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क्या इंडिया गेट पर प्रदर्शन के मामले में नौ आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दी?

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क्या इंडिया गेट पर प्रदर्शन के मामले में नौ आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दी?

सारांश

क्या इंडिया गेट पर हुए प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल नौ आरोपियों को जमानत मिली? जानें इस मामले की पूरी कहानी और क्या है पुलिस का कहना।

मुख्य बातें

नौ आरोपियों को जमानत मिली है।
प्रदर्शन वायु प्रदूषण के खिलाफ हुआ था।
पुलिस ने 22 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए।
कोर्ट ने 20-20 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई।

नई दिल्ली, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पटियाला हाउस कोर्ट ने वायु प्रदूषण नियंत्रण की मांग को लेकर इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने के मामले में नौ आरोपियों को जमानत प्रदान की है। अदालत ने सभी आरोपियों को 20-20 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी है।

सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने कहा कि उनका किसी भी प्रतिबंधित संगठन से कोई संबंध नहीं है। पुलिस द्वारा लगाए गए सभी आरोप भ्रामक और झूठे हैं। केवल सरकार के खिलाफ नारेबाजी के लिए किसी को हिरासत में नहीं लिया जा सकता।

दिल्ली पुलिस ने 27 नवंबर को प्रदूषण के मामले में प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। इसके बाद, संसद मार्ग थाना पुलिस ने सभी आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था, जहां से चार प्रदर्शनकारियों- गुरकीरत, रौजोत, क्रांति, और अविनाश को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया, जबकि अन्य 13 आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

13 आरोपियों की जमानत याचिका पर 28 नवंबर को सुनवाई होनी थी। अदालत ने इस पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था।

पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन सिर्फ प्रदूषण के मुद्दे पर नहीं था। भीड़ में कुछ लोग नक्सलवाद और आतंकवाद के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, जैसे ही उन्हें इंडिया गेट के पास सी-हेक्सागन इलाके से हटाया गया, वे सीधे संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि थाने का गेट और डीसीपी ऑफिस जाने वाला रास्ता पूरी तरह जाम हो गया। न कोई अंदर जा पा रहा था, न ही बाहर निकल पा रहा था।

जब पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया, तो कई प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए। कुछ ने पुलिस पर धक्का-मुक्की की, जबकि कुछ ने खुद को जमीन पर पटकना शुरू कर दिया। इससे कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। पुलिस के अनुसार, जब उन्हें हिरासत में लिया गया और पहचान पूछी गई तो किसी ने सही जानकारी देने से इनकार कर दिया और उल्टा पुलिस कर्मचारियों पर आरोप लगाने लगे।

दिल्ली पुलिस ने इस घटनाक्रम में कुल 22 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कर्तव्यपथ थाना में 6 प्रदर्शनकारियों पर केस हुआ, जबकि संसद मार्ग थाने में 17 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, प्रदर्शन का तरीका और उसके परिणाम भी विचारणीय हैं। पुलिस और अदालत के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि नागरिकों के अधिकारों का सम्मान हो सके।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गेट पर प्रदर्शन क्यों हुआ?
इंडिया गेट पर प्रदूषण नियंत्रण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने किस आधार पर जमानत दी?
कोर्ट ने आरोपियों को 20-20 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्या आरोप लगाए?
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में कुछ लोग नक्सलवाद और आतंकवाद के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे।
कितने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए?
दिल्ली पुलिस ने कुल 22 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए।
क्या प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था?
हां, कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था और उनकी पहचान पूछी गई।
राष्ट्र प्रेस
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