27 जुलाई 2026
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इंदौर के पटेल ब्रिज पर नगर निगम टैंकर बेकाबू, कई वाहनों से टक्कर; चार घायल, चालक फरार

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इंदौर के पटेल ब्रिज पर नगर निगम टैंकर बेकाबू, कई वाहनों से टक्कर; चार घायल, चालक फरार

सारांश

इंदौर के पटेल ब्रिज पर नगर निगम का पानी का टैंकर ब्रेक फेल होने से बेकाबू हो गया और कई वाहनों को रौंदता चला गया। चार लोग घायल हुए, चालक मौके से फरार है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम के वाहनों की खराब रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

इंदौर के पटेल ब्रिज पर 11 जून की दोपहर नगर निगम का पानी का टैंकर बेकाबू होकर कई वाहनों से टकराया।
हादसे में चार लोग घायल , सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में ब्रेक फेल होना हादसे का संभावित कारण।
चालक ने टैंकर को फुटपाथ से टकराकर रोका, जिससे बड़ा हादसा टला।
दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार ; पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू की।
पुलिस ने टैंकर जब्त किया, मैकेनिकल निरीक्षण के आदेश दिए।

इंदौर के पटेल ब्रिज पर गुरुवार, 11 जून की दोपहर एक नगर निगम का पानी का टैंकर अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और उसने तीन से चार कारों तथा दो मोटरसाइकिलों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे का मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि टैंकर के ब्रेक फेल होने के कारण यह दुर्घटना हुई। ढलान पर उतरते समय चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद टैंकर ने पुल पर खड़े और चलते वाहनों को एक के बाद एक टक्कर मारी। अचानक हुई इस दुर्घटना से मौके पर भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चालक ने स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए टैंकर को सड़क किनारे फुटपाथ की ओर मोड़ने का प्रयास किया। फुटपाथ से टकराने के बाद टैंकर रुक गया, जिससे और अधिक वाहनों को नुकसान पहुँचने से बचाया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि चालक ने यह कदम नहीं उठाया होता, तो हादसा कहीं अधिक भीषण हो सकता था।

भीड़ का गुस्सा और पुलिस की कार्रवाई

हादसे के तुरंत बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और आक्रोश में आकर टैंकर में तोड़फोड़ कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और भीड़ को नियंत्रित किया। टक्कर से कई वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर शीशे बिखर जाने से करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।

चालक फरार, मामला दर्ज

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस उसकी सक्रिय तलाश कर रही है। पुलिस ने टैंकर जब्त कर लिया है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए उसका मैकेनिकल निरीक्षण कराया जाएगा।

नागरिकों का नगर निगम पर सवाल

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि खराब मैकेनिकल स्थिति वाले वाहन को शहर की व्यस्त सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। आलोचकों का कहना है कि नगर निगम के बेड़े में शामिल वाहनों की नियमित तकनीकी जाँच न होना इस तरह के हादसों की जड़ है। मैकेनिकल निरीक्षण की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी अनुपालन अक्सर कमज़ोर रहता है। व्यस्त शहरी पुल पर इस तरह की दुर्घटना यह भी उजागर करती है कि भारी सरकारी वाहनों के लिए रूट-रिस्क आकलन जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। जब तक जवाबदेही केवल चालक तक सीमित रहेगी और वाहन रखरखाव की ज़िम्मेदारी तय नहीं होगी, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर पटेल ब्रिज टैंकर हादसा क्या है?
11 जून को इंदौर के पटेल ब्रिज पर नगर निगम का एक पानी का टैंकर ब्रेक फेल होने के कारण बेकाबू हो गया और उसने तीन से चार कारों व दो मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम चार लोग घायल हुए।
हादसे में कितने लोग घायल हुए और उनकी स्थिति कैसी है?
हादसे में कम से कम चार लोग घायल हुए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
टैंकर के बेकाबू होने का कारण क्या बताया जा रहा है?
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में ब्रेक फेल होना हादसे का संभावित कारण सामने आया है। ढलान पर उतरते समय चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। पुष्टि के लिए टैंकर का मैकेनिकल निरीक्षण कराया जाएगा।
टैंकर चालक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश जारी है।
इस हादसे के बाद नगर निगम पर क्या सवाल उठे हैं?
स्थानीय निवासियों और आलोचकों ने आरोप लगाया है कि खराब मैकेनिकल स्थिति वाले वाहन को शहर की व्यस्त सड़कों पर चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। नगर निगम के वाहन बेड़े की नियमित तकनीकी जाँच न होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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