यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद: यूके प्रतिबंधों पर इजरायल का कड़ा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल ने 9 सितंबर 2026 को पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास (कांसुलेट) को बंद करने का आदेश दे दिया — यह कदम ब्रिटेन द्वारा इजरायली बस्तियों से आने वाली वस्तुओं पर व्यापक व्यापार प्रतिबंध लगाए जाने के सीधे जवाब में उठाया गया है। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि इस निर्णय पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ पहले ही चर्चा और समन्वय हो चुका था। दोनों देशों के बीच पहले से जारी कूटनीतिक तनाव इस ताज़ा घटनाक्रम के बाद और गहरा हो गया है।
विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला
ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो सेक्रेटरी एड मिलिबैंड ने वेस्ट बैंक में कुछ यहूदी बसने वालों की हिंसक गतिविधियों को 'जातीय सफाया' करार दिया था। इसके बाद ब्रिटेन ने इजरायली बस्तियों से आने वाले उन उत्पादों पर व्यापक प्रतिबंध लगाए जिन्हें वह 'अवैध' मानता है। इजरायल ने इसे अपनी संप्रभुता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप बताते हुए जवाबी कार्रवाई की।
इजरायल की जवाबी कार्रवाई: मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्री सार ने कई मोर्चों पर एक साथ जवाबी उपायों की घोषणा की। पूर्वी यरुशलम के शेख जर्राह इलाके में स्थित ब्रिटिश कांसुलेट को बंद करने का आदेश दिया गया। यह कांसुलेट मुख्य रूप से गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और यरुशलम से जुड़े फिलिस्तीनी मामलों का संचालन करता था।
उल्लेखनीय है कि तेल अवीव स्थित ब्रिटिश दूतावास — जहाँ ब्रिटेन के राजदूत का कार्यालय है — इस आदेश से अलग है और उस पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है।
ब्रिटिश सांसदों पर प्रवेश प्रतिबंध
सार ने कई ब्रिटिश सांसदों के इजरायल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की। इनमें पूर्व लेबर पार्टी नेता जेरेमी कॉर्बिन, योर पार्टी की सांसद जारा सुल्ताना, लेबर सांसद डायने एबॉट, नाज शाह, जॉन मैकडॉनेल और रिचर्ड बर्गोन, तथा ग्रीन पार्टी की सांसद हन्ना स्पेंसर, कार्ला डेनेयर, सियान बेरी और एली चोन्स शामिल हैं। ये सभी मुख्यतः वामपंथी विचारधारा से जुड़े नेता हैं।
राजनयिक और सुरक्षा सहयोग पर असर
इजरायली सरकार ने यह भी घोषणा की कि वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण में ब्रिटेन की दीर्घकालिक भूमिका समाप्त कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, ब्रिटेन को अमेरिका के नेतृत्व वाले गाजा समन्वय मिशन से भी बाहर किया जाएगा — यह मिशन इजरायल में स्थित है और संघर्ष से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के समन्वय का कार्य करता है।
सार का बयान: संप्रभुता और कूटनीतिक रुख
सार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'संयुक्त यरुशलम इजरायल की राजधानी है और उस पर इजरायल की पूरी संप्रभुता है।' उन्होंने आगे कहा, 'इस क्षेत्र में किसी भी विदेशी गतिविधि को तय नियमों और सहमत प्रक्रियाओं के तहत ही चलाया जाना चाहिए और इजरायल की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।'
ब्रिटेन की लेबर सरकार पर निशाना साधते हुए सार ने कहा, 'इजरायल को ब्रिटिश जनता से कोई शिकायत नहीं है। हम जानते हैं कि ब्रिटेन में हमारे कई दोस्त हैं। दुर्भाग्य से, वहाँ एक ऐसी लेबर सरकार सत्ता में है जो लगातार इजरायल के खिलाफ कदम उठा रही है, और उसने हमें अपनी इन शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों का जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया है।'
यह ऐसे समय में आया है जब गाजा संघर्ष को लेकर इजरायल और कई यूरोपीय देशों के बीच पहले से ही कूटनीतिक दूरियाँ बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद की दिशा और तेवर पर सबकी नज़र रहेगी।