इंटरपोल ने गैंगस्टर प्रिंस खान के सहयोगी 'मेजर' को दुबई में पकड़कर धनबाद लाया

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इंटरपोल ने गैंगस्टर प्रिंस खान के सहयोगी 'मेजर' को दुबई में पकड़कर धनबाद लाया

सारांश

गैंगस्टर प्रिंस खान के करीबी शैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी झारखंड पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता है। उसे इंटरपोल की मदद से दुबई से लाया गया है। इस गिरफ्तारी से प्रिंस खान के नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण खुलासे संभव हैं।

Key Takeaways

  • इंटरपोल द्वारा मेजर की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
  • प्रिंस खान का नेटवर्क अब कमजोर हो सकता है।
  • मेजर के पास गिरोह के कई राज होने की संभावना है।
  • झारखंड पुलिस की जांच में मजबूती आई है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह एक चेतावनी है।

धनबाद, १९ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में आतंक का प्रतीक बन चुके गैंगस्टर प्रिंस खान के करीबी सहयोगी शैफी उर्फ मेजर को इंटरपोल की सहायता से गिरफ्तार किया गया है। मेजर की गिरफ्तारी झारखंड पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उसे विदेश से भारत लाने के बाद रविवार को कोलकाता एयरपोर्ट लाया गया, जहां से झारखंड पुलिस की विशेष टीम उसे कड़ी सुरक्षा के साथ धनबाद ले जा रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सैफी उर्फ मेजर गिरोह का मुख्य संचालक था। वह प्रिंस खान के निर्देश पर व्यापारियों और आम नागरिकों को धमकी भरे ऑडियो और वीडियो संदेश भेजता था। मेजर की भूमिका गिरोह की सभी गतिविधियों को डिजिटल माध्यमों से संचालित करने में महत्वपूर्ण थी।

पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क, फंडिंग और प्रिंस खान के ठिकानों के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। झारखंड के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर प्रिंस खान के संबंध में सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है। लगभग चार साल पहले दुबई भागने के बाद और इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बावजूद वह अब तक पुलिस के पकड़ से दूर है।

नवीनतम खुफिया इनपुट के अनुसार, प्रिंस खान ने अपना ठिकाना दुबई से बदलकर अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थानांतरित कर लिया है। वह वहीं से रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर के बड़े व्यापारियों को वर्चुअल नंबरों के माध्यम से रंगदारी के लिए धमकी देता है। वासेपुर की गलियों से अपराध की शुरुआत करने वाला प्रिंस खान अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है।

पाकिस्तान से गतिविधियों को अंजाम देने की जानकारी के बाद झारखंड पुलिस अब उसे ‘आतंकवादी’ घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि प्रिंस खान के सिंडिकेट को न केवल अपराधी, बल्कि कई 'व्हाइट कॉलर' लोग और जमीन के कारोबारी भी समर्थन दे रहे हैं।

मेजर की गिरफ्तारी को प्रिंस खान के साम्राज्य के अंत की शुरुआत माना जा रहा है। धनबाद पुलिस के साथ-साथ राज्य के अन्य जिलों की पुलिस भी मेजर को रिमांड पर लेने की तैयारी में है, जहां-जहां उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि प्रिंस खान के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।

Point of View

जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है। यह घटना कानून व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

शैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी कब हुई?
शैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी १९ अप्रैल को हुई।
इंटरपोल ने मेजर को क्यूं गिरफ्तार किया?
इंटरपोल ने मेजर को प्रिंस खान के गिरोह के साथ जुड़े अपराधों के चलते गिरफ्तार किया।
प्रिंस खान कहां छिपा है?
प्रिंस खान अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में छिपा है।
पुलिस को मेजर से क्या जानकारी मिलने की उम्मीद है?
पुलिस को उम्मीद है कि मेजर से गिरोह के नेटवर्क और फंडिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।
क्या मेजर की गिरफ्तारी का प्रभाव पड़ेगा?
हां, मेजर की गिरफ्तारी प्रिंस खान के गिरोह को कमजोर कर सकती है।
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