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क्या युद्धपोत 'आईएनएस त्रिकंद' ग्रीस पहुँच गया है?

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क्या युद्धपोत 'आईएनएस त्रिकंद' ग्रीस पहुँच गया है?

सारांश

भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद अब ग्रीस के समुद्री क्षेत्र में है। यह पहला द्विपक्षीय समुद्री सैन्य अभ्यास भारत और ग्रीस के बीच आयोजित करने जा रहा है, जो दोनों देशों की नौसेनाओं की अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ावा देगा।

मुख्य बातें

आईएनएस त्रिकंद ग्रीस पहुँच गया है।
यह भारत और ग्रीस के बीच पहला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है।
इस अभ्यास का उद्देश्य युद्ध कौशल को परिष्कृत करना है।
बंदरगाह पर कई गतिविधियाँ आयोजित होंगी।
यह अभ्यास दोनों देशों की नौसेना के संचालनात्मक सामंजस्य को बढ़ाएगा।

नई दिल्ली, १४ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना ने भूमध्य सागर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट (युद्धपोत) आईएनएस त्रिकंद अपनी भूमध्य सागर तैनाती के तहत ग्रीस के समुद्री क्षेत्र सलामिस की खाड़ी (बे) पहुँच गया है।

नौसेना के अनुसार, इस यात्रा के दौरान भारत और ग्रीस के बीच पहली बार एक द्विपक्षीय समुद्री सैन्य अभ्यास का आयोजन किया जाएगा।

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं द्वारा अपने युद्ध कौशल को और अधिक परिष्कृत करना है। इस नौसेनिक अभ्यास से भारत और ग्रीस की नौसेना की अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही दोनों सेनाओं के बीच संचालनात्मक सामंजस्य को भी मजबूत किया जा सकेगा।

इस दौरान बंदरगाह पर कई गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी। सलामिस बे में पोर्ट कॉल के समय, आईएनएस त्रिकंद कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में भाग लेगा। यहाँ दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ चर्चा होगी।

भारतीय युद्धपोत पर स्थानीय विशिष्ट व्यक्तियों की क्रॉस-डेक विजिट का भी आयोजन होगा। सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा जिससे नौसेना के साथ-साथ सामान्य नागरिकों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।

पोर्ट कॉल के बाद, युद्धपोत त्रिकंद का समुद्री चरण आयोजित होगा, जिसमें दोनों नौसेनाएं संयुक्त रूप से विभिन्न समुद्री अभियानों का अभ्यास करेंगी। अभ्यास के पूर्ण होने के बाद, आईएनएस त्रिकंद क्षेत्र में अपनी तैनाती के अगले चरण की ओर रवाना होगा।

इससे पहले, भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर पहुँच चुका था। इस भारतीय युद्धपोत ने मिस्र में आयोजित बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लिया। इस अभ्यास में भारत, अमेरिका, और मिस्र के अलावा सऊदी अरब, कतर, ग्रीस, साइप्रस, और इटली की सेनाओं ने भी भाग लिया।

नौसेना के अनुसार, अपनी भूमध्य सागर में परिचालन तैनाती के दौरान, यह युद्धपोत मिस्र के बंदरगाह में तैनात था। आईएनएस त्रिकंद ने यहाँ १० सितंबर तक आयोजित हुए बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास ब्राइट स्टार २०२५ में भाग लिया था।

इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के साथ भारतीय थल सेना और भारतीय वायु सेना की टुकड़ियाँ भी शामिल थीं। इसके बाद अब यह युद्धपोत ग्रीस पहुँच गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारतीय नौसेना की यह तैनाती न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी बढ़ावा देती है। ग्रीस के साथ यह अभ्यास हमारे समुद्री रणनीति को और मजबूत करेगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस त्रिकंद कब ग्रीस पहुँचा?
आईएनएस त्रिकंद १४ सितंबर को ग्रीस के सलामिस की खाड़ी में पहुँचा।
इस अभ्यास का उद्देश्य क्या है?
इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं द्वारा युद्ध कौशल को परिष्कृत करना है।
आईएनएस त्रिकंद ने पहले कहाँ तैनात था?
आईएनएस त्रिकंद इससे पहले मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पर तैनात था।
राष्ट्र प्रेस
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