पश्चिम बंगाल में डेंगू से मौतें 2026 में घटीं, अगस्त तक 7 मौतें; अक्टूबर-नवंबर 'उच्च जोखिम अवधि' घोषित
सारांश
मुख्य बातें
राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में अगस्त 2026 तक डेंगू से जुड़ी मौतों की संख्या 2024 और 2025 की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम रही है। मृत्यु समीक्षा समिति की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त के अंत तक कुल 10 मौतें दर्ज हुईं, जिनमें से 7 मामलों में डेंगू सीधे मृत्यु का कारण था, जबकि शेष 3 मामलों में मरीज डेंगू से पीड़ित तो थे, किंतु मृत्यु अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार, 28 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। बैठक में आने वाले महीनों में संक्रमण की संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए सभी एहतियाती उपायों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने अक्टूबर और नवंबर को डेंगू की दृष्टि से 'उच्च जोखिम अवधि' घोषित किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति नियंत्रण में होने के बावजूद विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है।
सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश
मुख्य सचिव अग्रवाल ने जोर देते हुए कहा कि केवल रिपोर्टें एकत्र करना पर्याप्त नहीं होगा। जिला प्रशासनों को सफाई अभियान, लार्वा विनाश कार्य और जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
निर्देशों में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को स्थिति की नियमित निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। यह बहु-विभागीय समन्वय दर्शाता है कि राज्य सरकार केवल स्वास्थ्य तंत्र तक सीमित न रहते हुए पंचायत और शहरी निकायों को भी सतर्क कर रही है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि डेंगू के मामले आमतौर पर मानसून के बाद के महीनों — खासकर सितंबर से नवंबर — में चरम पर होते हैं, जब रुके हुए पानी में एडीज़ मच्छरों का प्रजनन तेज होता है। ऐसे में राज्य का यह कदम समय पर है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पश्चिम बंगाल में 2026 के आंकड़े अपेक्षाकृत बेहतर जरूर हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मौसमी उछाल की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभी तक की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन अगले दो महीने निर्णायक होंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से घरों में और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की है। जागरूकता अभियानों को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
क्या होगा आगे
अक्टूबर और नवंबर को 'उच्च जोखिम अवधि' मानते हुए जिला स्तर पर निगरानी और फील्ड गतिविधियों में तेजी लाई जाएगी। मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, प्रत्यक्ष निगरानी और जमीनी हस्तक्षेप पर ध्यान केंद्रित रहेगा — न कि केवल कागजी रिपोर्टिंग पर। राज्य सरकार की कोशिश है कि 2026 में डेंगू मृत्यु दर पिछले वर्षों की तुलना में और भी कम रहे।