क्या डाक विभाग ने ओएनडीसी से पहला ऑनलाइन ऑर्डर डिलीवर किया?
सारांश
Key Takeaways
- डाक विभाग ने ओएनडीसी के जरिए पहला ऑनलाइन ऑर्डर सफलतापूर्वक डिलीवर किया।
- यह डिलीवरी विभाग की रसद सेवा प्रदाता के रूप में पहली है।
- उद्यमवेल द्वारा दिया गया ऑर्डर डिजिटल ई-कॉमर्स के लिए महत्वपूर्ण है।
- ओएनडीसी प्लेटफॉर्म छोटे व्यवसायों को अवसर प्रदान करता है।
- क्लिक एंड बुक मॉडल की शुरुआत से प्रक्रिया सरल हुई है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। डाक विभाग ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के माध्यम से प्राप्त पहला ऑनलाइन ऑर्डर सफलतापूर्वक गुरुवार को डिलीवर किया। यह जानकारी संचार मंत्रालय ने प्रदान की।
मंत्रालय ने उल्लेख किया कि डाक विभाग ने ओएनडीसी के जरिए मंगलवार को अपना पहला ऑनलाइन ऑर्डर बुक किया था और यह कंसाइनमेंट गुरुवार को सफलतापूर्वक डिलीवर कर दिया गया।
यह डिलीवरी विभाग की रसद सेवा प्रदाता (एलएसपी) के रूप में की गई पहली डिलीवरी है।
संचार मंत्रालय ने बताया कि यह पहला ऑर्डर उद्यमवेल द्वारा दिया गया, जो डाक विभाग द्वारा डिजिटल रूप से सक्षम और इंटरऑपरेबल लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्यमवेल एक ओएनडीसी-सक्षम पहल है, जो कारीगरों, किसानों और अन्य ग्रामीण उद्यमियों को व्यापक सेवाएं प्रदान करके भारतीय उद्यमियों को सहायता देने पर केंद्रित है।
मंत्रालय के अनुसार, डाक विभाग का ओएनडीसी के साथ एकीकरण किया गया है जिससे ओएनडीसी-सक्षम क्रेता मंचों पर व्यापारी, पार्सल पिकअप, बुकिंग, ट्रांसमिशन और डिलीवरी के लिए डाक विभाग का चयन कर सकते हैं, जो अपने देशव्यापी पोस्टल नेटवर्क के जरिए सेवा प्रदान करने में सक्षम है।
वर्तमान समय में डाक विभाग ओएनडीसी पर "क्लिक एंड बुक" मॉडल के साथ लाइव है। इस मॉडल के अंतर्गत, विक्रेता डिजिटल रूप से पिकअप अनुरोध तैयार कर सकते हैं, लॉजिस्टिक्स पार्टनर के रूप में डाक विभाग को चुन सकते हैं, और अपने यहां से पार्सल कलेक्ट करवा सकते हैं। डाक पिकअप के समय कलेक्ट किया जाता है, और कंसाइनमेंट को डाक विभाग के तकनीकी सक्षम रसद प्रणाली का इस्तेमाल करके इंडक्ट, ट्रैक और डिलीवर किया जाता है।
मंत्रालय ने बताया, अपनी अतुलनीय पहुंच, लोक सेवा की विश्वसनीय विरासत और बढ़ती डिजिटल क्षमताओं के साथ, ओएनडीसी पर रसद सेवा प्रदाता के तौर पर डाक विभाग के शामिल होने से डिजिटल ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय पारिस्थितिकी काफी मजबूत होगी और पूरे देश में लघु, मध्यम उद्यमी और छोटे विक्रेताओं की समावेशी भागीदारी संभव होगी।