अग्निमित्रा पॉल का दावा: 4 महीने में 2,800 टॉयलेट, 21 किमी सीवरेज नेटवर्क दुरुस्त — कोलकाता में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 8 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में नगरपालिका इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने केवल चार महीनों में 2,500 से 2,800 सार्वजनिक शौचालय तैयार किए हैं और लगभग 21 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क को दुरुस्त किया है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री पॉल ने बताया कि शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 2.2 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन का नवीनीकरण किया गया है। इसके अलावा 28 पोर्टेबल बायो-टॉयलेट भी शहर में तैनात किए गए हैं। उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के दौरान बनाए गए करीब 2,200 टॉयलेट की तुलना में मौजूदा सरकार की उपलब्धि को बेहतर बताया।
पिंक टॉयलेट और महिला सुविधाएँ
मंत्री ने बड़ी संख्या में पिंक टॉयलेट स्थापित करने की घोषणा की, जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए डिज़ाइन की गई सुविधाएँ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले कई स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध न होने के बावजूद खुले में पेशाब करने पर लोगों पर जुर्माना लगाया जाता था — अब सरकार का ज़ोर पहले सुविधाएँ देने पर है।
सफाई और स्वास्थ्य से जुड़े प्रयास
बेहाला और शहर के पश्चिमी हिस्से में कॉम्पैक्टर लगाए गए हैं। मंत्री पॉल ने डेंगू मॉनिटरिंग, कचरे के पृथक्करण और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। शहर की झीलों और तालाबों को सुंदर बनाने की भी बात कही गई, ताकि नागरिक मॉर्निंग वॉक और इवनिंग वॉक का लाभ उठा सकें।
खेल सुविधाएँ और शहरी विकास
मंत्री ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर बास्केटबॉल, फुटबॉल, टेनिस और वॉलीबॉल कोर्ट जैसी सुविधाएँ विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विभिन्न विभागों में बेहतर कार्य करने का प्रयास जारी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर पूछे गए सवाल पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि उन्हें इसे लेकर कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की जनता ने TMC को नकार दिया है और पार्टी की राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाया। पॉल ने पुलवामा, बालाकोट, बाटला हाउस और शेख शाहजहां की गिरफ्तारी से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने कई मौकों पर भारत के हितों के विरुद्ध बयान दिए हैं। ये सभी आरोप TMC की ओर से प्रमुख रूप से अस्वीकार किए जाते रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नगरपालिका प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा हुआ है और कोलकाता में बुनियादी सुविधाओं को लेकर नागरिकों में असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। आने वाले महीनों में इन दावों की ज़मीनी सच्चाई की पड़ताल होगी।