क्या शेखपुरा में जल-जीवन-हरियाली दिवस का आयोजन सफल रहा?

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क्या शेखपुरा में जल-जीवन-हरियाली दिवस का आयोजन सफल रहा?

सारांश

बिहार के शेखपुरा में जल-जीवन-हरियाली दिवस का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य जल-संरक्षण और हरियाली में वृद्धि है। मंत्री श्रवण कुमार ने इस कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर चर्चा की। जानें इस अभियान के बारे में और अधिक जानकारी।

Key Takeaways

  • जल-संरक्षण का महत्व
  • वृक्षारोपण की आवश्यकता
  • जलवायु परिवर्तन से लड़ने के उपाय
  • सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता
  • सरकारी प्रयासों की सराहना

शेखपुरा, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के शेखपुरा में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत 6 जनवरी को जल-जीवन-हरियाली दिवस का आयोजन हुआ। इस दिवस का मुख्य लक्ष्य जल-संरक्षण, हरियाली में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन से निपटना है, जिसमें तालाबों और कुओं का जीर्णोद्धार और पौधारोपण जैसे कार्य शामिल हैं।

यह बिहार सरकार का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जो 2019 में आरंभ हुआ था, और इसके परिणामस्वरूप भूजल स्तर में सुधार और हरित आवरण में वृद्धि देखने को मिली है।

उप विकास आयुक्त ने जिले में जल-जीवन-हरियाली अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले में सार्वजनिक कुओं, चापाकलों एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं के आसपास सोख्ता का निर्माण किया जा रहा है। भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की गई है, एवं नए जल स्रोतों का निर्माण भी हो रहा है। जिले में एकड़ भूमि में टपकन सिंचाई की जा रही है।

अपर समाहर्ता (जांच), शेखपुरा द्वारा यह बताया गया कि जल-जीवन-हरियाली दिवस के तहत जो कार्यक्रम आयोजित होते हैं, उनमें पौधा देकर सम्मानित किया जाता है। जल और हवा हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हम दो तालाबों का निर्माण कर चुके हैं, और तालाब के जल से खेतों की सिंचाई की जाती है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में जल-जीवन-हरियाली अभियान के कार्यों को समय पर पूरा करें।

उन्होंने चेताया कि जिले में भूजल स्तर लगातार घटता जा रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। इसके समाधान के लिए हमें वृक्षारोपण को अधिक से अधिक बढ़ावा देना होगा। हाल ही में हमने अपने कार्यालयों और अन्य स्थलों पर वृक्षारोपण किया है, जिसकी देखभाल आवश्यक है। भवन निर्माण विभाग को नए भवनों के निर्माण में वर्षा जल संचयन की संरचना और लोक स्वास्थ्य कार्य प्रमंडल, शेखपुरा द्वारा नए चापाकलों के निर्माण के साथ-साथ सोख्ता निर्माण का कार्य अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया है।

अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा ने बताया कि इस जल-जीवन-हरियाली अभियान को सफल बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया कि इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। आम जनता में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाएं। पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि स्वच्छ हवा प्राप्त हो सके।

इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण विकास विभाग, पटना, एवं प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्रवण कुमार ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। जल-जीवन-हरियाली दिवस की प्रतियोगिता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों में निखिल कुमार ने पहला स्थान, राजनंदनी कुमारी ने दूसरा स्थान और आलोकिक रंजन ने तीसरा पुरस्कार प्राप्त किया।

Point of View

बल्कि यह हमारे पर्यावरण के लिए भी एक सकारात्मक कदम है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। बिहार सरकार का यह कदम सराहनीय है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकता है।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

जल-जीवन-हरियाली दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य जल-संरक्षण, हरियाली में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन से निपटना है।
इस अभियान की शुरुआत कब हुई थी?
इस अभियान की शुरुआत 2019 में बिहार सरकार द्वारा की गई थी।
इस कार्यक्रम में बच्चों को कैसे पुरस्कृत किया गया?
जल-जीवन-हरियाली दिवस की प्रतियोगिता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को पौधा देकर सम्मानित किया गया।
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