भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी एनएवीएसआईएम सिम्युलेटर का किया उद्घाटन
सारांश
Key Takeaways
- एनएवीएसआईएम सिम्युलेटर का उद्घाटन किया गया है।
- यह स्वदेशी उपकरण भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण को सुदृढ़ करेगा।
- सिम्युलेटर रात के ऑपरेशन्स में मदद करेगा।
- इसका विकास भारत में ही किया गया है।
- स्वदेशीकरण और आधुनिकीकरण के प्रयास जारी हैं।
हैदराबाद, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय वायुसेना के ट्रेनिंग कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल एस. श्रीनिवास ने गुरुवार को एयर फोर्स स्टेशन बेगमपेट स्थित नेविगेशन ट्रेनिंग स्कूल (एनटीएस) में स्वदेशी रूप से निर्मित एनएवीएसआईएम सिम्युलेटर का उद्घाटन किया।
यह सिम्युलेटर पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है। इसमें उन्नत और आधुनिक ग्राफिक्स शामिल हैं, जो प्रशिक्षण को और अधिक यथार्थवादी बनाते हैं। एनएवीएसआईएम विशेष रूप से रात के समय के ऑपरेशन्स और विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें कई जटिल आपातकालीन परिदृश्य शामिल हैं, जिससे प्रशिक्षण की प्रभावशीलता में वृद्धि हुई है।
इस नए सिम्युलेटर की मौजूदगी से वायुसेना के नेविगेटर्स और वेपन सिस्टम ऑपरेटर्स का प्रशिक्षण काफी सुदृढ़ हुआ है। अब प्रशिक्षार्थी वास्तविक उड़ान से पूर्व ही विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का अभ्यास कर सकेंगे, जिससे उनकी तैयारियों में और निखार आएगा।
उद्घाटन के अवसर पर एयर मार्शल एस. श्रीनिवास ने कहा कि यह स्वदेशी सिम्युलेटर भारतीय वायुसेना की बढ़ती ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ट्रेनिंग कमांड की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें स्वदेशी क्षमता निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। स्वदेशी उपकरणों के उपयोग से न केवल लागत में कमी आती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी बल मिलता है।
नेविगेशन ट्रेनिंग स्कूल, बेगमपेट भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है, जहाँ नेविगेटर्स और वेपन सिस्टम ऑपरेटर्स को उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। एनएवीएसआईएम के आगमन से इस स्कूल की प्रशिक्षण क्षमता में और वृद्धि हुई है।
यह विकास भारतीय वायुसेना की आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण की दिशा में निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। वायुसेना अब तेजी से ऐसे स्वदेशी उपकरणों को शामिल कर रही है, जो न सिर्फ प्रशिक्षण को बेहतर बनाते हैं बल्कि भविष्य के आधुनिक युद्ध परिदृश्यों के लिए भी तैयार करते हैं।