दुर्गा पूजा से पहले बंगाल में शहरी कायाकल्प: 37 परियोजनाओं का मेगा रोडमैप तैयार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने 9 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद अगले दो वर्षों में 37 शहरी विकास परियोजनाओं को पूरा करने का मेगा रोडमैप प्रस्तुत किया। दुर्गा पूजा से ठीक पहले आयोजित इस बैठक में नगर निगमों, विकास एजेंसियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को एक साझा मंच पर लाया गया। सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं के साथ साथ 'कचरा ही धन है' मॉडल के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नया रूप देने की योजना भी इस रोडमैप का हिस्सा है।
बैठक का स्वरूप और अहमियत
राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि इस बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, मुख्य सचिव और राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकाय (ULB) ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने कहा, "इतने सालों में कभी किसी मंत्री या मुख्यमंत्री को शहरी विकास विभाग में आकर बैठक लेते हुए नहीं देखा।" बैठक में कोलकाता नगर निगम (KMC), बिधाननगर नगर निगम (BMC) और कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KMDA) के अधिकारी भी उपस्थित थे।
37 परियोजनाओं में क्या है खास
मंत्री अग्निमित्रा पॉल के अनुसार, विभाग ने इन 37 परियोजनाओं पर एक विस्तृत पुस्तिका तैयार की है जो मुख्यमंत्री को सौंपी गई। इन परियोजनाओं में बस स्टैंड निर्माण, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण, हॉकरों का पुनर्वास और आवारा पशुओं के प्रबंधन की व्यवस्था शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
कचरा प्रबंधन: 'वेस्ट इज वेल्थ' मॉडल
पॉल ने कहा कि शहरों में वर्षों से जमा पुराने कचरे को 2027 तक पूरी तरह हटाने की योजना है। इसके बाद ताज़े कचरे से बायो गैस और बायो मैन्योर उत्पादन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने पिछली सरकार पर कचरा प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इस दिशा में पहले कभी गंभीर प्रयास नहीं हुए। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
सांस्कृतिक पुनर्जीवन: अल्पना से सड़कों का सौंदर्यीकरण
शहरी विकास के साथ साथ सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की भी कोशिश की जा रही है। पार्क सर्कस में एक विशाल अल्पना (बंगाली शुभ चित्रकला) बनाई जा रही है। पॉल ने कहा कि उसी पार्क सर्कस में, जहाँ कथित तौर पर पहले विवादास्पद आंदोलन हुए थे, आज "मातृ आराधना" का वातावरण तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा गरियाहाट ब्रिज से गोलपार्क तक और रेड रोड पर विशेष थीम पेंटिंग की जा रही है। KMDA के अधीन आने वाले पुलों को भी पूजा या दिवाली से पहले सजाने का लक्ष्य रखा गया है।
आगे की राह
राज्य सरकार का कहना है कि यह सिर्फ त्योहारी सजावट नहीं, बल्कि दीर्घकालिक शहरी नियोजन का हिस्सा है। पूजा के दौरान स्वच्छता, यातायात और बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। मंत्री ने भरोसा जताया कि उनकी टीम अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगी।