9 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद: यूके प्रतिबंधों पर इजरायल का कड़ा जवाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद: यूके प्रतिबंधों पर इजरायल का कड़ा जवाब

सारांश

ब्रिटेन के बस्ती-उत्पाद प्रतिबंधों और 'जातीय सफाया' टिप्पणी के जवाब में इजरायल ने पूर्वी यरुशलम का ब्रिटिश कांसुलेट बंद कर दिया, दस से अधिक ब्रिटिश सांसदों पर प्रवेश प्रतिबंध लगाया और ब्रिटेन को गाजा समन्वय मिशन से बाहर किया — दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संकट गहरा गया है।

मुख्य बातें

इजरायल ने 9 सितंबर 2026 को पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद करने का आदेश दिया।
विदेश मंत्री गिदोन सार ने जेरेमी कॉर्बिन सहित कई ब्रिटिश सांसदों के इजरायल प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया।
वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण में ब्रिटेन की दीर्घकालिक भूमिका समाप्त की जाएगी।
ब्रिटेन को अमेरिका के नेतृत्व वाले गाजा समन्वय मिशन से भी बाहर किया जाएगा।
यह कदम ब्रिटेन द्वारा इजरायली बस्तियों के उत्पादों पर 'अवैध' बताते हुए व्यापार प्रतिबंध और 'जातीय सफाया' टिप्पणी के जवाब में उठाया गया।
सार ने कहा कि इस प्रतिक्रिया पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ पहले ही समन्वय हो चुका था।

इजरायल ने 9 सितंबर 2026 को पूर्वी यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास (कांसुलेट) को बंद करने का आदेश दे दिया — यह कदम ब्रिटेन द्वारा इजरायली बस्तियों से आने वाली वस्तुओं पर व्यापक व्यापार प्रतिबंध लगाए जाने के सीधे जवाब में उठाया गया है। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि इस निर्णय पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ पहले ही चर्चा और समन्वय हो चुका था। दोनों देशों के बीच पहले से जारी कूटनीतिक तनाव इस ताज़ा घटनाक्रम के बाद और गहरा हो गया है।

विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला

ब्रिटेन के ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो सेक्रेटरी एड मिलिबैंड ने वेस्ट बैंक में कुछ यहूदी बसने वालों की हिंसक गतिविधियों को 'जातीय सफाया' करार दिया था। इसके बाद ब्रिटेन ने इजरायली बस्तियों से आने वाले उन उत्पादों पर व्यापक प्रतिबंध लगाए जिन्हें वह 'अवैध' मानता है। इजरायल ने इसे अपनी संप्रभुता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप बताते हुए जवाबी कार्रवाई की।

इजरायल की जवाबी कार्रवाई: मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्री सार ने कई मोर्चों पर एक साथ जवाबी उपायों की घोषणा की। पूर्वी यरुशलम के शेख जर्राह इलाके में स्थित ब्रिटिश कांसुलेट को बंद करने का आदेश दिया गया। यह कांसुलेट मुख्य रूप से गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और यरुशलम से जुड़े फिलिस्तीनी मामलों का संचालन करता था।

उल्लेखनीय है कि तेल अवीव स्थित ब्रिटिश दूतावास — जहाँ ब्रिटेन के राजदूत का कार्यालय है — इस आदेश से अलग है और उस पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है।

ब्रिटिश सांसदों पर प्रवेश प्रतिबंध

सार ने कई ब्रिटिश सांसदों के इजरायल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की। इनमें पूर्व लेबर पार्टी नेता जेरेमी कॉर्बिन, योर पार्टी की सांसद जारा सुल्ताना, लेबर सांसद डायने एबॉट, नाज शाह, जॉन मैकडॉनेल और रिचर्ड बर्गोन, तथा ग्रीन पार्टी की सांसद हन्ना स्पेंसर, कार्ला डेनेयर, सियान बेरी और एली चोन्स शामिल हैं। ये सभी मुख्यतः वामपंथी विचारधारा से जुड़े नेता हैं।

राजनयिक और सुरक्षा सहयोग पर असर

इजरायली सरकार ने यह भी घोषणा की कि वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण में ब्रिटेन की दीर्घकालिक भूमिका समाप्त कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, ब्रिटेन को अमेरिका के नेतृत्व वाले गाजा समन्वय मिशन से भी बाहर किया जाएगा — यह मिशन इजरायल में स्थित है और संघर्ष से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के समन्वय का कार्य करता है।

