इमरान मसूद ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा, NRC और UP सीट शेयरिंग पर भी दिया बयान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की यात्रियों की जान बचाने की कोशिश को 'इंसानियत की मिसाल' बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। साथ ही उन्होंने एनआरसी, एसआईआर, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी कार्रवाई और उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग समेत कई राजनीतिक मसलों पर खुलकर राय रखी।
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी
मसूद ने कहा कि जो भी व्यक्ति इंसानियत को बचाने का काम करता है, उसकी बहादुरी को सलाम किया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, विमान को संभालने के दौरान कैप्टन मच्छार को चोट भी लगी, फिर भी उन्होंने यात्रियों की जान बचाने की भरसक कोशिश की।
जब उनसे पूछा गया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पायलट को 'हीरो' बताया है, तो मसूद ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को इंसानियत के नजरिए से देखते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष इंसान का जीवन सर्वोच्च है और इसे किसी देश या राजनीति की कसौटी पर नहीं तौला जाना चाहिए।
NRC पर तीखा पलटवार
आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर की उस टिप्पणी पर — कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं, इसलिए एनआरसी लागू होना चाहिए — मसूद ने व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल किया कि नागरिकता का प्रमाणपत्र कौन जारी करेगा।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या आरएसएस ऐसे प्रमाणपत्र बाँटेगा — और यदि ऐसा करना ही है, तो आरएसएस कार्यालय में ही एक दफ्तर खोलकर वहीं से प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाएँ। यह टिप्पणी विपक्ष की उस व्यापक चिंता को दर्शाती है कि एनआरसी की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो।
SIR और चुनाव आयुक्त पर विपक्षी आंदोलन
एसआईआर को लेकर इंडिया ब्लॉक की बैठक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में मसूद ने कहा कि विपक्ष सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो अभियान शुरू किया है, उसे और आगे बढ़ाया जाएगा और अलग-अलग स्थानों पर जाकर आम लोगों के बीच यह मुद्दा उठाया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शिवराज सिंह चौहान के आरोप पर — कि कांग्रेस विदेशी शक्तियों के जरिए भारत के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करा रही है — मसूद ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए, न कि आरोप लगाने चाहिए।
राहुल गांधी और ममता बनर्जी की टिप्पणी
लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर ममता बनर्जी की चुप्पी पर मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर विपक्षी दलों में बेचैनी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता ममता बनर्जी से नहीं है — असली राजनीतिक लड़ाई अलग मुद्दों और अलग राजनीतिक ताकतों के बीच है।
बाबा रामदेव के उस बयान पर — कि भारत के सभी मुसलमान धर्मांतरित हैं और उनके पूर्वज राम-कृष्ण थे — मसूद ने कहा कि इस तरह की बातें बहुत दूर तक जाती हैं और मौजूदा जरूरी मुद्दों के लिहाज से प्रासंगिक नहीं हैं।
UP में सीट शेयरिंग पर पार्टी लाइन
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन और कांग्रेस की करीब 150 सीटों की माँग के बारे में पूछे जाने पर मसूद ने कहा कि उनकी राय वही है जो पार्टी और प्रदेश प्रभारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सीटों की संख्या को लेकर व्यक्तिगत तौर पर कोई अलग रुख नहीं रखेंगे और पार्टी नेतृत्व के फैसले के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे।
गौरतलब है कि UP में सीट बँटवारे पर कांग्रेस और सपा के बीच खींचतान पहले भी सामने आ चुकी है। मसूद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब INDIA ब्लॉक के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले हफ्तों में पार्टी का आधिकारिक रुख सीट शेयरिंग की तस्वीर को और साफ करेगा।