1 अक्टूबर 2026
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इमरान मसूद ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा, NRC और UP सीट शेयरिंग पर भी दिया बयान

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इमरान मसूद ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा, NRC और UP सीट शेयरिंग पर भी दिया बयान

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को इंसानियत की मिसाल बताया, NRC पर आरएसएस को तीखा जवाब दिया और UP में 150 सीटों की माँग पर पार्टी लाइन का समर्थन किया — एक ही बयान में कई मोर्चों पर कांग्रेस की स्थिति साफ की।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को 'इंसानियत की मिसाल' बताया।
मसूद ने NRC पर व्यंग्य करते हुए पूछा कि नागरिकता प्रमाणपत्र कौन जारी करेगा — आरएसएस या सरकार?
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।
राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर विपक्षी दलों में 'बेचैनी' है — मसूद का बयान।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ करीब 150 सीटों की माँग पर मसूद ने पार्टी लाइन का समर्थन किया।
बाबा रामदेव के धर्मांतरण वाले बयान को मसूद ने 'अप्रासंगिक' बताया।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की यात्रियों की जान बचाने की कोशिश को 'इंसानियत की मिसाल' बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। साथ ही उन्होंने एनआरसी, एसआईआर, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्षी कार्रवाई और उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग समेत कई राजनीतिक मसलों पर खुलकर राय रखी।

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी

मसूद ने कहा कि जो भी व्यक्ति इंसानियत को बचाने का काम करता है, उसकी बहादुरी को सलाम किया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, विमान को संभालने के दौरान कैप्टन मच्छार को चोट भी लगी, फिर भी उन्होंने यात्रियों की जान बचाने की भरसक कोशिश की।

जब उनसे पूछा गया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पायलट को 'हीरो' बताया है, तो मसूद ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को इंसानियत के नजरिए से देखते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष इंसान का जीवन सर्वोच्च है और इसे किसी देश या राजनीति की कसौटी पर नहीं तौला जाना चाहिए।

NRC पर तीखा पलटवार

आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर की उस टिप्पणी पर — कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं, इसलिए एनआरसी लागू होना चाहिए — मसूद ने व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल किया कि नागरिकता का प्रमाणपत्र कौन जारी करेगा।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या आरएसएस ऐसे प्रमाणपत्र बाँटेगा — और यदि ऐसा करना ही है, तो आरएसएस कार्यालय में ही एक दफ्तर खोलकर वहीं से प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाएँ। यह टिप्पणी विपक्ष की उस व्यापक चिंता को दर्शाती है कि एनआरसी की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो।

SIR और चुनाव आयुक्त पर विपक्षी आंदोलन

एसआईआर को लेकर इंडिया ब्लॉक की बैठक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की प्रस्तावित कार्रवाई के बारे में मसूद ने कहा कि विपक्ष सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो अभियान शुरू किया है, उसे और आगे बढ़ाया जाएगा और अलग-अलग स्थानों पर जाकर आम लोगों के बीच यह मुद्दा उठाया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शिवराज सिंह चौहान के आरोप पर — कि कांग्रेस विदेशी शक्तियों के जरिए भारत के लोकतंत्र में हस्तक्षेप करा रही है — मसूद ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को जवाब देना चाहिए, न कि आरोप लगाने चाहिए।

राहुल गांधी और ममता बनर्जी की टिप्पणी

लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर ममता बनर्जी की चुप्पी पर मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर विपक्षी दलों में बेचैनी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता ममता बनर्जी से नहीं है — असली राजनीतिक लड़ाई अलग मुद्दों और अलग राजनीतिक ताकतों के बीच है।

बाबा रामदेव के उस बयान पर — कि भारत के सभी मुसलमान धर्मांतरित हैं और उनके पूर्वज राम-कृष्ण थे — मसूद ने कहा कि इस तरह की बातें बहुत दूर तक जाती हैं और मौजूदा जरूरी मुद्दों के लिहाज से प्रासंगिक नहीं हैं।

UP में सीट शेयरिंग पर पार्टी लाइन

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन और कांग्रेस की करीब 150 सीटों की माँग के बारे में पूछे जाने पर मसूद ने कहा कि उनकी राय वही है जो पार्टी और प्रदेश प्रभारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सीटों की संख्या को लेकर व्यक्तिगत तौर पर कोई अलग रुख नहीं रखेंगे और पार्टी नेतृत्व के फैसले के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे।

गौरतलब है कि UP में सीट बँटवारे पर कांग्रेस और सपा के बीच खींचतान पहले भी सामने आ चुकी है। मसूद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब INDIA ब्लॉक के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले हफ्तों में पार्टी का आधिकारिक रुख सीट शेयरिंग की तस्वीर को और साफ करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

संवैधानिक (NRC, SIR) और चुनावी (UP सीट शेयरिंग) मोर्चों पर खुद को स्थापित करने की कोशिश करती है। हालाँकि UP में 150 सीटों की माँग पर 'पार्टी लाइन' का हवाला देना यह भी बताता है कि सपा के साथ सौदेबाजी अभी नाजुक दौर में है। राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर 'बेचैनी' वाली टिप्पणी INDIA ब्लॉक के आंतरिक तनाव को उजागर करती है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। NRC पर व्यंग्यात्मक हमला प्रभावी है, लेकिन विपक्ष को यह भी बताना होगा कि वह नागरिकता सत्यापन की किसी वैकल्पिक व्यवस्था का समर्थन करता है या नहीं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और इमरान मसूद ने उनकी तारीफ क्यों की?
कैप्टन स्मित मच्छार एक भारतीय पायलट हैं जिन्होंने विमान संभालने के दौरान चोट लगने के बावजूद यात्रियों की जान बचाने की कोशिश की। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उनकी इस बहादुरी को 'इंसानियत की मिसाल' बताते हुए कहा कि ऐसे कार्य की सराहना देश और राजनीति से परे होनी चाहिए।
इमरान मसूद ने NRC पर आरएसएस को क्या जवाब दिया?
आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर के NRC लागू करने के बयान पर मसूद ने व्यंग्यात्मक सवाल उठाया कि नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार किसे होगा। उन्होंने कटाक्ष किया कि यदि आरएसएस ऐसे प्रमाणपत्र बाँटना चाहता है तो उसके कार्यालय में ही दफ्तर खोल दिया जाए।
UP में कांग्रेस की 150 सीटों की माँग पर मसूद का क्या रुख है?
मसूद ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग पर उनकी वही राय है जो पार्टी और प्रदेश प्रभारी की है। उन्होंने कहा कि वह सीटों की संख्या पर व्यक्तिगत अलग रुख नहीं रखेंगे और कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे।
SIR और चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष क्या कदम उठाने वाला है?
मसूद ने कहा कि विपक्ष SIR मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। राहुल गांधी के अभियान को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर आम लोगों के बीच यह मुद्दा उठाया जाएगा।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर ममता बनर्जी की चुप्पी पर मसूद ने क्या कहा?
मसूद ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर विपक्षी दलों में बेचैनी है और कई लोग उनके सामने परेशान हैं। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई ममता बनर्जी से नहीं, बल्कि असली राजनीतिक मुकाबला अलग ताकतों के बीच है।
राष्ट्र प्रेस
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