सार का बयान: संप्रभुता और कूटनीतिक रुख

सार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'संयुक्त यरुशलम इजरायल की राजधानी है और उस पर इजरायल की पूरी संप्रभुता है।' उन्होंने आगे कहा, 'इस क्षेत्र में किसी भी विदेशी गतिविधि को तय नियमों और सहमत प्रक्रियाओं के तहत ही चलाया जाना चाहिए और इजरायल की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।'

ब्रिटेन की लेबर सरकार पर निशाना साधते हुए सार ने कहा, 'इजरायल को ब्रिटिश जनता से कोई शिकायत नहीं है। हम जानते हैं कि ब्रिटेन में हमारे कई दोस्त हैं। दुर्भाग्य से, वहाँ एक ऐसी लेबर सरकार सत्ता में है जो लगातार इजरायल के खिलाफ कदम उठा रही है, और उसने हमें अपनी इन शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों का जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया है।'

यह ऐसे समय में आया है जब गाजा संघर्ष को लेकर इजरायल और कई यूरोपीय देशों के बीच पहले से ही कूटनीतिक दूरियाँ बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद की दिशा और तेवर पर सबकी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित संदेश है — कि वह यूरोपीय दबाव को अब उसी मुद्रा में लौटाने की स्थिति में है। गौरतलब है कि पूर्वी यरुशलम कांसुलेट का बंद होना फिलिस्तीनी मामलों में ब्रिटेन की व्यावहारिक भूमिका को सीधे कमज़ोर करता है, जो महज प्रतीकात्मक नहीं है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि ब्रिटिश सांसदों पर प्रवेश प्रतिबंध लोकतांत्रिक संवाद को बाधित करता है और दीर्घकालिक कूटनीति को नुकसान पहुँचाता है। असली सवाल यह है कि क्या इस टकराव से गाजा में मानवीय सहायता समन्वय प्रभावित होगा — और उसकी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ेगी।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायल ने यरुशलम में ब्रिटिश कांसुलेट क्यों बंद किया?
इजरायल ने यह कदम ब्रिटेन द्वारा इजरायली बस्तियों के उत्पादों पर व्यापार प्रतिबंध लगाने और ब्रिटिश मंत्री द्वारा वेस्ट बैंक की हिंसा को 'जातीय सफाया' कहने के जवाब में उठाया। विदेश मंत्री गिदोन सार ने इसे ब्रिटेन की 'शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों' का जवाब बताया।
पूर्वी यरुशलम का ब्रिटिश कांसुलेट क्या काम करता था?
शेख जर्राह इलाके में स्थित यह कांसुलेट मुख्य रूप से गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और यरुशलम से जुड़े फिलिस्तीनी मामलों का संचालन करता था। तेल अवीव स्थित ब्रिटिश दूतावास — जहाँ राजदूत का कार्यालय है — इससे अलग है।
किन ब्रिटिश सांसदों पर इजरायल में प्रवेश प्रतिबंध लगाया गया है?
इजरायल ने जेरेमी कॉर्बिन, डायने एबॉट, नाज शाह, जॉन मैकडॉनेल, रिचर्ड बर्गोन, जारा सुल्ताना, हन्ना स्पेंसर, कार्ला डेनेयर, सियान बेरी और एली चोन्स समेत कई ब्रिटिश सांसदों पर प्रवेश प्रतिबंध की घोषणा की है। ये मुख्यतः वामपंथी विचारधारा से जुड़े नेता हैं।
इस विवाद का गाजा समन्वय मिशन पर क्या असर पड़ेगा?
इजरायल ने घोषणा की है कि ब्रिटेन को अमेरिका के नेतृत्व वाले गाजा समन्वय मिशन से बाहर किया जाएगा। यह मिशन इजरायल में स्थित है और संघर्ष से जुड़ी गतिविधियों के समन्वय का काम करता है, जिससे मानवीय सहायता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इजरायल यरुशलम को लेकर क्या रुख रखता है?
इजरायल यरुशलम को अपनी 'अविभाजित राजधानी' मानता है और शहर पर किसी भी विदेशी गतिविधि को अपनी संप्रभुता के अधीन मानता है। विदेश मंत्री सार ने स्पष्ट कहा कि यहाँ किसी भी विदेशी उपस्थिति को सहमत प्रक्रियाओं के तहत ही संचालित होना होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले