10 अक्टूबर 2026
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दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल में डेंगू का प्रकोप: 22 हॉटस्पॉट चिह्नित, अक्टूबर के पहले हफ्ते में 1,100 मामले

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दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल में डेंगू का प्रकोप: 22 हॉटस्पॉट चिह्नित, अक्टूबर के पहले हफ्ते में 1,100 मामले

सारांश

दुर्गा पूजा से ऐन पहले पश्चिम बंगाल में डेंगू का उछाल — अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही 1,100 मामले और 22 इलाके हॉटस्पॉट घोषित। कुल संख्या 2025 से कम, लेकिन रफ़्तार चिंताजनक। लाखों की भीड़ वाले पंडाल संक्रमण के जोखिम को और बढ़ा सकते हैं।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में 14 ग्राम पंचायतों और 8 शहरी निकायों को डेंगू हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।
अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में अकेले लगभग 1,100 नए डेंगू मामले दर्ज किए गए।
सितंबर 2026 में 3,948 नए मामले आए — यह हालिया उछाल की शुरुआत थी।
7 अक्टूबर 2026 तक कुल मामले 10,177 — 2025 की इसी अवधि के 12,652 से कम, पर रफ़्तार चिंताजनक।
सबसे अधिक प्रभावित जिले: मुर्शिदाबाद , कोलकाता , उत्तर 24 परगना , दक्षिण 24 परगना , नदिया ।
KMC के 6 , HMC के 3 और BMC के 4 वार्ड संवेदनशील क्षेत्रों में चिह्नित।

पश्चिम बंगाल के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डेंगू संक्रमण की दर में अचानक आई तेज़ी ने दुर्गा पूजा 2026 से ठीक पहले राज्य प्रशासन को सतर्क कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में 14 ग्राम पंचायतों और 8 शहरी निकायों — जिनमें 3 नगर निगम और 5 नगरपालिकाएँ शामिल हैं — को डेंगू हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में अकेले लगभग 1,100 नए मामले सामने आए हैं, जो इस मौसमी उछाल की गंभीरता को दर्शाता है।

हॉटस्पॉट कहाँ-कहाँ हैं

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 14 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश मुर्शिदाबाद जिले में हैं, जबकि शेष दक्षिण 24 परगना, नदिया, जलपाईगुड़ी, बीरभूम और हुगली जिलों में फैली हुई हैं। शहरी क्षेत्र में तीन प्रमुख नगर निगमों — कोलकाता नगर निगम (KMC), बिधाननगर नगर निगम (BMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) — के कुछ वार्डों में भी संक्रमण की रफ़्तार में वृद्धि दर्ज की गई है।

अधिकारी ने बताया कि KMC के 6, HMC के 3 और BMC के 4 वार्डों में पिछले एक महीने में नए मामलों में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई। संवेदनशील नगरपालिका क्षेत्रों में नदिया जिले की चकदाह और उत्तर 24 परगना की दमदम, दक्षिण दमदम, कमारहाटी तथा बारानगर नगरपालिकाएँ शामिल हैं।

मामलों की संख्या: 2025 बनाम 2026

राज्य स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2025 तक पश्चिम बंगाल में 12,652 डेंगू मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में उसी अवधि तक कुल 10,177 मामले सामने आए हैं — यानी कुल संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कम है। हालाँकि, यह आँकड़ा राहत देने वाला नहीं है, क्योंकि सितंबर 2026 में अकेले 3,948 नए मामले दर्ज किए गए, और अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही लगभग 1,100 मामले आ गए।

गौरतलब है कि यह बढ़ोतरी उस समय हो रही है जब दुर्गा पूजा के दौरान लाखों लोग सार्वजनिक पंडालों में एकत्र होते हैं — जो मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बारिश का मौसम अभी पूरी तरह नहीं गया और खड़े पानी में मच्छरों की संख्या चरम पर है।

