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चुनाव आयोग को स्वतंत्र बनाना कांग्रेस की पहली प्राथमिकता: इमरान मसूद

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चुनाव आयोग को स्वतंत्र बनाना कांग्रेस की पहली प्राथमिकता: इमरान मसूद

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक साथ कई मोर्चों पर सरकार को घेरा — चुनाव आयोग की निष्पक्षता से लेकर परिसीमन विधेयक, UP में सीट बंटवारे और छोटे व्यापारियों की तकलीफ तक। उनका संदेश साफ था: कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में कई मुद्दों पर केंद्र और योगी सरकार को घेरा।
मसूद ने कहा कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाना कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
परिसीमन विधेयक पर आरोप — उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक असंतुलन की आशंका जताई।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा सीट बंटवारे की बातचीत अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य।
दिल्ली में प्रदर्शनों से व्यापारियों को रोज़ाना ₹50 करोड़ नुकसान के दावे पर सवाल उठाए; जीएसटी और महंगाई को असली कारण बताया।
योगी आदित्यनाथ के 'रामराज्य' दावे पर कटाक्ष — अपराध, महिला सुरक्षा और बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी — जिनमें चुनाव आयोग की निष्पक्षता, परिसीमन विधेयक, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा सीट बंटवारा, रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ और छोटे व्यापारियों की बिगड़ती स्थिति शामिल हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तीखे सवाल दागे।

चुनाव आयोग और लोकतंत्र पर रुख

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के राहुल गांधी पर दिए गए बयान के संदर्भ में मसूद ने पलटवार करते हुए कहा, 'व्यवस्था तो परिवर्तन करना ही चाहते हैं, लोग आपसे उबर गए हैं। लेकिन, हम लोकतांत्रिक लोग हैं, आपकी तरह चुराएंगे नहीं। हम लूटा हुआ लोकतंत्र नहीं लेंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाना है।

परिसीमन विधेयक पर आरोप

परिसीमन विधेयक को लेकर मसूद ने आरोप लगाया कि इसके ज़रिये देश की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उनके अनुसार, इस कदम से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच नई राजनीतिक खाई पैदा हो सकती है और प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ सकता है। यह पूछे जाने पर कि क्या द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ जा सकती है, मसूद ने कहा कि ऐसा करना डीएमके के लिए 'आत्महत्या' के समान होगा।

उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे की बातचीत

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच चल रही सीट बंटवारे की बातचीत पर मसूद ने बताया कि दोनों पक्ष प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं और कोशिश है कि अक्टूबर तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाए। सपा नेताओं के उस बयान पर, जिसमें कहा गया कि कांग्रेस को 50 सीटों को लेकर परेशान नहीं होना चाहिए, मसूद ने कहा कि 'इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं है।' उन्होंने इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर ज़ोर दिया।

रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ और ट्रंप फैक्टर

रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ के संभावित असर पर मसूद ने कहा कि इस मामले में आगे क्या होगा, यह अभी कहना मुश्किल है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में टिप्पणी की कि 'वह कुछ भी कर सकते हैं और उनके अगले कदम का अनुमान लगाना आसान नहीं है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर वैश्विक नज़रें टिकी हुई हैं।

व्यापारियों की स्थिति और योगी सरकार पर सवाल

दिल्ली में प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को रोज़ाना करीब ₹50 करोड़ के नुकसान के दावे पर मसूद ने सवाल उठाया और पूछा कि जब सामान बिक ही नहीं रहा तो नुकसान के आकलन का आधार क्या है। उन्होंने जीएसटी और महंगाई को छोटे व्यापारियों की तकलीफ की असली वजह बताया और आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने इस वर्ग को नुकसान पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के '2014 से पहले माफिया राज और अब रामराज्य' वाले बयान पर मसूद ने कटाक्ष करते हुए राज्य में अपराध, महिला सुरक्षा और बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों से मेल नहीं खाती। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर विपक्ष का दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह मुद्दा दक्षिण भारतीय दलों को इंडिया गठबंधन के करीब ला सकता है — लेकिन डीएमके को 'आत्महत्या' की चेतावनी देना, बिना किसी ठोस साक्ष्य के, अतिरंजना का जोखिम उठाता है। UP में सीट बंटवारे की 'अक्टूबर' की समयसीमा बार-बार टलती रही है, जो गठबंधन की आंतरिक खींचतान को उजागर करती है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने चुनाव आयोग को लेकर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाना कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के राहुल गांधी पर दिए गए बयान के जवाब में दिया।
परिसीमन विधेयक पर कांग्रेस का क्या रुख है?
मसूद ने आरोप लगाया कि परिसीमन विधेयक के ज़रिये देश की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा सीट बंटवारे की स्थिति क्या है?
मसूद के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और अक्टूबर तक इसे अंतिम रूप देने की कोशिश है। उन्होंने इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर भी ज़ोर दिया।
दिल्ली में व्यापारियों के नुकसान पर मसूद ने क्या कहा?
मसूद ने प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को रोज़ाना ₹50 करोड़ नुकसान के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि जब सामान बिक ही नहीं रहा तो नुकसान का आकलन किस आधार पर हो रहा है। उन्होंने जीएसटी और महंगाई को छोटे व्यापारियों की असली परेशानी बताया।
योगी आदित्यनाथ के 'रामराज्य' दावे पर मसूद की क्या प्रतिक्रिया रही?
मसूद ने योगी सरकार के 'रामराज्य' के दावे पर कटाक्ष करते हुए उत्तर प्रदेश में अपराध, महिला सुरक्षा और बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में फर्क है।
राष्ट्र प्रेस
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