बांग्लादेश में डेंगू से सितंबर में 87 मौतें, इस साल का सबसे घातक महीना
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में डेंगू बुखार ने सितंबर 2026 में अब तक 87 लोगों की जान ले ली है, जो इस साल का सबसे अधिक मासिक मृत्यु आँकड़ा है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के आँकड़ों के अनुसार, 21 सितंबर को सुबह 8 बजे IST तक पिछले 24 घंटों में 6 और मौतें दर्ज हुईं, जिससे इस साल कुल मृत्यु संख्या बढ़कर 184 हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
DGHS के नवीनतम आँकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 1,593 नए संक्रमण सामने आने के बाद जनवरी 2026 से अब तक कन्फर्म मामलों की कुल संख्या 61,972 पर पहुँच गई है। अगस्त में 20,536 मामले दर्ज हुए थे, जबकि अकेले सितंबर के पहले 20 दिनों में 26,126 मामले सामने आ चुके हैं — यानी महज तीन हफ्तों में पूरे पिछले महीने से भी अधिक संक्रमण।
माह-वार मृत्यु का विवरण इस प्रकार है: जून में 13, जुलाई में 36, अगस्त में 43 और सितंबर में अब तक 87 मौतें। यह आँकड़ा साफ संकेत देता है कि बीमारी की रफ्तार हर महीने तेज होती जा रही है।
देशव्यापी फैलाव
बांग्लादेश के प्रमुख हिंदी दैनिक 'प्रोथोम आलो' की रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू अब देश के सभी 64 जिलों में फैल चुका है। एडीज मच्छरों से फैलने वाली यह वायरल बीमारी अब केवल राजधानी ढाका तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी तेज़ी से पैर पसार रही है। हर दिन सैकड़ों मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
डेंगू बुखार के प्रमुख लक्षणों में तेज़ बुखार, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में तीव्र दर्द, ग्रंथियों में सूजन, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा हो सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री एमए मुहित ने 9 सितंबर को ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में एक कार्यक्रम में कहा कि डेंगू के मामले पहले ही बढ़ने लगे हैं और सितंबर के अंतिम सप्ताह तथा अक्टूबर की शुरुआत में इसके चरम पर पहुँचने की आशंका है। सरकार ने इस महीने की शुरुआत में बीमारी को रोकने के लिए तीन महीने का अभियान शुरू किया है।
हालाँकि, 'प्रोथोम आलो' की रिपोर्ट के अनुसार, आलोचकों का कहना है कि सरकार की ओर से डेंगू रोकथाम के प्रति प्रतिबद्धता की कमी वर्षों से चली आ रही है और सबसे बड़ी कमज़ोरी विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल का अभाव रही है।
ऐतिहासिक संदर्भ
बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में इसकी गंभीरता और भौगोलिक विस्तार चिंताजनक रूप से बढ़ा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिससे स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव और बढ़ गया है। गौरतलब है कि 2023 में बांग्लादेश में डेंगू ने रिकॉर्ड तोड़ने वाले आँकड़े दर्ज कराए थे, और अब 2026 उसी राह पर दिखता है।
क्या होगा आगे
राज्य मंत्री की चेतावनी के अनुसार, आने वाले दो-तीन सप्ताह सबसे अधिक खतरनाक हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का आग्रह है कि नागरिक अपने घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें और मच्छर-रोधी उपाय अपनाएँ। सरकार का तीन महीने का अभियान कितना प्रभावी साबित होगा, यह आगे के आँकड़ों से स्पष्ट होगा।