सबसे अधिक प्रभावित जिले

इस वर्ष डेंगू के सर्वाधिक मामले मुर्शिदाबाद, कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली, हावड़ा, मालदा और पूर्वी बर्दवान से आए हैं। इनमें से अधिकांश जिले घनी आबादी वाले हैं और त्योहार के दौरान पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही इन्हें और संवेदनशील बना देती है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने स्वीकार किया कि कुल मामलों की संख्या पिछले साल से कम होने के बावजूद हालिया उछाल प्रशासन के लिए चिंता का केंद्र बना हुआ है। अधिकारी ने कहा, 'इस साल मामलों की कुल संख्या कम होने के बावजूद चिंता की बात संक्रमण के मामलों में हालिया बढ़ोतरी है।' हॉटस्पॉट क्षेत्रों में फॉगिंग, लार्विसाइड छिड़काव और जागरूकता अभियान तेज़ करने के निर्देश जारी किए गए बताए जा रहे हैं।

आगे की राह

दुर्गा पूजा के दौरान सामूहिक जनसमूह को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ आग्रह कर रहे हैं कि लोग पंडालों के आसपास जल-संचय न होने दें, पूरी बाँह के कपड़े पहनें और मच्छर-निरोधक उपाय अपनाएँ। यदि आने वाले दिनों में संक्रमण की रफ़्तार इसी तरह रही, तो त्योहार के बाद नवंबर में मामलों में और तेज़ी की आशंका स्वास्थ्य अधिकारियों को सता रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो त्योहारी भीड़ के साथ और खतरनाक हो सकती है। मुर्शिदाबाद और घनी बस्तियों में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य ढाँचे की कमज़ोरी हर साल सामने आती है, फिर भी स्थायी समाधान की बजाय हर बार फॉगिंग पर निर्भरता चिंताजनक नीतिगत जड़ता को दर्शाती है। दुर्गा पूजा के बाद के हफ्तों में मामलों की संख्या इस मौसम का असली परीक्षण होगी।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में डेंगू हॉटस्पॉट कौन-से इलाके हैं?
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने 14 ग्राम पंचायतों और 8 शहरी निकायों को हॉटस्पॉट घोषित किया है। अधिकांश ग्राम पंचायतें मुर्शिदाबाद में हैं, जबकि शहरी हॉटस्पॉट में KMC, HMC और BMC के कुल 13 वार्ड तथा चकदाह, दमदम, दक्षिण दमदम, कमारहाटी और बारानगर नगरपालिकाएँ शामिल हैं।
2026 में पश्चिम बंगाल में अब तक कितने डेंगू मामले आए हैं?
स्वास्थ्य विभाग के आँकड़ों के अनुसार 7 अक्टूबर 2026 तक कुल 10,177 मामले दर्ज हुए हैं। तुलना के लिए, 2025 में इसी अवधि तक 12,652 मामले थे — यानी कुल संख्या कम है, लेकिन अक्टूबर के पहले हफ्ते में 1,100 मामलों की रफ़्तार चिंताजनक है।
दुर्गा पूजा के दौरान डेंगू का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
दुर्गा पूजा पंडालों में लाखों लोगों की भीड़ जुटती है और बारिश के बाद खड़े पानी में मच्छरों की संख्या चरम पर होती है। इन दोनों कारकों का संयोजन डेंगू फैलाने वाले एडीज़ मच्छर के प्रसार के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बना देता है।
डेंगू से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ पूरी बाँह के कपड़े पहनने, मच्छर-निरोधक उत्पादों के उपयोग और घर व आसपास पानी जमा न होने देने की सलाह दे रहे हैं। पंडाल क्षेत्रों में जल-संचय पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है।
पश्चिम बंगाल का स्वास्थ्य विभाग डेंगू हॉटस्पॉट में क्या कदम उठा रहा है?
अधिकारियों के अनुसार हॉटस्पॉट क्षेत्रों में फॉगिंग, लार्विसाइड छिड़काव और जागरूकता अभियान तेज़ करने के निर्देश जारी किए गए हैं। 22 चिह्नित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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