इंडोनेशिया भूकंप: 7.7 तीव्रता के झटकों में 54 की मौत, 12,000 से अधिक विस्थापित
सारांश
मुख्य बातें
इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा (एनटीटी) प्रांत में शनिवार, 16 अगस्त को आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 54 हो गई है। देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) ने सोमवार, 18 अगस्त को यह जानकारी दी। सैकड़ों लोग घायल हैं और राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
भूकंप का केंद्र और प्रारंभिक चेतावनी
भूकंप का केंद्र नगेकेओ रीजेंसी के म्बाय शहर से करीब 30 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 15 किलोमीटर की गहराई पर था। शनिवार तड़के आए इस भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने वापस ले लिया। एजेंसी के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में भूकंप के बाद के झटके लगातार महसूस किए जा रहे हैं।
तबाही का पैमाना
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, भूकंप से 914 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 126 मकानों को मध्यम और 317 को मामूली नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा 93 शैक्षणिक संस्थानों, 36 स्वास्थ्य केंद्रों और 38 सरकारी कार्यालयों को भी नुकसान हुआ है। रविवार तक 12,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके थे।
मंगगराई क्षेत्रीय अस्पताल को भी नुकसान पहुँचा है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएँ बाधित हुई हैं। इसके विकल्प के रूप में गोलो दुकाल स्टेडियम में एक फील्ड अस्पताल तैयार किया जा रहा है।
राहत और बचाव अभियान
बीएनपीबी प्रमुख सुहारयांतो ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। दूरदराज के क्षेत्रों तक सहायता पहुँचाने के लिए थल, जल और हवाई परिवहन के साधन लगाए गए हैं। राहत अभियान में 11 विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। सिका रीजेंसी के पालेउ द्वीप जैसे दुर्गम इलाकों में विशेष रूप से राहत पहुँचाई जा रही है।
प्रांतीय गवर्नर मेल्की लाका लेना ने बताया कि कुछ सड़कें भूस्खलन के कारण कट गई हैं या मलबे से अवरुद्ध हो गई हैं। भूकंप के बाद प्रांत में कई उड़ानें भी रद्द करनी पड़ीं।
आपातकाल घोषित
पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत की सरकार ने 15 से 28 अगस्त तक 14 दिनों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया स्थिति घोषित की है। प्रांतीय सरकार के आदेश के अनुसार, यह कदम राहत एवं बचाव कार्यों, लोगों की निकासी, सहायता सामग्री के वितरण और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास को गति देने के लिए उठाया गया है।
आगे की स्थिति
बचाव दल अब भी मलबे की जाँच, घायलों की मदद और नुकसान के आकलन में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब इंडोनेशिया — जो 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है — पहले से ही भूकंप-प्रवण क्षेत्र के रूप में जाना जाता है और यहाँ बार-बार बड़े भूकंप आते रहे हैं। अधिकारी जान-माल के नुकसान का आकलन जारी रखे हुए हैं और मृतक संख्या में और बदलाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।