मध्य प्रदेश में IMD का आंधी-तूफान अलर्ट: 22 जिलों में 30-40 किमी/घंटा तेज हवाएं, दशहरे पर असर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 20 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के 22 से अधिक जिलों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, अचानक होने वाली बारिश राज्यभर में दशहरे के उत्सव में व्यवधान डाल सकती है।
किन जिलों में है अलर्ट
IMD की चेतावनी में भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी और दतिया शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के कुछ इलाकों में भी आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में आकाश मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है, हालाँकि कहीं-कहीं आंधी और हल्की बारिश की आशंका बनी हुई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि हवा की औसत गति 8-10 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना है।
मौजूदा तापमान का हाल
मंगलवार सुबह के मौसम आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर संभागों के कुछ हिस्सों में वर्षा दर्ज की गई, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।
चंबल संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.9 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा, जबकि जबलपुर संभाग में यह सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुआ। भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और सागर संभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.3-2.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
उल्लेखनीय है कि नर्मदापुरम और शहडोल संभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 से 4.4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया — यह इस मौसम में असामान्य रूप से उच्च स्तर है।
राज्य में सबसे कम तापमान नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि रतलाम में सर्वाधिक 36 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। खरगोन (35.6°C), खंडवा (35.5°C) और मंदसौर (35.1°C) में भी अधिकतम तापमान उच्च स्तर पर रहा।
आम जनता और किसानों के लिए सलाह
IMD ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी-तूफान के दौरान वे घर के अंदर रहें, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, और खुले मैदानों में बाहरी काम करने से बचें। यह सलाह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दशहरे के उपलक्ष्य में राज्यभर में बड़े-बड़े आयोजन खुले में होते हैं।
किसानों को सुझाया गया है कि वे खेतों में जलनिकासी का उचित प्रबंध करें, तेज हवा या बारिश के दौरान सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव स्थगित करें, तथा लंबे पौधों को सहारा दें ताकि वे गिर न सकें।
आगे कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुमान के अनुसार, अगले पाँच दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जो सर्दी के धीमे आगमन का संकेत देती है। गौरतलब है कि यह मौसमी बदलाव ऐसे समय आया है जब राज्यभर में दशहरा उत्सव की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और बड़े पैमाने पर सार्वजनिक आयोजन प्रस्तावित हैं।