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हिंद-प्रशांत सुरक्षा में भारत अहम साझेदार: जापानी प्रेस सेक्रेटरी तोशीहिरो कितामुरा

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हिंद-प्रशांत सुरक्षा में भारत अहम साझेदार: जापानी प्रेस सेक्रेटरी तोशीहिरो कितामुरा

सारांश

जापान के प्रेस सेक्रेटरी तोशीहिरो कितामुरा ने नई दिल्ली में साफ कहा — हिंद-प्रशांत को स्वतंत्र और खुला रखने में भारत जापान का सबसे अहम साझेदार है। क्वाड की दो नई समुद्री निगरानी पहलों के साथ यह साझेदारी अगले 10 वर्षों के लिए और गहरी होने जा रही है।

मुख्य बातें

जापान के प्रेस सेक्रेटरी तोशीहिरो कितामुरा ने 26 मई को नई दिल्ली में भारत को हिंद-प्रशांत का अहम रणनीतिक साझेदार बताया।
प्रधानमंत्री मोदी की जापान सरकार के साथ सहयोग की प्रतिबद्धता का जापान ने स्वागत किया।
दोनों देश संयुक्त बयान के आधार पर अगले 10 वर्षों तक द्विपक्षीय सहयोग जारी रखेंगे।
बैठक में दो नई पहलें शुरू हुईं — क्वाड मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस इनिशिएटिव और हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग ।
जापान ने हिंद-प्रशांत ऊर्जा सुरक्षा पहल और महत्वपूर्ण खनिजों की स्थायी आपूर्ति शृंखला बनाने पर ज़ोर दिया।

जापान के प्रेस सेक्रेटरी और आधिकारिक प्रवक्ता तोशीहिरो कितामुरा ने 26 मई को नई दिल्ली में कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र और खुला बनाए रखने में भारत, जापान का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान सरकार के साथ सहयोग की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए अगले 10 वर्षों तक द्विपक्षीय सहयोग जारी रखने की इच्छा जताई।

ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला पर ज़ोर

कितामुरा ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए कहा, 'सबसे पहले, मैं जरूरी मिनरल्स के लिए एक स्थायी आपूर्ति शृंखला बनाने और ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित करने की अहमियत पर जोर देना चाहूंगा।' उन्होंने हिंद-प्रशांत ऊर्जा सुरक्षा पहल को आगे बढ़ाने की जापान की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि चारों क्वाड देशों के बीच इस तरह का सहयोग क्षेत्र को ठोस समर्थन देने के लिए ज़रूरी है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर दबाव बढ़ रहा है और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता को लेकर प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ नई रणनीतियाँ बना रही हैं।

पीएम मोदी की भूमिका को सराहा

हिंद-प्रशांत सुरक्षा को स्थिर और मज़बूत करने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका पर कितामुरा ने कहा, 'हिंद-प्रशांत को स्वतंत्र और खुला बनाने में भारत जापान के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण साझेदार है। हम भारत सरकार, खासकर प्रधानमंत्री मोदी के जापानी सरकार के साथ काम करने की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जापान दोनों देशों के बीच संयुक्त बयान के आधार पर अगले 10 वर्षों तक भारत सरकार के साथ सहयोग जारी रखने को लेकर उत्साहित है।

क्वाड की समुद्री सुरक्षा पहल

क्वाड की ओर से इंडो-पैसिफिक में समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता को मज़बूत करने के प्रयासों पर कितामुरा ने बताया कि बैठक में दो नई सहयोग पहलें शुरू की गईं — क्वाड मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस इनिशिएटिव और हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग। उन्होंने कहा, 'भारत और जापान दोनों के लिए समुद्री कम्युनिकेशन लाइनें काफी जरूरी हैं। दोनों देशों के लिए फ्री नेविगेशन सुनिश्चित करना भी बहुत जरूरी है।'

गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री तनाव और क्षेत्रीय दावों को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।

आगे की राह

कितामुरा के अनुसार, इन पहलों के ज़रिए जापान और भारत मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ठोस और स्थायी नतीजे लाना चाहते हैं। दोनों देशों के बीच संयुक्त बयान पर आधारित दीर्घकालिक सहयोग ढाँचा इस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने का काम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत पर तेज़ी से दाँव लगा रहा है। क्वाड की दो नई समुद्री पहलें इस बात की पुष्टि करती हैं कि यह साझेदारी अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही। हालाँकि असली कसौटी यह होगी कि ये पहलें ज़मीन पर कितनी तेज़ी से क्रियान्वित होती हैं, क्योंकि क्वाड के पिछले कुछ ढाँचे घोषणाओं में मज़बूत लेकिन क्रियान्वयन में धीमे रहे हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तोशीहिरो कितामुरा ने हिंद-प्रशांत सुरक्षा में भारत की भूमिका पर क्या कहा?
जापान के प्रेस सेक्रेटरी तोशीहिरो कितामुरा ने कहा कि हिंद-प्रशांत को स्वतंत्र और खुला बनाने में भारत जापान का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की जापान सरकार के साथ काम करने की प्रतिबद्धता का विशेष रूप से स्वागत किया।
क्वाड की नई समुद्री सुरक्षा पहलें क्या हैं?
बैठक में दो पहलें शुरू की गईं — क्वाड मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस इनिशिएटिव और हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग। इनका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र नेविगेशन सुनिश्चित करना और समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करना है।
भारत और जापान के बीच सहयोग कितने समय के लिए तय हुआ है?
कितामुरा के अनुसार, दोनों देश संयुक्त बयान के आधार पर अगले 10 वर्षों तक द्विपक्षीय सहयोग जारी रखेंगे। जापान ने इस दीर्घकालिक साझेदारी को लेकर उत्साह ज़ाहिर किया है।
हिंद-प्रशांत ऊर्जा सुरक्षा पहल क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
हिंद-प्रशांत ऊर्जा सुरक्षा पहल क्वाड देशों की एक संयुक्त कोशिश है, जिसका लक्ष्य ज़रूरी खनिजों की स्थायी आपूर्ति शृंखला बनाना और ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित करना है। कितामुरा ने इस पहल में भारत की सक्रिय भागीदारी को अनिवार्य बताया।
क्वाड क्या है और इसमें कौन-से देश शामिल हैं?
क्वाड (Quad) चार देशों — भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया — का एक रणनीतिक सुरक्षा संवाद मंच है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को बनाए रखना है।
राष्ट्र प्रेस
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