क्या जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद गहलोत ने उठाए सवाल?

सारांश
Key Takeaways
- जगदीप धनखड़ का इस्तीफा और लापता होना एक बड़ा सवाल है।
- राजनीतिक बयानबाजी में पारदर्शिता आवश्यक है।
- अशोक गहलोत ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
- भाजपा पर आरोप है कि वह धनखड़ को छिपा रही है।
जयपुर, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे ने कांग्रेस पार्टी को केंद्र सरकार के खिलाफ और अधिक आक्रामक बना दिया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने सोमवार को इस संदर्भ में कई गंभीर सवाल उठाए।
गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "धनखड़ ने शाम 5 बजे तक उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और रात 8 बजे इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वे पूरी तरह गायब हो गए। न तो मीडिया में, न ही सार्वजनिक मंच पर और न ही उपराष्ट्रपति भवन में, किसी को नहीं पता कि वे कहां हैं।" उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार धनखड़ से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।
गहलोत ने आगे कहा, "यह केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरा देश और दुनिया के लिए चिंता का विषय है। यह एक अनोखा मामला है, जहां इतने उच्च पद से इस्तीफा देने वाला व्यक्ति अचानक लापता हो गया।"
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि न तो धनखड़ ने इस्तीफे का कारण स्पष्ट किया और न ही सरकार ने कोई स्पष्टीकरण दिया।
गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने धनखड़ के इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य बताया था।
गहलोत ने कटाक्ष करते हुए कहा, "अगर स्वास्थ्य ही कारण है, तो क्या कोई मंत्री, प्रधानमंत्री या अन्य नेता उनसे मिलने गए? क्या किसी ने उनका हालचाल लिया? यह तो केवल जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।"
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या धनखड़ किसी दबाव में थे, जिसके कारण यह नया 'जुमला' गढ़ा गया।
गहलोत ने कहा, "पूरा राजस्थान और देश पूछ रहा है कि हमारे धनखड़ जी कहां हैं? उनकी गुमशुदगी ने कई सवाल खड़े किए हैं।"
इससे पहले, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए भाजपा पर धनखड़ को छिपाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "यह निश्चित रूप से एक सवाल है कि वह कहां हैं। वह हमारे उपराष्ट्रपति थे। जब नए उपराष्ट्रपति का नामांकन हुआ, तो वह वहां उपस्थित नहीं थे। मुझे लगता है कि चुनाव होने तक वह दिखाई नहीं देंगे क्योंकि उनके बयान चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि वह कुछ बहुत ही खतरनाक कहना चाहते हैं, लेकिन भाजपा ने उन्हें छिपा रखा है।"