ने यह सीट बरकरार रखी, लेकिन जीत का अंतर केवल 5,945 वोटों का रहा। इसका मुख्य कारण प्रशांत किशोर की जन सुराज के उम्मीदवार द्वारा 37,082 वोट पाकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना देना था।

दीपा कुमारी अपने ससुर जीतन राम मांझी के नौ साल के कार्यकाल और विधायक बनने के बाद आठ महीनों में किए गए अपने काम पर वोट मांग रही हैं। वहीं, रितु प्रिया चौधरी (राजद/महागठबंधन) पार्टी के विकास और नौकरी के वादे के आधार पर मतदाताओं से वोट की अपील कर रही हैं।

इस पारंपरिक द्वंद्व को जन सुराज के अजीत दास त्रिकोणात्मक बनाने की पूरी कोशिश में हैं, जो प्रशांत किशोर के 'नया बिहार' बनाने की घोषणा को लेकर जनता के बीच हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमामगंज में कौन उम्मीदवार हैं?
रितु प्रिया चौधरी महागठबंधन की उम्मीदवार हैं।
राजद का मुख्य एजेंडा क्या है?
राजद का मुख्य एजेंडा शिक्षा , स्वास्थ्य , और जनता की सुनवाई है।
क्या रितु प्रिया चौधरी की जीत संभव है?
रितु प्रिया चौधरी का दावा है कि इस बार राजद की जीत निश्चित है।
राष्ट्र प्रेस